चौघड़िया · राँची
शुक्रवार, 14 मई 202705:0818:23
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- चरसम05:08 –06:47
- लाभलाभ06:47 –08:27
- अमृतश्रेष्ठ08:27 –10:06वार वेला
- कालहानि10:06 –11:45काल वेलाराहुकाल
- शुभशुभ11:45 –13:25
- रोगअनिष्ट13:25 –15:04
- उद्वेगअशुभ15:04 –16:43
- चरसम16:43 –18:23
- रोगअनिष्ट18:23 –19:43
- कालहानि19:43 –21:04
- लाभलाभ21:04 –22:24काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ22:24 –23:45
- शुभशुभ23:45 –01:06, 15 मई
- अमृतश्रेष्ठ01:06, 15 मई –02:26, 15 मई
- चरसम02:26, 15 मई –03:47, 15 मई
- रोगअनिष्ट03:47, 15 मई –05:08, 15 मई
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
राँची में 14 मई 2027 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:08 से दिन के चौघड़िया: चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर। शुभ: लाभ 06:47–08:27, शुभ 11:45–13:25। राहुकाल 10:06–11:45।