पंचांग · गुरुवार, 4 जुलाई 2024विशाखापत्तनम

ज्येष्ठ · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:27सूर्योदय18:36सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 05:54 तक
नक्षत्र
मृगशिरा
03:54, 5 जुल॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2718:36
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:40 –15:19
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:27दिन18:36
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
06:0008:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:36रात05:27
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    05:54 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    04:58, 5 जुल॰ तक
  3. अमावस्या
    04:27, 6 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. मृगशिरास्वामी मंगल
    03:54, 5 जुल॰ तक
  2. आर्द्रास्वामी राहु
    04:06, 6 जुल॰ तक
योग
  1. गण्ड
    06:59 तक
  2. वृद्धि
    05:13, 5 जुल॰ तक
  3. ध्रुव
    03:48, 6 जुल॰ तक
करण
  1. वणिज
    05:54 तक
  2. विष्टि
    17:23 तक
  3. शकुनि
    04:58, 5 जुल॰ तक
  4. चतुष्पाद
    16:39, 5 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:27
बिंब मध्य 05:30
सूर्यास्त
18:36
बिंब मध्य 18:32
चंद्रोदय
03:32
चंद्रास्त
17:21
दिनमान
13h 9m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
15:58 तक
सूर्य राशि
मिथुन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
ज्येष्ठ
पूर्णिमांत मास
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:00 –04:43
  • प्रातः संध्या04:22 –05:27
  • अभिजित मुहूर्त11:35 –12:28
  • विजय मुहूर्त14:13 –15:06
  • गोधूलि मुहूर्त18:36 –18:58
  • सायाह्न संध्या18:36 –19:41
  • निशीथ मुहूर्त23:40 –00:23, 5 जुल॰
  • अमृत काल19:11 –20:46
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:40 –15:19
  • यमगंड05:27 –07:06
  • गुलिक काल08:44 –10:23
  • दुर्मुहूर्त09:50 –10:43
  • दुर्मुहूर्त15:06 –15:58
  • वर्ज्य09:40 –11:15
  • भद्रा05:54 –17:23

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:27 – 07:06
  • रोगअनिष्ट07:06 – 08:44
  • उद्वेगअशुभ08:44 – 10:23
  • चरसम10:23 – 12:02
  • लाभलाभ12:02 – 13:40
  • अमृतश्रेष्ठ13:40 – 15:19
  • कालहानि15:19 – 16:58
  • शुभशुभ16:58 – 18:36
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:36 – 19:58
  • चरसम19:58 – 21:19
  • रोगअनिष्ट21:19 – 22:40
  • कालहानि22:40 – 00:02
  • लाभलाभ00:02 – 01:23
  • उद्वेगअशुभ01:23 – 02:44
  • शुभशुभ02:44 – 04:06
  • अमृतश्रेष्ठ04:06 – 05:27

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:27–06:33
मंगल06:33–07:38
सूर्य07:38–08:44
शुक्र08:44–09:50
बुध09:50–10:56
चन्द्र10:56–12:02
शनि12:02–13:07
गुरु13:07–14:13
मंगल14:13–15:19
सूर्य15:19–16:25
शुक्र16:25–17:31
बुध17:31–18:36
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:36–19:31
शनि19:31–20:25
गुरु20:25–21:19
मंगल21:19–22:13
सूर्य22:13–23:08
शुक्र23:08–00:02
बुध00:02–00:56
चन्द्र00:56–01:50
शनि01:50–02:44
गुरु02:44–03:39
मंगल03:39–04:33
सूर्य04:33–05:27

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मृगशिरा 1 पद10:02 तक
  • मृगशिरा 2 पद15:58 तक
  • मृगशिरा 3 पद21:55 तक
  • मृगशिरा 4 पद03:54, 5 जुल॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद09:55, 5 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 9m
रात्रिमान
10h 51m
मध्याह्न
12:02

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 15:58 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मृगशिरा · 03:54, 5 जुल॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण · 15:58 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 05:54 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:58, 5 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 05:54 तकश्मशान में · 04:58, 5 जुल॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:27 –05:54
  • चोर पंचक05:54 –06:22
  • शुभ मुहूर्त06:22 –08:35
  • रोग पंचक08:35 –10:42
  • शुभ मुहूर्त10:42 –12:47
  • मृत्यु पंचक12:47 –14:57
  • अग्नि पंचक14:57 –17:11
  • शुभ मुहूर्त17:11 –19:17
  • राज पंचक19:17 –21:08
  • शुभ मुहूर्त21:08 –22:45
  • चोर पंचक22:45 –00:21, 5 जुल॰
  • राज पंचक00:21 –02:06, 5 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त02:06 –03:54, 5 जुल॰
  • चोर पंचक03:54 –04:06, 5 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त04:06 –04:58, 5 जुल॰
  • रोग पंचक04:58 –05:27, 5 जुल॰

उदय लग्न

  • मिथुन04:10 –06:22
  • कर्क06:22 –08:35
  • सिंह08:35 –10:42
  • कन्या10:42 –12:47
  • तुला12:47 –14:57
  • वृश्चिक14:57 –17:11
  • धनु17:11 –19:17
  • मकर19:17 –21:08
  • कुम्भ21:08 –22:45
  • मीन22:45 –00:21, 5 जुल॰
  • मेष00:21 –02:06, 5 जुल॰
  • वृषभ02:06 –04:06, 5 जुल॰
  • मिथुन04:06 –06:18, 5 जुल॰

पंचांग · विशाखापत्तनम, 4 जुलाई 2024

गुरुवार, 4 जुलाई 2024 को विशाखापत्तनम में सूर्योदय 05:27 और सूर्यास्त 18:36 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 05:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र मृगशिरा 5 जुलाई 03:54 तक, फिर आर्द्रा; योग गण्ड 06:59 तक, फिर वृद्धि; करण वणिज 05:54 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 13:40–15:19, अभिजित मुहूर्त 11:35–12:28। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विशाखापत्तनम में 4 जुलाई 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 05:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:27, विशाखापत्तनम)।

4 जुलाई 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

मृगशिरा 5 जुलाई 03:54 तक, फिर आर्द्रा। चंद्रमा वृषभ राशि में 15:58 तक।

विशाखापत्तनम में 4 जुलाई 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:40–15:19, यमगण्ड 05:27–07:06, गुलिक काल 08:44–10:23।

विशाखापत्तनम में 4 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:27, सूर्यास्त 18:36, चंद्रोदय 03:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 जुलाई 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:35–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:00–04:43। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

विशाखापत्तनम हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1994° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP