चौघड़िया · श्रीनगर

बुधवार, 3 मार्च 202706:5818:28

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ06:58 –08:24अमृत08:24 –09:50शुभ11:17 –12:43लाभ17:02 –18:28शुभ20:02 –21:35अमृत21:35 –23:09
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 06:58
  • लाभलाभ06:58 –08:24
  • अमृतश्रेष्ठ08:24 –09:50
  • कालहानि09:50 –11:17काल वेला
  • शुभशुभ11:17 –12:43
  • रोगअनिष्ट12:43 –14:09वार वेलाराहुकाल
  • उद्वेगअशुभ14:09 –15:36
  • चरसम15:36 –17:02
  • लाभलाभ17:02 –18:28
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:28
  • उद्वेगअशुभ18:28 –20:02
  • शुभशुभ20:02 –21:35
  • अमृतश्रेष्ठ21:35 –23:09
  • चरसम23:09 –00:42, 4 मार्च
  • रोगअनिष्ट00:42, 4 मार्च –02:16, 4 मार्च
  • कालहानि02:16, 4 मार्च –03:49, 4 मार्च
  • लाभलाभ03:49, 4 मार्च –05:23, 4 मार्चकाल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ05:23, 4 मार्च –06:56, 4 मार्च
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

श्रीनगर में 3 मार्च 2027 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 06:58 से दिन के चौघड़िया: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ। शुभ: लाभ 06:58–08:24, अमृत 08:24–09:50, शुभ 11:17–12:43, लाभ 17:02–18:28। राहुकाल 12:43–14:09।

चौघड़िया — अन्य शहर