दो घटी मुहूर्त · कोच्चि
गुरुवार, 1 अक्टूबर 202606:1418:16
दिनसूर्योदय से · 06:14
- 1Rudraप्रातः06:14 –07:02
- 2Ahiप्रातः07:02 –07:50
- 3Mitraप्रातः07:50 –08:38
- 4Pitriसंगव08:38 –09:26
- 5Vasuसंगव09:26 –10:14
- 6Varahaसंगव10:14 –11:02
- 7Vishvedevaमध्याह्न11:02 –11:51
- 8Vidhiअभिजितमध्याह्न11:51 –12:39
- 9Satamukhiमध्याह्न12:39 –13:27
- 10Puruhutaअपराह्न13:27 –14:15
- 11Vahiniविजयअपराह्न14:15 –15:03
- 12Naktanakaraअपराह्न15:03 –15:51
- 13Varunaसायाह्न15:51 –16:39
- 14Aryamanसायाह्न16:39 –17:28
- 15Bhagaसायाह्न17:28 –18:16
रातसूर्यास्त से · 18:16
- 1Girishaसायाह्न संध्याप्रदोष18:16 –19:04
- 2Ajapadaप्रदोष19:04 –19:51
- 3Ahirbudhnyaप्रदोष19:51 –20:39
- 4Pushyaरात्रि20:39 –21:27
- 5Ashviniरात्रि21:27 –22:15
- 6Yamaरात्रि22:15 –23:03
- 7Agniरात्रि23:03 –23:51
- 8Vidhatriमहानिशीथनिशीथ (मध्यरात्रि)23:51 –00:38, 2 अक्टू॰
- 9Kandaरात्रि00:38, 2 अक्टू॰ –01:26, 2 अक्टू॰
- 10Aditiरात्रि01:26, 2 अक्टू॰ –02:14, 2 अक्टू॰
- 11Jivaरात्रि02:14, 2 अक्टू॰ –03:02, 2 अक्टू॰
- 12Vishnuरात्रि03:02, 2 अक्टू॰ –03:50, 2 अक्टू॰
- 13Dyumadgadyutiरात्रि03:50, 2 अक्टू॰ –04:38, 2 अक्टू॰
- 14Brahmaब्रह्म मुहूर्तअरुणोदय (भोर)04:38, 2 अक्टू॰ –05:26, 2 अक्टू॰
- 15Samudraप्रातः संध्याअरुणोदय (भोर)05:26, 2 अक्टू॰ –06:13, 2 अक्टू॰
कोच्चि के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
दो घटी मुहूर्त
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, प्रत्येक पंद्रह मुहूर्तों की है और हर मुहूर्त दो घटी (लगभग 48 मिनट) का। प्रत्येक मुहूर्त का अपना देवता है; दिन का आठवाँ अभिजित है और रात का चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त।
इस दिन के लिए और
दो घटी मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर
दो घटी मुहूर्त क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, प्रत्येक पंद्रह मुहूर्तों की है और हर मुहूर्त दो घटी (लगभग 48 मिनट) का। प्रत्येक मुहूर्त का अपना देवता है; दिन का आठवाँ अभिजित है और रात का चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त।
कोच्चि में 1 अक्टूबर 2026 का दो घटी मुहूर्त क्या है?
सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:16।