एकादशी 2017
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।
एकादशी की कथा और विधि पढ़ें- 8जन॰पौष पुत्रदा एकादशीरविवार
- 23जन॰षट्तिला एकादशीसोमवार
- 7फ़र॰जया एकादशीमंगलवार
- 22फ़र॰विजया एकादशीबुधवार
- 8मार्चआमलकी एकादशीबुधवार
- 24मार्चपापमोचनी एकादशीशुक्रवार
- 7अप्रैलकामदा एकादशीशुक्रवार
- 22अप्रैलवरुथिनी एकादशीशनिवार
- 6मईमोहिनी एकादशीशनिवार
- 22मईअपरा एकादशीसोमवार
- 5जूननिर्जला एकादशीसोमवार
- 20जूनयोगिनी एकादशीमंगलवार
- 4जुल॰देवशयनी एकादशीमंगलवार
- 19जुल॰कामिका एकादशीबुधवार
- 3अग॰श्रावण पुत्रदा एकादशीगुरुवार
- 18अग॰अजा एकादशीशुक्रवार
- 2सित॰परिवर्तिनी एकादशीशनिवार
- 16सित॰इंदिरा एकादशीशनिवार
- 1अक्टू॰पापांकुशा एकादशीरविवार
- 15अक्टू॰रमा एकादशीरविवार
- 31अक्टू॰प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीमंगलवार
- 14नव॰उत्पन्ना एकादशीमंगलवार
- 30नव॰मोक्षदा एकादशीगुरुवार
- 13दिस॰सफला एकादशीबुधवार
- 29दिस॰पौष पुत्रदा एकादशीशुक्रवार
प्रश्न-उत्तर
2017 में कितनी एकादशी हैं?
25 — पहली पौष पुत्रदा एकादशी (रविवार, 8 जनवरी 2017), अंतिम पौष पुत्रदा एकादशी (29 दिसंबर 2017)।
एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।