पंचांग · गुरुवार, 3 अक्टूबर 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल सप्तमी22:24 तक
- शुक्ल अष्टमी20:31, 4 अक्टू॰ तक
- मूलस्वामी केतु03:41, 4 अक्टू॰ तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र02:35, 5 अक्टू॰ तक
- सौभाग्य17:23 तक
- शोभन14:40, 4 अक्टू॰ तक
- गर11:27 तक
- वणिज22:24 तक
- विष्टि09:26, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:51बिंब मध्य 05:54
- सूर्यास्त
- 17:43बिंब मध्य 17:39
- चंद्रोदय
- 11:46
- चंद्रास्त
- 22:45
- दिनमान
- 11h 52m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- धनु08:21, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:14 –05:02
- प्रातः संध्या04:38 –05:51
- अभिजित मुहूर्त11:23 –12:11
- विजय मुहूर्त13:46 –14:33
- गोधूलि मुहूर्त17:43 –18:07
- सायाह्न संध्या17:43 –18:56
- निशीथ मुहूर्त23:23 –00:11, 4 अक्टू॰
- अमृत काल21:38 –23:09
- राहु काल13:16 –14:45
- यमगंड05:51 –07:20
- गुलिक काल08:49 –10:18
- दुर्मुहूर्त09:48 –10:36
- दुर्मुहूर्त14:33 –15:21
- वर्ज्य02:10 –03:41, 4 अक्टू॰
- गंड मूल05:51 –03:41, 4 अक्टू॰
- भद्रा22:24 –05:51, 4 अक्टू॰
चौघड़िया
- शुभशुभ05:51 – 07:20
- रोगअनिष्ट07:20 – 08:49
- उद्वेगअशुभ08:49 – 10:18
- चरसम10:18 – 11:47
- लाभलाभ11:47 – 13:16
- अमृतश्रेष्ठ13:16 – 14:45
- कालहानि14:45 – 16:14
- शुभशुभ16:14 – 17:43
- अमृतश्रेष्ठ17:43 – 19:14
- चरसम19:14 – 20:45
- रोगअनिष्ट20:45 – 22:16
- कालहानि22:16 – 23:47
- लाभलाभ23:47 – 01:18
- उद्वेगअशुभ01:18 – 02:49
- शुभशुभ02:49 – 04:20
- अमृतश्रेष्ठ04:20 – 05:51
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:51–06:50 |
| मंगल | 06:50–07:50 |
| सूर्य | 07:50–08:49 |
| शुक्र | 08:49–09:48 |
| बुध | 09:48–10:48 |
| चन्द्र | 10:48–11:47 |
| शनि | 11:47–12:46 |
| गुरु | 12:46–13:46 |
| मंगल | 13:46–14:45 |
| सूर्य | 14:45–15:44 |
| शुक्र | 15:44–16:44 |
| बुध | 16:44–17:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:43–18:44 |
| शनि | 18:44–19:44 |
| गुरु | 19:44–20:45 |
| मंगल | 20:45–21:46 |
| सूर्य | 21:46–22:47 |
| शुक्र | 22:47–23:47 |
| बुध | 23:47–00:48 |
| चन्द्र | 00:48–01:49 |
| शनि | 01:49–02:49 |
| गुरु | 02:49–03:50 |
| मंगल | 03:50–04:51 |
| सूर्य | 04:51–05:51 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 1 पद10:40 तक
- मूल 2 पद16:19 तक
- मूल 3 पद22:00 तक
- मूल 4 पद03:41, 4 अक्टू॰ तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद09:23, 4 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 52m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 11:47
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 22:24 तकपाताल
- शिववास
- भोजन में · 22:24 तकश्मशान में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:51 –06:58
- अग्नि पंचक06:58 –09:15
- शुभ मुहूर्त09:15 –11:32
- राज पंचक11:32 –13:36
- शुभ मुहूर्त13:36 –15:21
- चोर पंचक15:21 –16:52
- शुभ मुहूर्त16:52 –19:59
- चोर पंचक19:59 –21:56
- शुभ मुहूर्त21:56 –22:24
- रोग पंचक22:24 –00:10, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:10 –02:28, 4 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक02:28 –03:41, 4 अक्टू॰
- अग्नि पंचक03:41 –04:42, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:42 –05:51, 4 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:45 –06:58
- तुला06:58 –09:15
- वृश्चिक09:15 –11:32
- धनु11:32 –13:36
- मकर13:36 –15:21
- कुम्भ15:21 –16:52
- मीन16:52 –18:20
- मेष18:20 –19:59
- वृषभ19:59 –21:56
- मिथुन21:56 –00:10, 4 अक्टू॰
- कर्क00:10 –02:28, 4 अक्टू॰
- सिंह02:28 –04:42, 4 अक्टू॰
- कन्या04:42 –06:54, 4 अक्टू॰
पंचांग · वाराणसी, 3 अक्टूबर 2030
गुरुवार, 3 अक्टूबर 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 17:43 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 22:24 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र मूल 4 अक्टूबर 03:41 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग सौभाग्य 17:23 तक, फिर शोभन; करण गर 11:27 तक, फिर वणिज। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:16–14:45, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:11। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 3 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल सप्तमी 22:24 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 05:51, वाराणसी)।
3 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 4 अक्टूबर 03:41 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 अक्टूबर 08:21 तक।
वाराणसी में 3 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:16–14:45, यमगण्ड 05:51–07:20, गुलिक काल 08:49–10:18।
वाराणसी में 3 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 17:43, चंद्रोदय 11:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:23–12:11, ब्रह्म मुहूर्त 04:14–05:02। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2867° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
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