चौघड़िया · राँची
बुधवार, 20 सितंबर 202805:3717:47
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- लाभलाभ05:37 –07:08
- अमृतश्रेष्ठ07:08 –08:39
- कालहानि08:39 –10:11काल वेला
- शुभशुभ10:11 –11:42
- रोगअनिष्ट11:42 –13:13वार वेलाराहुकाल
- उद्वेगअशुभ13:13 –14:44
- चरसम14:44 –16:16
- लाभलाभ16:16 –17:47
- उद्वेगअशुभ17:47 –19:16
- शुभशुभ19:16 –20:45
- अमृतश्रेष्ठ20:45 –22:13
- चरसम22:13 –23:42
- रोगअनिष्ट23:42 –01:11, 21 सित॰
- कालहानि01:11, 21 सित॰ –02:40, 21 सित॰
- लाभलाभ02:40, 21 सित॰ –04:08, 21 सित॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ04:08, 21 सित॰ –05:37, 21 सित॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
राँची में 20 सितंबर 2028 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:37 से दिन के चौघड़िया: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ। शुभ: लाभ 05:37–07:08, अमृत 07:08–08:39, शुभ 10:11–11:42, लाभ 16:16–17:47। राहुकाल 11:42–13:13।