पंचांग · गुरुवार, 31 जनवरी 2030विशाखापत्तनम

पौष · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2086गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:30सूर्योदय17:51सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 00:34, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल
06:52 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3017:51
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:36 –15:01
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:30दिन17:51
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:51रात06:29
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    00:34, 1 फ़र॰ तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    22:56, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
  1. मूलस्वामी केतु
    06:52 तक
  2. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    05:43, 1 फ़र॰ तक
  3. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    04:49, 2 फ़र॰ तक
योग
  1. हर्षण
    17:05 तक
  2. वज्र
    14:28, 1 फ़र॰ तक
करण
  1. गर
    13:29 तक
  2. वणिज
    00:34, 1 फ़र॰ तक
  3. विष्टि
    11:43, 1 फ़र॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:30
बिंब मध्य 06:33
सूर्यास्त
17:51
बिंब मध्य 17:47
चंद्रोदय
04:12
चंद्रास्त
15:40
दिनमान
11h 21m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
धनु
11:28, 1 फ़र॰ तक
सूर्य राशि
मकर

चांद्र पंचांग

अमांत मास
पौष
पूर्णिमांत मास
माघ
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
हेमंत
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:49 –05:39
  • प्रातः संध्या05:14 –06:30
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:04 –14:50
  • गोधूलि मुहूर्त17:51 –18:17
  • सायाह्न संध्या17:51 –19:07
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 1 फ़र॰
  • अमृत काल01:09 –02:40, 1 फ़र॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:36 –15:01
  • यमगंड06:30 –07:55
  • गुलिक काल09:20 –10:45
  • दुर्मुहूर्त10:17 –11:02
  • दुर्मुहूर्त14:50 –15:35
  • वर्ज्य05:21 –06:52
  • वर्ज्य16:00 –17:32
  • गंड मूल06:30 –06:52
  • भद्रा00:34 –06:29, 1 फ़र॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:30 – 07:55
  • रोगअनिष्ट07:55 – 09:20
  • उद्वेगअशुभ09:20 – 10:45
  • चरसम10:45 – 12:11
  • लाभलाभ12:11 – 13:36
  • अमृतश्रेष्ठ13:36 – 15:01
  • कालहानि15:01 – 16:26
  • शुभशुभ16:26 – 17:51
रात
  • अमृतश्रेष्ठ17:51 – 19:26
  • चरसम19:26 – 21:01
  • रोगअनिष्ट21:01 – 22:36
  • कालहानि22:36 – 00:10
  • लाभलाभ00:10 – 01:45
  • उद्वेगअशुभ01:45 – 03:20
  • शुभशुभ03:20 – 04:55
  • अमृतश्रेष्ठ04:55 – 06:29

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:30–07:27
मंगल07:27–08:23
सूर्य08:23–09:20
शुक्र09:20–10:17
बुध10:17–11:14
चन्द्र11:14–12:11
शनि12:11–13:07
गुरु13:07–14:04
मंगल14:04–15:01
सूर्य15:01–15:58
शुक्र15:58–16:55
बुध16:55–17:51
रात
ग्रहसमय
चन्द्र17:51–18:55
शनि18:55–19:58
गुरु19:58–21:01
मंगल21:01–22:04
सूर्य22:04–23:07
शुक्र23:07–00:10
बुध00:10–01:14
चन्द्र01:14–02:17
शनि02:17–03:20
गुरु03:20–04:23
मंगल04:23–05:26
सूर्य05:26–06:29

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मूल 4 पद06:52 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद12:34 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद18:16 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद23:59 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद05:43, 1 फ़र॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद11:28, 1 फ़र॰ तक
सूर्य नक्षत्र
श्रवण 3 पद
ऋतु (दृक्)
शिशिर
ऋतु (वैदिक)
हेमंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
11h 21m
रात्रिमान
12h 38m
मध्याह्न
12:11

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मूल · 06:52 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्वाषाढ़ा · 05:43, 1 फ़र॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पाताल · 00:34, 1 फ़र॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 00:34, 1 फ़र॰ तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:30 –06:52
  • शुभ मुहूर्त06:52 –07:19
  • मृत्यु पंचक07:19 –08:57
  • अग्नि पंचक08:57 –10:33
  • शुभ मुहूर्त10:33 –12:17
  • मृत्यु पंचक12:17 –14:18
  • अग्नि पंचक14:18 –16:30
  • शुभ मुहूर्त16:30 –18:42
  • राज पंचक18:42 –20:49
  • शुभ मुहूर्त20:49 –22:55
  • चोर पंचक22:55 –00:34, 1 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त00:34 –01:05, 1 फ़र॰
  • रोग पंचक01:05 –03:19, 1 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त03:19 –05:25, 1 फ़र॰
  • मृत्यु पंचक05:25 –05:43, 1 फ़र॰
  • अग्नि पंचक05:43 –06:29, 1 फ़र॰

उदय लग्न

  • मकर05:29 –07:19
  • कुम्भ07:19 –08:57
  • मीन08:57 –10:33
  • मेष10:33 –12:17
  • वृषभ12:17 –14:18
  • मिथुन14:18 –16:30
  • कर्क16:30 –18:42
  • सिंह18:42 –20:49
  • कन्या20:49 –22:55
  • तुला22:55 –01:05, 1 फ़र॰
  • वृश्चिक01:05 –03:19, 1 फ़र॰
  • धनु03:19 –05:25, 1 फ़र॰
  • मकर05:25 –07:15, 1 फ़र॰

पंचांग · विशाखापत्तनम, 31 जनवरी 2030

गुरुवार, 31 जनवरी 2030 को विशाखापत्तनम में सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 17:51 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 1 फ़रवरी 00:34 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र मूल 06:52 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग हर्षण 17:05 तक, फिर वज्र; करण गर 13:29 तक, फिर वणिज। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मकर राशि में। राहुकाल 13:36–15:01, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33। मास माघ (पूर्णिमांत) / पौष (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विशाखापत्तनम में 31 जनवरी 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 1 फ़रवरी 00:34 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:30, विशाखापत्तनम)।

31 जनवरी 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल 06:52 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 1 फ़रवरी 11:28 तक।

विशाखापत्तनम में 31 जनवरी 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:36–15:01, यमगण्ड 06:30–07:55, गुलिक काल 09:20–10:45।

विशाखापत्तनम में 31 जनवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 17:51, चंद्रोदय 04:12 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 जनवरी 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:49–05:39। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

31 जनवरी 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

विशाखापत्तनम हिन्दू कैलेंडर जनवरी 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2773° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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