चौघड़िया · राँची
मंगलवार, 25 नवंबर 202506:0917:02
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- रोगअनिष्ट06:09 –07:31
- उद्वेगअशुभ07:31 –08:53वार वेला
- चरसम08:53 –10:14
- लाभलाभ10:14 –11:36
- अमृतश्रेष्ठ11:36 –12:57
- कालहानि12:57 –14:19काल वेला
- शुभशुभ14:19 –15:40राहुकाल
- रोगअनिष्ट15:40 –17:02
- कालहानि17:02 –18:40
- लाभलाभ18:40 –20:19काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ20:19 –21:57
- शुभशुभ21:57 –23:36
- अमृतश्रेष्ठ23:36 –01:15, 26 नव॰
- चरसम01:15, 26 नव॰ –02:53, 26 नव॰
- रोगअनिष्ट02:53, 26 नव॰ –04:32, 26 नव॰
- कालहानि04:32, 26 नव॰ –06:10, 26 नव॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
राँची में 25 नवंबर 2025 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:09 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:14–11:36, अमृत 11:36–12:57, शुभ 14:19–15:40। राहुकाल 14:19–15:40।