पंचांग · शुक्रवार, 21 जुलाई 2028विजयवाड़ा

आषाढ़ · कृष्ण चतुर्दशी · विक्रम संवत 2085

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:45सूर्योदय18:43सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण · 11:18 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
06:43 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4518:43
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:37 –12:14
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:45दिन18:43
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:43रात05:45
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्दशी
    11:18 तक
  2. अमावस्या
    08:31, 22 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    06:43 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    04:49, 22 जुल॰ तक
  3. पुष्यस्वामी शनि
    02:35, 23 जुल॰ तक
योग
  1. हर्षण
    01:34, 22 जुल॰ तक
  2. वज्र
    22:02, 22 जुल॰ तक
करण
  1. शकुनि
    11:18 तक
  2. चतुष्पाद
    21:57 तक
  3. नाग
    08:31, 22 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:45
बिंब मध्य 05:48
सूर्यास्त
18:43
बिंब मध्य 18:39
चंद्रोदय
04:37
चंद्रास्त
18:06
दिनमान
12h 58m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मिथुन
23:20 तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:17 –05:01
  • प्रातः संध्या04:39 –05:45
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:40
  • विजय मुहूर्त14:23 –15:15
  • गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:05
  • सायाह्न संध्या18:43 –19:49
  • निशीथ मुहूर्त23:52 –00:36, 22 जुल॰
  • अमृत काल02:36 –04:05, 22 जुल॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:37 –12:14
  • यमगंड15:28 –17:06
  • गुलिक काल07:22 –08:59
  • दुर्मुहूर्त08:20 –09:12
  • दुर्मुहूर्त12:40 –13:32
  • वर्ज्य17:46 –19:14

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:45 – 07:22
  • लाभलाभ07:22 – 08:59
  • अमृतश्रेष्ठ08:59 – 10:37
  • कालहानि10:37 – 12:14
  • शुभशुभ12:14 – 13:51
  • रोगअनिष्ट13:51 – 15:28
  • उद्वेगअशुभ15:28 – 17:06
  • चरसम17:06 – 18:43
रात
  • रोगअनिष्ट18:43 – 20:06
  • कालहानि20:06 – 21:28
  • लाभलाभ21:28 – 22:51
  • उद्वेगअशुभ22:51 – 00:14
  • शुभशुभ00:14 – 01:37
  • अमृतश्रेष्ठ01:37 – 03:00
  • चरसम03:00 – 04:22
  • रोगअनिष्ट04:22 – 05:45

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:45–06:50
बुध06:50–07:54
चन्द्र07:54–08:59
शनि08:59–10:04
गुरु10:04–11:09
मंगल11:09–12:14
सूर्य12:14–13:19
शुक्र13:19–14:23
बुध14:23–15:28
चन्द्र15:28–16:33
शनि16:33–17:38
गुरु17:38–18:43
रात
ग्रहसमय
मंगल18:43–19:38
सूर्य19:38–20:33
शुक्र20:33–21:28
बुध21:28–22:24
चन्द्र22:24–23:19
शनि23:19–00:14
गुरु00:14–01:09
मंगल01:09–02:04
सूर्य02:04–03:00
शुक्र03:00–03:55
बुध03:55–04:50
चन्द्र04:50–05:45

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 4 पद06:43 तक
  • पुनर्वसु 1 पद12:17 तक
  • पुनर्वसु 2 पद17:49 तक
  • पुनर्वसु 3 पद23:20 तक
  • पुनर्वसु 4 पद04:49, 22 जुल॰ तक
  • पुष्य 1 पद10:17, 22 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुष्य 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 58m
रात्रिमान
11h 2m
मध्याह्न
12:14

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 23:20 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 06:43 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · 04:49, 22 जुल॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 23:20 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:18 तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 11:18 तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:45 –06:43
  • मृत्यु पंचक06:43 –07:39
  • अग्नि पंचक07:39 –09:45
  • शुभ मुहूर्त09:45 –11:18
  • राज पंचक11:18 –11:50
  • शुभ मुहूर्त11:50 –13:59
  • चोर पंचक13:59 –16:12
  • शुभ मुहूर्त16:12 –18:19
  • रोग पंचक18:19 –20:10
  • शुभ मुहूर्त20:10 –21:49
  • मृत्यु पंचक21:49 –23:25
  • रोग पंचक23:25 –01:11, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त01:11 –03:12, 22 जुल॰
  • मृत्यु पंचक03:12 –04:49, 22 जुल॰
  • अग्नि पंचक04:49 –05:24, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त05:24 –05:45, 22 जुल॰

उदय लग्न

  • कर्क05:28 –07:39
  • सिंह07:39 –09:45
  • कन्या09:45 –11:50
  • तुला11:50 –13:59
  • वृश्चिक13:59 –16:12
  • धनु16:12 –18:19
  • मकर18:19 –20:10
  • कुम्भ20:10 –21:49
  • मीन21:49 –23:25
  • मेष23:25 –01:11, 22 जुल॰
  • वृषभ01:11 –03:12, 22 जुल॰
  • मिथुन03:12 –05:24, 22 जुल॰
  • कर्क05:24 –07:36, 22 जुल॰

पंचांग · विजयवाड़ा, 21 जुलाई 2028

शुक्रवार, 21 जुलाई 2028 को विजयवाड़ा में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 11:18 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र आर्द्रा 06:43 तक, फिर पुनर्वसु; योग हर्षण 22 जुलाई 01:34 तक, फिर वज्र; करण शकुनि 11:18 तक, फिर चतुष्पाद। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 10:37–12:14, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:40। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विजयवाड़ा में 21 जुलाई 2028 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्दशी 11:18 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 05:45, विजयवाड़ा)।

21 जुलाई 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 06:43 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 23:20 तक।

विजयवाड़ा में 21 जुलाई 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:37–12:14, यमगण्ड 15:28–17:06, गुलिक काल 07:22–08:59।

विजयवाड़ा में 21 जुलाई 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:43, चंद्रोदय 04:37 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 जुलाई 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:17–05:01। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

विजयवाड़ा हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2560° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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