पंचांग · गुरुवार, 11 जुलाई 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी20:17 तक
- शुक्ल द्वादशी17:13, 12 जुल॰ तक
- विशाखास्वामी गुरु14:08 तक
- अनुराधास्वामी शनि11:57, 12 जुल॰ तक
- साध्य06:39 तक
- शुभ03:13, 12 जुल॰ तक
- शुक्ल23:35, 12 जुल॰ तक
- वणिज09:44 तक
- विष्टि20:17 तक
- बव06:47, 12 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:15बिंब मध्य 05:19
- सूर्यास्त
- 18:52बिंब मध्य 18:47
- चंद्रोदय
- 15:06
- चंद्रास्त
- 01:09
- दिनमान
- 13h 37m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- तुला08:39 तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:52 –04:34
- प्रातः संध्या04:13 –05:15
- अभिजित मुहूर्त11:36 –12:31
- विजय मुहूर्त14:20 –15:14
- गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:13
- सायाह्न संध्या18:52 –19:54
- निशीथ मुहूर्त23:43 –00:25, 12 जुल॰
- अमृत काल06:02 –07:31
- अमृत काल02:30 –03:57, 12 जुल॰
- राहु काल13:46 –15:28
- यमगंड05:15 –06:57
- गुलिक काल08:39 –10:21
- दुर्मुहूर्त09:47 –10:42
- दुर्मुहूर्त15:14 –16:09
- वर्ज्य17:46 –19:13
- भद्रा09:44 –20:17
चौघड़िया
- शुभशुभ05:15 – 06:57
- रोगअनिष्ट06:57 – 08:39
- उद्वेगअशुभ08:39 – 10:21
- चरसम10:21 – 12:04
- लाभलाभ12:04 – 13:46
- अमृतश्रेष्ठ13:46 – 15:28
- कालहानि15:28 – 17:10
- शुभशुभ17:10 – 18:52
- अमृतश्रेष्ठ18:52 – 20:10
- चरसम20:10 – 21:28
- रोगअनिष्ट21:28 – 22:46
- कालहानि22:46 – 00:04
- लाभलाभ00:04 – 01:22
- उद्वेगअशुभ01:22 – 02:40
- शुभशुभ02:40 – 03:58
- अमृतश्रेष्ठ03:58 – 05:16
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:15–06:23 |
| मंगल | 06:23–07:31 |
| सूर्य | 07:31–08:39 |
| शुक्र | 08:39–09:47 |
| बुध | 09:47–10:56 |
| चन्द्र | 10:56–12:04 |
| शनि | 12:04–13:12 |
| गुरु | 13:12–14:20 |
| मंगल | 14:20–15:28 |
| सूर्य | 15:28–16:36 |
| शुक्र | 16:36–17:44 |
| बुध | 17:44–18:52 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:52–19:44 |
| शनि | 19:44–20:36 |
| गुरु | 20:36–21:28 |
| मंगल | 21:28–22:20 |
| सूर्य | 22:20–23:12 |
| शुक्र | 23:12–00:04 |
| बुध | 00:04–00:56 |
| चन्द्र | 00:56–01:48 |
| शनि | 01:48–02:40 |
| गुरु | 02:40–03:32 |
| मंगल | 03:32–04:24 |
| सूर्य | 04:24–05:16 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- विशाखा 3 पद08:39 तक
- विशाखा 4 पद14:08 तक
- अनुराधा 1 पद19:37 तक
- अनुराधा 2 पद01:04, 12 जुल॰ तक
- अनुराधा 3 पद06:31, 12 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुनर्वसु 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 37m
- रात्रिमान
- 10h 24m
- मध्याह्न
- 12:04
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पश्चिम · 08:39 तकउत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 20:17 तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 20:17 तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:15 –05:44
- शुभ मुहूर्त05:44 –08:02
- मृत्यु पंचक08:02 –10:16
- अग्नि पंचक10:16 –12:29
- शुभ मुहूर्त12:29 –14:08
- राज पंचक14:08 –14:45
- शुभ मुहूर्त14:45 –17:02
- चोर पंचक17:02 –19:07
- शुभ मुहूर्त19:07 –20:17
- रोग पंचक20:17 –20:52
- शुभ मुहूर्त20:52 –22:22
- मृत्यु पंचक22:22 –23:51
- रोग पंचक23:51 –01:29, 12 जुल॰
- शुभ मुहूर्त01:29 –03:26, 12 जुल॰
- मृत्यु पंचक03:26 –05:16, 12 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन03:30 –05:44
- कर्क05:44 –08:02
- सिंह08:02 –10:16
- कन्या10:16 –12:29
- तुला12:29 –14:45
- वृश्चिक14:45 –17:02
- धनु17:02 –19:07
- मकर19:07 –20:52
- कुम्भ20:52 –22:22
- मीन22:22 –23:51
- मेष23:51 –01:29, 12 जुल॰
- वृषभ01:29 –03:26, 12 जुल॰
- मिथुन03:26 –05:40, 12 जुल॰
पंचांग · वाराणसी, 11 जुलाई 2030
गुरुवार, 11 जुलाई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:15 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 20:17 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र विशाखा 14:08 तक, फिर अनुराधा; योग साध्य 06:39 तक, फिर शुभ; करण वणिज 09:44 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 13:46–15:28, अभिजित मुहूर्त 11:36–12:31। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 11 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 20:17 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:15, वाराणसी)।
11 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
विशाखा 14:08 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 08:39 तक।
वाराणसी में 11 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:46–15:28, यमगण्ड 05:15–06:57, गुलिक काल 08:39–10:21।
वाराणसी में 11 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:15, सूर्यास्त 18:52, चंद्रोदय 15:06 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
11 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:36–12:31, ब्रह्म मुहूर्त 03:52–04:34। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
11 जुलाई 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
देवशयनी एकादशी।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2835° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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