चौघड़िया · राँची
मंगलवार, 17 मार्च 202605:5617:59
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- रोगअनिष्ट05:56 –07:26
- उद्वेगअशुभ07:26 –08:57वार वेला
- चरसम08:57 –10:27
- लाभलाभ10:27 –11:57
- अमृतश्रेष्ठ11:57 –13:28
- कालहानि13:28 –14:58काल वेला
- शुभशुभ14:58 –16:28राहुकाल
- रोगअनिष्ट16:28 –17:59
- कालहानि17:59 –19:28
- लाभलाभ19:28 –20:58काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ20:58 –22:27
- शुभशुभ22:27 –23:57
- अमृतश्रेष्ठ23:57 –01:26, 18 मार्च
- चरसम01:26, 18 मार्च –02:56, 18 मार्च
- रोगअनिष्ट02:56, 18 मार्च –04:25, 18 मार्च
- कालहानि04:25, 18 मार्च –05:55, 18 मार्च
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
राँची में 17 मार्च 2026 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:56 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:27–11:57, अमृत 11:57–13:28, शुभ 14:58–16:28। राहुकाल 14:58–16:28।