पंचांग · शनिवार, 30 नवंबर 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल षष्ठी18:03 तक
- शुक्ल सप्तमी16:48, 1 दिस॰ तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र13:22 तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल12:38, 1 दिस॰ तक
- ध्रुव17:53 तक
- व्याघात15:39, 1 दिस॰ तक
- कौलव06:57 तक
- तैतिल18:03 तक
- गर05:20, 1 दिस॰ तक
- वणिज16:48, 1 दिस॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:26बिंब मध्य 06:29
- सूर्यास्त
- 17:07बिंब मध्य 17:03
- चंद्रोदय
- 10:52
- चंद्रास्त
- 22:36
- दिनमान
- 10h 41m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मकर00:55, 1 दिस॰ तक
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- मार्गशीर्ष
- पूर्णिमांत मास
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- हेमंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:39 –05:33
- प्रातः संध्या05:06 –06:26
- अभिजित मुहूर्त11:25 –12:08
- विजय मुहूर्त13:34 –14:16
- गोधूलि मुहूर्त17:07 –17:34
- सायाह्न संध्या17:07 –18:27
- निशीथ मुहूर्त23:20 –00:14, 1 दिस॰
- अमृत काल02:33 –04:06, 1 दिस॰
- राहु काल09:06 –10:26
- यमगंड13:07 –14:27
- गुलिक काल06:26 –07:46
- दुर्मुहूर्त06:26 –07:09
- दुर्मुहूर्त07:09 –07:51
- वर्ज्य17:15 –18:48
चौघड़िया
- कालहानि06:26 – 07:46
- शुभशुभ07:46 – 09:06
- रोगअनिष्ट09:06 – 10:26
- उद्वेगअशुभ10:26 – 11:47
- चरसम11:47 – 13:07
- लाभलाभ13:07 – 14:27
- अमृतश्रेष्ठ14:27 – 15:47
- कालहानि15:47 – 17:07
- लाभलाभ17:07 – 18:47
- उद्वेगअशुभ18:47 – 20:27
- शुभशुभ20:27 – 22:07
- अमृतश्रेष्ठ22:07 – 23:47
- चरसम23:47 – 01:27
- रोगअनिष्ट01:27 – 03:07
- कालहानि03:07 – 04:47
- लाभलाभ04:47 – 06:26
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:26–07:19 |
| गुरु | 07:19–08:13 |
| मंगल | 08:13–09:06 |
| सूर्य | 09:06–10:00 |
| शुक्र | 10:00–10:53 |
| बुध | 10:53–11:47 |
| चन्द्र | 11:47–12:40 |
| शनि | 12:40–13:34 |
| गुरु | 13:34–14:27 |
| मंगल | 14:27–15:20 |
| सूर्य | 15:20–16:14 |
| शुक्र | 16:14–17:07 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 17:07–18:14 |
| चन्द्र | 18:14–19:21 |
| शनि | 19:21–20:27 |
| गुरु | 20:27–21:34 |
| मंगल | 21:34–22:40 |
| सूर्य | 22:40–23:47 |
| शुक्र | 23:47–00:54 |
| बुध | 00:54–02:00 |
| चन्द्र | 02:00–03:07 |
| शनि | 03:07–04:13 |
| गुरु | 04:13–05:20 |
| मंगल | 05:20–06:26 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- श्रवण 3 पद07:39 तक
- श्रवण 4 पद13:22 तक
- धनिष्ठा 1 पद19:07 तक
- धनिष्ठा 2 पद00:55, 1 दिस॰ तक
- धनिष्ठा 3 पद06:45, 1 दिस॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- अनुराधा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- हेमंत
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 41m
- रात्रिमान
- 13h 19m
- मध्याह्न
- 11:47
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण · 00:55, 1 दिस॰ तकपश्चिम
- अग्निवास
- पाताल · 18:03 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 18:03 तकभोजन में
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:26 –07:44
- रोग पंचक07:44 –09:48
- शुभ मुहूर्त09:48 –11:33
- मृत्यु पंचक11:33 –13:04
- अग्नि पंचक13:04 –13:22
- शुभ मुहूर्त13:22 –14:32
- मृत्यु पंचक14:32 –16:11
- अग्नि पंचक16:11 –18:03
- शुभ मुहूर्त18:03 –18:08
- राज पंचक18:08 –20:22
- शुभ मुहूर्त20:22 –22:40
- चोर पंचक22:40 –00:54, 1 दिस॰
- शुभ मुहूर्त00:54 –03:06, 1 दिस॰
- रोग पंचक03:06 –05:23, 1 दिस॰
- शुभ मुहूर्त05:23 –06:26, 1 दिस॰
उदय लग्न
- वृश्चिक05:27 –07:44
- धनु07:44 –09:48
- मकर09:48 –11:33
- कुम्भ11:33 –13:04
- मीन13:04 –14:32
- मेष14:32 –16:11
- वृषभ16:11 –18:08
- मिथुन18:08 –20:22
- कर्क20:22 –22:40
- सिंह22:40 –00:54, 1 दिस॰
- कन्या00:54 –03:06, 1 दिस॰
- तुला03:06 –05:23, 1 दिस॰
- वृश्चिक05:23 –07:40, 1 दिस॰
पंचांग · वाराणसी, 30 नवंबर 2030
शनिवार, 30 नवंबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 06:26 और सूर्यास्त 17:07 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 18:03 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र श्रवण 13:22 तक, फिर धनिष्ठा; योग ध्रुव 17:53 तक, फिर व्याघात; करण कौलव 06:57 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य वृश्चिक राशि में। राहुकाल 09:06–10:26, अभिजित मुहूर्त 11:25–12:08। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / मार्गशीर्ष (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 30 नवंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल षष्ठी 18:03 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 06:26, वाराणसी)।
30 नवंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
श्रवण 13:22 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 1 दिसंबर 00:55 तक।
वाराणसी में 30 नवंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:06–10:26, यमगण्ड 13:07–14:27, गुलिक काल 06:26–07:46।
वाराणसी में 30 नवंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:07, चंद्रोदय 10:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 नवंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:25–12:08, ब्रह्म मुहूर्त 04:39–05:33। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2889° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP