चौघड़िया · राँची

रविवार, 20 अप्रैल 202505:2418:12

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ08:36 –10:12शुभ13:24 –15:00शुभ18:12 –19:36अमृत19:36 –21:00शुभ03:59, 21 अप्रैल –05:23, 21 अप्रैल
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:24
  • उद्वेगअशुभ05:24 –07:00
  • चरसम07:00 –08:36
  • लाभलाभ08:36 –10:12
  • अमृतश्रेष्ठ10:12 –11:48वार वेला
  • कालहानि11:48 –13:24काल वेला
  • शुभशुभ13:24 –15:00
  • रोगअनिष्ट15:00 –16:36
  • उद्वेगअशुभ16:36 –18:12राहुकाल
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:12
  • शुभशुभ18:12 –19:36
  • अमृतश्रेष्ठ19:36 –21:00
  • चरसम21:00 –22:24
  • रोगअनिष्ट22:24 –23:47
  • कालहानि23:47 –01:11, 21 अप्रैल
  • लाभलाभ01:11, 21 अप्रैल –02:35, 21 अप्रैलकाल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ02:35, 21 अप्रैल –03:59, 21 अप्रैल
  • शुभशुभ03:59, 21 अप्रैल –05:23, 21 अप्रैल
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

राँची में 20 अप्रैल 2025 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:24 से दिन के चौघड़िया: उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग। शुभ: लाभ 08:36–10:12, शुभ 13:24–15:00। राहुकाल 16:36–18:12।

चौघड़िया — अन्य शहर