एकादशी 2036
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।
एकादशी की कथा और विधि पढ़ें- 9जन॰पौष पुत्रदा एकादशीबुधवार
- 23जन॰षट्तिला एकादशीबुधवार
- 8फ़र॰जया एकादशीशुक्रवार
- 22फ़र॰विजया एकादशीशुक्रवार
- 8मार्चआमलकी एकादशीशनिवार
- 23मार्चपापमोचनी एकादशीरविवार
- 7अप्रैलकामदा एकादशीसोमवार
- 22अप्रैलवरुथिनी एकादशीमंगलवार
- 6मईमोहिनी एकादशीमंगलवार
- 22मईअपरा एकादशीगुरुवार
- 4जूननिर्जला एकादशीबुधवार
- 20जूनयोगिनी एकादशीशुक्रवार
- 4जुल॰देवशयनी एकादशीशुक्रवार
- 19जुल॰कामिका एकादशीशनिवार
- 2अग॰श्रावण पुत्रदा एकादशीशनिवार
- 18अग॰अजा एकादशीसोमवार
- 1सित॰परिवर्तिनी एकादशीसोमवार
- 16सित॰इंदिरा एकादशीमंगलवार
- 1अक्टू॰पापांकुशा एकादशीबुधवार
- 15अक्टू॰रमा एकादशीबुधवार
- 30अक्टू॰प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीगुरुवार
- 14नव॰उत्पन्ना एकादशीशुक्रवार
- 29नव॰मोक्षदा एकादशीशनिवार
- 13दिस॰सफला एकादशीशनिवार
- 29दिस॰पौष पुत्रदा एकादशीसोमवार
प्रश्न-उत्तर
2036 में कितनी एकादशी हैं?
25 — पहली पौष पुत्रदा एकादशी (बुधवार, 9 जनवरी 2036), अंतिम पौष पुत्रदा एकादशी (29 दिसंबर 2036)।
एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।