चौघड़िया · पुरी

बुधवार, 4 जून 202505:0718:23

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ05:07 –06:46अमृत06:46 –08:26शुभ10:06 –11:45लाभ16:44 –18:23शुभ19:44 –21:04अमृत21:04 –22:25
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:07
  • लाभलाभ05:07 –06:46
  • अमृतश्रेष्ठ06:46 –08:26
  • कालहानि08:26 –10:06काल वेला
  • शुभशुभ10:06 –11:45
  • रोगअनिष्ट11:45 –13:25वार वेलाराहुकाल
  • उद्वेगअशुभ13:25 –15:04
  • चरसम15:04 –16:44
  • लाभलाभ16:44 –18:23
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:23
  • उद्वेगअशुभ18:23 –19:44
  • शुभशुभ19:44 –21:04
  • अमृतश्रेष्ठ21:04 –22:25
  • चरसम22:25 –23:45
  • रोगअनिष्ट23:45 –01:06, 5 जून
  • कालहानि01:06, 5 जून –02:26, 5 जून
  • लाभलाभ02:26, 5 जून –03:46, 5 जूनकाल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ03:46, 5 जून –05:07, 5 जून
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

पुरी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

पुरी में 4 जून 2025 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:07 से दिन के चौघड़िया: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ। शुभ: लाभ 05:07–06:46, अमृत 06:46–08:26, शुभ 10:06–11:45, लाभ 16:44–18:23। राहुकाल 11:45–13:25।

चौघड़िया — अन्य शहर