पंचांग · सोमवार, 26 अगस्त 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण त्रयोदशी05:01, 27 अग॰ तक
- कृष्ण चतुर्दशी05:07, 28 अग॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु05:54 तक
- पुष्यस्वामी शनि07:14, 27 अग॰ तक
- व्यतीपात14:24 तक
- वरीयान्13:46, 27 अग॰ तक
- गर16:44 तक
- वणिज05:01, 27 अग॰ तक
- विष्टि17:09, 27 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:36बिंब मध्य 05:40
- सूर्यास्त
- 18:23बिंब मध्य 18:19
- चंद्रोदय
- 02:56
- चंद्रास्त
- 16:27
- दिनमान
- 12h 47m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- कर्क07:56, 28 अग॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:51
- प्रातः संध्या04:29 –05:36
- अभिजित मुहूर्त11:34 –12:25
- विजय मुहूर्त14:08 –14:59
- गोधूलि मुहूर्त18:23 –18:46
- सायाह्न संध्या18:23 –19:31
- निशीथ मुहूर्त23:38 –00:22, 27 अग॰
- अमृत काल00:29 –02:10, 27 अग॰
- राहु काल07:12 –08:48
- यमगंड10:24 –12:00
- गुलिक काल13:36 –15:12
- दुर्मुहूर्त12:25 –13:17
- दुर्मुहूर्त14:59 –15:50
- वर्ज्य14:21 –16:02
- भद्रा05:01 –05:37, 27 अग॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:36 – 07:12
- कालहानि07:12 – 08:48
- शुभशुभ08:48 – 10:24
- रोगअनिष्ट10:24 – 12:00
- उद्वेगअशुभ12:00 – 13:36
- चरसम13:36 – 15:12
- लाभलाभ15:12 – 16:47
- अमृतश्रेष्ठ16:47 – 18:23
- चरसम18:23 – 19:48
- रोगअनिष्ट19:48 – 21:12
- कालहानि21:12 – 22:36
- लाभलाभ22:36 – 00:00
- उद्वेगअशुभ00:00 – 01:24
- शुभशुभ01:24 – 02:48
- अमृतश्रेष्ठ02:48 – 04:12
- चरसम04:12 – 05:37
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:36–06:40 |
| शनि | 06:40–07:44 |
| गुरु | 07:44–08:48 |
| मंगल | 08:48–09:52 |
| सूर्य | 09:52–10:56 |
| शुक्र | 10:56–12:00 |
| बुध | 12:00–13:04 |
| चन्द्र | 13:04–14:08 |
| शनि | 14:08–15:12 |
| गुरु | 15:12–16:16 |
| मंगल | 16:16–17:19 |
| सूर्य | 17:19–18:23 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:23–19:19 |
| बुध | 19:19–20:16 |
| चन्द्र | 20:16–21:12 |
| शनि | 21:12–22:08 |
| गुरु | 22:08–23:04 |
| मंगल | 23:04–00:00 |
| सूर्य | 00:00–00:56 |
| शुक्र | 00:56–01:52 |
| बुध | 01:52–02:48 |
| चन्द्र | 02:48–03:44 |
| शनि | 03:44–04:41 |
| गुरु | 04:41–05:37 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 4 पद05:54 तक
- पुष्य 1 पद12:18 तक
- पुष्य 2 पद18:39 तक
- पुष्य 3 पद00:58, 27 अग॰ तक
- पुष्य 4 पद07:14, 27 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- मघा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 47m
- रात्रिमान
- 11h 14m
- मध्याह्न
- 12:00
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:01, 27 अग॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 05:01, 27 अग॰ तकश्मशान में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:36 –05:54
- शुभ मुहूर्त05:54 –07:15
- रोग पंचक07:15 –09:28
- शुभ मुहूर्त09:28 –11:44
- मृत्यु पंचक11:44 –14:01
- अग्नि पंचक14:01 –16:06
- शुभ मुहूर्त16:06 –17:51
- राज पंचक17:51 –19:21
- शुभ मुहूर्त19:21 –22:28
- राज पंचक22:28 –00:25, 27 अग॰
- शुभ मुहूर्त00:25 –02:39, 27 अग॰
- चोर पंचक02:39 –04:57, 27 अग॰
- शुभ मुहूर्त04:57 –05:01, 27 अग॰
- रोग पंचक05:01 –05:37, 27 अग॰
उदय लग्न
- सिंह05:01 –07:15
- कन्या07:15 –09:28
- तुला09:28 –11:44
- वृश्चिक11:44 –14:01
- धनु14:01 –16:06
- मकर16:06 –17:51
- कुम्भ17:51 –19:21
- मीन19:21 –20:50
- मेष20:50 –22:28
- वृषभ22:28 –00:25, 27 अग॰
- मिथुन00:25 –02:39, 27 अग॰
- कर्क02:39 –04:57, 27 अग॰
- सिंह04:57 –07:11, 27 अग॰
पंचांग · वाराणसी, 26 अगस्त 2030
सोमवार, 26 अगस्त 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:36 और सूर्यास्त 18:23 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 27 अगस्त 05:01 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र पुनर्वसु 05:54 तक, फिर पुष्य; योग व्यतीपात 14:24 तक, फिर वरीयान्; करण गर 16:44 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 07:12–08:48, अभिजित मुहूर्त 11:34–12:25। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 26 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण त्रयोदशी 27 अगस्त 05:01 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:36, वाराणसी)।
26 अगस्त 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 05:54 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा कर्क राशि में 28 अगस्त 07:56 तक।
वाराणसी में 26 अगस्त 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:12–08:48, यमगण्ड 10:24–12:00, गुलिक काल 13:36–15:12।
वाराणसी में 26 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:36, सूर्यास्त 18:23, चंद्रोदय 02:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
26 अगस्त 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:34–12:25, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:51। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
26 अगस्त 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
सोम प्रदोष।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2853° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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