चौघड़िया · वाराणसी

मंगलवार, 4 अगस्त 202605:2618:42

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ10:25 –12:04अमृत12:04 –13:43शुभ22:44 –00:04, 5 अग॰अमृत00:04, 5 अग॰ –01:25, 5 अग॰
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:26
  • रोगअनिष्ट05:26 –07:06
  • उद्वेगअशुभ07:06 –08:45वार वेला
  • चरसम08:45 –10:25
  • लाभलाभ10:25 –12:04
  • अमृतश्रेष्ठ12:04 –13:43
  • कालहानि13:43 –15:23काल वेला
  • शुभशुभ15:23 –17:02राहुकाल
  • रोगअनिष्ट17:02 –18:42
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:42
  • कालहानि18:42 –20:02
  • लाभलाभ20:02 –21:23काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ21:23 –22:44
  • शुभशुभ22:44 –00:04, 5 अग॰
  • अमृतश्रेष्ठ00:04, 5 अग॰ –01:25, 5 अग॰
  • चरसम01:25, 5 अग॰ –02:46, 5 अग॰
  • रोगअनिष्ट02:46, 5 अग॰ –04:06, 5 अग॰
  • कालहानि04:06, 5 अग॰ –05:27, 5 अग॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

वाराणसी में 4 अगस्त 2026 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:26 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:25–12:04, अमृत 12:04–13:43, शुभ 15:23–17:02। राहुकाल 15:23–17:02।

चौघड़िया — अन्य शहर