पंचांग · शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2024विशाखापत्तनम
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया05:31, 5 अक्टू॰ तक
- शुक्ल तृतीया07:50, 6 अक्टू॰ तक
- चित्रास्वामी मंगल18:38 तक
- स्वातीस्वामी राहु21:33, 5 अक्टू॰ तक
- वैधृति05:21, 5 अक्टू॰ तक
- विष्कुम्भ06:08, 6 अक्टू॰ तक
- बालव16:16 तक
- कौलव05:31, 5 अक्टू॰ तक
- तैतिल18:42, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:48बिंब मध्य 05:51
- सूर्यास्त
- 17:43बिंब मध्य 17:39
- चंद्रोदय
- 06:49
- चंद्रास्त
- 18:35
- दिनमान
- 11h 55m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- तुला17:33, 6 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:11 –05:00
- प्रातः संध्या04:36 –05:48
- अभिजित मुहूर्त11:22 –12:09
- विजय मुहूर्त13:45 –14:33
- गोधूलि मुहूर्त17:43 –18:07
- सायाह्न संध्या17:43 –18:56
- निशीथ मुहूर्त23:22 –00:10, 5 अक्टू॰
- अमृत काल11:24 –13:13
- राहु काल10:16 –11:46
- यमगंड14:44 –16:14
- गुलिक काल07:17 –08:47
- दुर्मुहूर्त08:11 –08:59
- दुर्मुहूर्त12:09 –12:57
- वर्ज्य00:55 –02:42, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- चरसम05:48 – 07:17
- लाभलाभ07:17 – 08:47
- अमृतश्रेष्ठ08:47 – 10:16
- कालहानि10:16 – 11:46
- शुभशुभ11:46 – 13:15
- रोगअनिष्ट13:15 – 14:44
- उद्वेगअशुभ14:44 – 16:14
- चरसम16:14 – 17:43
- रोगअनिष्ट17:43 – 19:14
- कालहानि19:14 – 20:44
- लाभलाभ20:44 – 22:15
- उद्वेगअशुभ22:15 – 23:46
- शुभशुभ23:46 – 01:16
- अमृतश्रेष्ठ01:16 – 02:47
- चरसम02:47 – 04:18
- रोगअनिष्ट04:18 – 05:48
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:48–06:48 |
| बुध | 06:48–07:47 |
| चन्द्र | 07:47–08:47 |
| शनि | 08:47–09:46 |
| गुरु | 09:46–10:46 |
| मंगल | 10:46–11:46 |
| सूर्य | 11:46–12:45 |
| शुक्र | 12:45–13:45 |
| बुध | 13:45–14:44 |
| चन्द्र | 14:44–15:44 |
| शनि | 15:44–16:44 |
| गुरु | 16:44–17:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:43–18:44 |
| सूर्य | 18:44–19:44 |
| शुक्र | 19:44–20:44 |
| बुध | 20:44–21:45 |
| चन्द्र | 21:45–22:45 |
| शनि | 22:45–23:46 |
| गुरु | 23:46–00:46 |
| मंगल | 00:46–01:47 |
| सूर्य | 01:47–02:47 |
| शुक्र | 02:47–03:47 |
| बुध | 03:47–04:48 |
| चन्द्र | 04:48–05:48 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- चित्रा 3 पद11:52 तक
- चित्रा 4 पद18:38 तक
- स्वाती 1 पद01:23, 5 अक्टू॰ तक
- स्वाती 2 पद08:07, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 55m
- रात्रिमान
- 12h 5m
- मध्याह्न
- 11:46
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 05:31, 5 अक्टू॰ तकपाताल
- शिववास
- गौरी के साथ · 05:31, 5 अक्टू॰ तकसभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:48 –06:45
- अग्नि पंचक06:45 –08:56
- शुभ मुहूर्त08:56 –11:09
- राज पंचक11:09 –13:16
- शुभ मुहूर्त13:16 –15:06
- चोर पंचक15:06 –16:44
- शुभ मुहूर्त16:44 –18:38
- चोर पंचक18:38 –20:04
- शुभ मुहूर्त20:04 –22:04
- रोग पंचक22:04 –00:17, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:17 –02:29, 5 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक02:29 –04:36, 5 अक्टू॰
- अग्नि पंचक04:36 –05:31, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:31 –05:48, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:40 –06:45
- तुला06:45 –08:56
- वृश्चिक08:56 –11:09
- धनु11:09 –13:16
- मकर13:16 –15:06
- कुम्भ15:06 –16:44
- मीन16:44 –18:19
- मेष18:19 –20:04
- वृषभ20:04 –22:04
- मिथुन22:04 –00:17, 5 अक्टू॰
- कर्क00:17 –02:29, 5 अक्टू॰
- सिंह02:29 –04:36, 5 अक्टू॰
- कन्या04:36 –06:42, 5 अक्टू॰
पंचांग · विशाखापत्तनम, 4 अक्टूबर 2024
शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2024 को विशाखापत्तनम में सूर्योदय 05:48 और सूर्यास्त 17:43 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 5 अक्टूबर 05:31 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र चित्रा 18:38 तक, फिर स्वाती; योग वैधृति 5 अक्टूबर 05:21 तक, फिर विष्कुम्भ; करण बालव 16:16 तक, फिर कौलव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:16–11:46, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:09। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।
इस दिन के बारे में प्रश्न
विशाखापत्तनम में 4 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 5 अक्टूबर 05:31 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:48, विशाखापत्तनम)।
4 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?
चित्रा 18:38 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा तुला राशि में 6 अक्टूबर 17:33 तक।
विशाखापत्तनम में 4 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:16–11:46, यमगण्ड 14:44–16:14, गुलिक काल 07:17–08:47।
विशाखापत्तनम में 4 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 17:43, चंद्रोदय 06:49 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:22–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 04:11–05:00। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
विशाखापत्तनम हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2029° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP