चौघड़िया · राँची

बुधवार, 4 दिसंबर 202406:1617:02

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ06:16 –07:36अमृत07:36 –08:57शुभ10:18 –11:39लाभ15:41 –17:02शुभ18:42 –20:21अमृत20:21 –22:00
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 06:16
  • लाभलाभ06:16 –07:36
  • अमृतश्रेष्ठ07:36 –08:57
  • कालहानि08:57 –10:18काल वेला
  • शुभशुभ10:18 –11:39
  • रोगअनिष्ट11:39 –13:00वार वेलाराहुकाल
  • उद्वेगअशुभ13:00 –14:21
  • चरसम14:21 –15:41
  • लाभलाभ15:41 –17:02
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 17:02
  • उद्वेगअशुभ17:02 –18:42
  • शुभशुभ18:42 –20:21
  • अमृतश्रेष्ठ20:21 –22:00
  • चरसम22:00 –23:39
  • रोगअनिष्ट23:39 –01:19, 5 दिस॰
  • कालहानि01:19, 5 दिस॰ –02:58, 5 दिस॰
  • लाभलाभ02:58, 5 दिस॰ –04:37, 5 दिस॰काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ04:37, 5 दिस॰ –06:16, 5 दिस॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

राँची में 4 दिसंबर 2024 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 06:16 से दिन के चौघड़िया: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ। शुभ: लाभ 06:16–07:36, अमृत 07:36–08:57, शुभ 10:18–11:39, लाभ 15:41–17:02। राहुकाल 11:39–13:00।

चौघड़िया — अन्य शहर