चौघड़िया · श्रीनगर
रविवार, 14 फ़रवरी 202707:1718:13
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- उद्वेगअशुभ07:17 –08:39
- चरसम08:39 –10:01
- लाभलाभ10:01 –11:23
- अमृतश्रेष्ठ11:23 –12:45वार वेला
- कालहानि12:45 –14:07काल वेला
- शुभशुभ14:07 –15:29
- रोगअनिष्ट15:29 –16:51
- उद्वेगअशुभ16:51 –18:13राहुकाल
- शुभशुभ18:13 –19:51
- अमृतश्रेष्ठ19:51 –21:29
- चरसम21:29 –23:07
- रोगअनिष्ट23:07 –00:45, 15 फ़र॰
- कालहानि00:45, 15 फ़र॰ –02:23, 15 फ़र॰
- लाभलाभ02:23, 15 फ़र॰ –04:00, 15 फ़र॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ04:00, 15 फ़र॰ –05:38, 15 फ़र॰
- शुभशुभ05:38, 15 फ़र॰ –07:16, 15 फ़र॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
श्रीनगर में 14 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 07:17 से दिन के चौघड़िया: उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग। शुभ: लाभ 10:01–11:23, शुभ 14:07–15:29। राहुकाल 16:51–18:13।