चौघड़िया · उदयपुर
बुधवार, 21 जुलाई 202705:5819:25
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- लाभलाभ05:58 –07:39
- अमृतश्रेष्ठ07:39 –09:20
- कालहानि09:20 –11:01काल वेला
- शुभशुभ11:01 –12:41
- रोगअनिष्ट12:41 –14:22वार वेलाराहुकाल
- उद्वेगअशुभ14:22 –16:03
- चरसम16:03 –17:44
- लाभलाभ17:44 –19:25
- उद्वेगअशुभ19:25 –20:44
- शुभशुभ20:44 –22:03
- अमृतश्रेष्ठ22:03 –23:22
- चरसम23:22 –00:42, 22 जुल॰
- रोगअनिष्ट00:42, 22 जुल॰ –02:01, 22 जुल॰
- कालहानि02:01, 22 जुल॰ –03:20, 22 जुल॰
- लाभलाभ03:20, 22 जुल॰ –04:39, 22 जुल॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ04:39, 22 जुल॰ –05:59, 22 जुल॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
उदयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
उदयपुर में 21 जुलाई 2027 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:58 से दिन के चौघड़िया: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ। शुभ: लाभ 05:58–07:39, अमृत 07:39–09:20, शुभ 11:01–12:41, लाभ 17:44–19:25। राहुकाल 12:41–14:22।