पंचांग · गुरुवार, 13 जून 2030वाराणसी

ज्येष्ठ · शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2087गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:07सूर्योदय18:49सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वादशी
शुक्ल · 10:56 तक
नक्षत्र
स्वाती
07:43 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:0718:49
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:41 –15:24
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:07दिन18:49
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
राहु काल
06:0008:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:49रात05:07
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वादशी
    10:56 तक
  2. शुक्ल त्रयोदशी
    07:28, 14 जून तक
नक्षत्र
  1. स्वातीस्वामी राहु
    07:43 तक
  2. विशाखास्वामी गुरु
    05:06, 14 जून तक
  3. अनुराधास्वामी शनि
    02:18, 15 जून तक
योग
  1. शिव
    21:00 तक
  2. सिद्ध
    17:00, 14 जून तक
करण
  1. बालव
    10:56 तक
  2. कौलव
    21:14 तक
  3. तैतिल
    07:28, 14 जून तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:07
बिंब मध्य 05:11
सूर्यास्त
18:49
बिंब मध्य 18:45
चंद्रोदय
16:16
चंद्रास्त
02:27
दिनमान
13h 42m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
तुला
23:47 तक
सूर्य राशि
वृषभ

चांद्र पंचांग

अमांत मास
ज्येष्ठ
पूर्णिमांत मास
ज्येष्ठ
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:45 –04:26
  • प्रातः संध्या04:05 –05:07
  • अभिजित मुहूर्त11:31 –12:26
  • विजय मुहूर्त14:15 –15:10
  • गोधूलि मुहूर्त18:49 –19:10
  • सायाह्न संध्या18:49 –19:51
  • निशीथ मुहूर्त23:38 –00:19, 14 जून
  • अमृत काल21:15 –22:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:41 –15:24
  • यमगंड05:07 –06:50
  • गुलिक काल08:33 –10:15
  • दुर्मुहूर्त09:41 –10:36
  • दुर्मुहूर्त15:10 –16:05
  • वर्ज्य12:42 –14:08

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:07 – 06:50
  • रोगअनिष्ट06:50 – 08:33
  • उद्वेगअशुभ08:33 – 10:15
  • चरसम10:15 – 11:58
  • लाभलाभ11:58 – 13:41
  • अमृतश्रेष्ठ13:41 – 15:24
  • कालहानि15:24 – 17:06
  • शुभशुभ17:06 – 18:49
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:49 – 20:06
  • चरसम20:06 – 21:24
  • रोगअनिष्ट21:24 – 22:41
  • कालहानि22:41 – 23:58
  • लाभलाभ23:58 – 01:16
  • उद्वेगअशुभ01:16 – 02:33
  • शुभशुभ02:33 – 03:50
  • अमृतश्रेष्ठ03:50 – 05:07

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:07–06:16
मंगल06:16–07:24
सूर्य07:24–08:33
शुक्र08:33–09:41
बुध09:41–10:50
चन्द्र10:50–11:58
शनि11:58–13:07
गुरु13:07–14:15
मंगल14:15–15:24
सूर्य15:24–16:32
शुक्र16:32–17:41
बुध17:41–18:49
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:49–19:41
शनि19:41–20:32
गुरु20:32–21:24
मंगल21:24–22:15
सूर्य22:15–23:07
शुक्र23:07–23:58
बुध23:58–00:50
चन्द्र00:50–01:41
शनि01:41–02:33
गुरु02:33–03:24
मंगल03:24–04:16
सूर्य04:16–05:07

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • स्वाती 4 पद07:43 तक
  • विशाखा 1 पद13:05 तक
  • विशाखा 2 पद18:26 तक
  • विशाखा 3 पद23:47 तक
  • विशाखा 4 पद05:06, 14 जून तक
  • अनुराधा 1 पद10:25, 14 जून तक
सूर्य नक्षत्र
मृगशिरा 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 42m
रात्रिमान
10h 18m
मध्याह्न
11:58

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 23:47 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
स्वाती · 07:43 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · 05:06, 14 जून तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पश्चिम · 23:47 तकउत्तर
अग्निवास
पाताल · 10:56 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 10:56 तकनंदी पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:07 –05:20
  • रोग पंचक05:20 –07:34
  • शुभ मुहूर्त07:34 –07:43
  • मृत्यु पंचक07:43 –09:52
  • अग्नि पंचक09:52 –10:56
  • शुभ मुहूर्त10:56 –12:06
  • राज पंचक12:06 –14:19
  • शुभ मुहूर्त14:19 –16:35
  • चोर पंचक16:35 –18:52
  • शुभ मुहूर्त18:52 –20:57
  • रोग पंचक20:57 –22:42
  • शुभ मुहूर्त22:42 –00:12, 14 जून
  • मृत्यु पंचक00:12 –01:41, 14 जून
  • रोग पंचक01:41 –03:19, 14 जून
  • शुभ मुहूर्त03:19 –05:06, 14 जून
  • मृत्यु पंचक05:06 –05:07, 14 जून

उदय लग्न

  • वृषभ03:23 –05:20
  • मिथुन05:20 –07:34
  • कर्क07:34 –09:52
  • सिंह09:52 –12:06
  • कन्या12:06 –14:19
  • तुला14:19 –16:35
  • वृश्चिक16:35 –18:52
  • धनु18:52 –20:57
  • मकर20:57 –22:42
  • कुम्भ22:42 –00:12, 14 जून
  • मीन00:12 –01:41, 14 जून
  • मेष01:41 –03:19, 14 जून
  • वृषभ03:19 –05:16, 14 जून

पंचांग · वाराणसी, 13 जून 2030

गुरुवार, 13 जून 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:07 और सूर्यास्त 18:49 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 10:56 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र स्वाती 07:43 तक, फिर विशाखा; योग शिव 21:00 तक, फिर सिद्ध; करण बालव 10:56 तक, फिर कौलव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य वृषभ राशि में। राहुकाल 13:41–15:24, अभिजित मुहूर्त 11:31–12:26। मास ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 13 जून 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वादशी 10:56 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 05:07, वाराणसी)।

13 जून 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती 07:43 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 23:47 तक।

वाराणसी में 13 जून 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:41–15:24, यमगण्ड 05:07–06:50, गुलिक काल 08:33–10:15।

वाराणसी में 13 जून 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:07, सूर्यास्त 18:49, चंद्रोदय 16:16 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

13 जून 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:31–12:26, ब्रह्म मुहूर्त 03:45–04:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

13 जून 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर जून 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2824° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP