पंचांग · बुधवार, 31 जुलाई 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल प्रतिपदा17:05 तक
- शुक्ल द्वितीया17:01, 1 अग॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध00:26, 1 अग॰ तक
- मघास्वामी केतु00:56, 2 अग॰ तक
- व्यतीपात04:27, 1 अग॰ तक
- वरीयान्03:13, 2 अग॰ तक
- बव17:05 तक
- बालव05:06, 1 अग॰ तक
- कौलव17:01, 1 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:25बिंब मध्य 05:28
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:40
- चंद्रोदय
- 06:02
- चंद्रास्त
- 19:09
- दिनमान
- 13h 19m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कर्क00:26, 1 अग॰ तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:59 –04:42
- प्रातः संध्या04:21 –05:25
- अभिजित मुहूर्त11:38 –12:31
- विजय मुहूर्त14:18 –15:11
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:06
- सायाह्न संध्या18:44 –19:48
- निशीथ मुहूर्त23:43 –00:26, 1 अग॰
- अमृत काल22:46 –00:26, 1 अग॰
- राहु काल12:04 –13:44
- यमगंड07:05 –08:45
- गुलिक काल10:24 –12:04
- दुर्मुहूर्त11:38 –12:31
- वर्ज्य12:47 –14:27
- गंड मूल05:25 –00:26, 1 अग॰
- गंड मूल00:26 –05:25, 1 अग॰
चौघड़िया
- लाभलाभ05:25 – 07:05
- अमृतश्रेष्ठ07:05 – 08:45
- कालहानि08:45 – 10:24
- शुभशुभ10:24 – 12:04
- रोगअनिष्ट12:04 – 13:44
- उद्वेगअशुभ13:44 – 15:24
- चरसम15:24 – 17:04
- लाभलाभ17:04 – 18:44
- उद्वेगअशुभ18:44 – 20:04
- शुभशुभ20:04 – 21:24
- अमृतश्रेष्ठ21:24 – 22:45
- चरसम22:45 – 00:05
- रोगअनिष्ट00:05 – 01:25
- कालहानि01:25 – 02:45
- लाभलाभ02:45 – 04:05
- उद्वेगअशुभ04:05 – 05:25
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:25–06:31 |
| चन्द्र | 06:31–07:38 |
| शनि | 07:38–08:45 |
| गुरु | 08:45–09:51 |
| मंगल | 09:51–10:58 |
| सूर्य | 10:58–12:04 |
| शुक्र | 12:04–13:11 |
| बुध | 13:11–14:18 |
| चन्द्र | 14:18–15:24 |
| शनि | 15:24–16:31 |
| गुरु | 16:31–17:38 |
| मंगल | 17:38–18:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:44–19:38 |
| शुक्र | 19:38–20:31 |
| बुध | 20:31–21:24 |
| चन्द्र | 21:24–22:18 |
| शनि | 22:18–23:11 |
| गुरु | 23:11–00:05 |
| मंगल | 00:05–00:58 |
| सूर्य | 00:58–01:51 |
| शुक्र | 01:51–02:45 |
| बुध | 02:45–03:38 |
| चन्द्र | 03:38–04:32 |
| शनि | 04:32–05:25 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 1 पद05:46 तक
- अश्लेषा 2 पद12:01 तक
- अश्लेषा 3 पद18:15 तक
- अश्लेषा 4 पद00:26, 1 अग॰ तक
- मघा 1 पद06:36, 1 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुष्य 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 13h 19m
- रात्रिमान
- 10h 41m
- मध्याह्न
- 12:04
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 00:26, 1 अग॰ तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 17:05 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 17:05 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:25 –06:43
- मृत्यु पंचक06:43 –08:57
- अग्नि पंचक08:57 –11:10
- शुभ मुहूर्त11:10 –13:26
- राज पंचक13:26 –15:43
- शुभ मुहूर्त15:43 –17:05
- चोर पंचक17:05 –17:48
- शुभ मुहूर्त17:48 –19:33
- रोग पंचक19:33 –21:04
- शुभ मुहूर्त21:04 –00:10, 1 अग॰
- रोग पंचक00:10 –00:26, 1 अग॰
- शुभ मुहूर्त00:26 –02:08, 1 अग॰
- मृत्यु पंचक02:08 –04:22, 1 अग॰
- अग्नि पंचक04:22 –05:25, 1 अग॰
उदय लग्न
- कर्क04:25 –06:43
- सिंह06:43 –08:57
- कन्या08:57 –11:10
- तुला11:10 –13:26
- वृश्चिक13:26 –15:43
- धनु15:43 –17:48
- मकर17:48 –19:33
- कुम्भ19:33 –21:04
- मीन21:04 –22:32
- मेष22:32 –00:10, 1 अग॰
- वृषभ00:10 –02:08, 1 अग॰
- मिथुन02:08 –04:22, 1 अग॰
- कर्क04:22 –06:39, 1 अग॰
पंचांग · वाराणसी, 31 जुलाई 2030
बुधवार, 31 जुलाई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:25 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 17:05 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र अश्लेषा 1 अगस्त 00:26 तक, फिर मघा; योग व्यतीपात 1 अगस्त 04:27 तक, फिर वरीयान्; करण बव 17:05 तक, फिर बालव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 12:04–13:44, अभिजित मुहूर्त 11:38–12:31। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 31 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल प्रतिपदा 17:05 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 05:25, वाराणसी)।
31 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 1 अगस्त 00:26 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 1 अगस्त 00:26 तक।
वाराणसी में 31 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:04–13:44, यमगण्ड 07:05–08:45, गुलिक काल 10:24–12:04।
वाराणसी में 31 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 06:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:38–12:31, ब्रह्म मुहूर्त 03:59–04:42। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2843° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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