चौघड़िया · मथुरा

शनिवार, 24 अप्रैल 202705:4718:49

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

शुभ07:24 –09:02अमृत15:33 –17:11शुभ21:33 –22:55अमृत22:55 –00:17, 25 अप्रैल
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:47
  • कालहानि05:47 –07:24काल वेला
  • शुभशुभ07:24 –09:02
  • रोगअनिष्ट09:02 –10:40राहुकाल
  • उद्वेगअशुभ10:40 –12:18
  • चरसम12:18 –13:55
  • लाभलाभ13:55 –15:33वार वेला
  • अमृतश्रेष्ठ15:33 –17:11
  • कालहानि17:11 –18:49काल वेला
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:49
  • लाभलाभ18:49 –20:11काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ20:11 –21:33
  • शुभशुभ21:33 –22:55
  • अमृतश्रेष्ठ22:55 –00:17, 25 अप्रैल
  • चरसम00:17, 25 अप्रैल –01:39, 25 अप्रैल
  • रोगअनिष्ट01:39, 25 अप्रैल –03:02, 25 अप्रैल
  • कालहानि03:02, 25 अप्रैल –04:24, 25 अप्रैल
  • लाभलाभ04:24, 25 अप्रैल –05:46, 25 अप्रैलकाल रात्रि
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

मथुरा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

मथुरा में 24 अप्रैल 2027 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:47 से दिन के चौघड़िया: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। शुभ: शुभ 07:24–09:02, अमृत 15:33–17:11। राहुकाल 09:02–10:40।

चौघड़िया — अन्य शहर