पंचांग · सोमवार, 3 जून 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया16:38 तक
- शुक्ल तृतीया18:36, 4 जून तक
- आर्द्रास्वामी राहु07:18, 4 जून तक
- शूल14:11 तक
- गण्ड14:50, 4 जून तक
- कौलव16:38 तक
- तैतिल05:40, 4 जून तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:07बिंब मध्य 05:11
- सूर्यास्त
- 18:45बिंब मध्य 18:41
- चंद्रोदय
- 06:36
- चंद्रास्त
- 20:29
- दिनमान
- 13h 38m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- मिथुन03:06, 5 जून तक
- सूर्य राशि
- वृषभ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- ज्येष्ठ
- पूर्णिमांत मास
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:44 –04:26
- प्रातः संध्या04:05 –05:07
- अभिजित मुहूर्त11:29 –12:24
- विजय मुहूर्त14:13 –15:07
- गोधूलि मुहूर्त18:45 –19:06
- सायाह्न संध्या18:45 –19:47
- निशीथ मुहूर्त23:36 –00:17, 4 जून
- अमृत काल20:10 –21:57
- राहु काल06:50 –08:32
- यमगंड10:14 –11:56
- गुलिक काल13:39 –15:21
- दुर्मुहूर्त12:24 –13:18
- दुर्मुहूर्त15:07 –16:02
- वर्ज्य13:56 –15:43
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:07 – 06:50
- कालहानि06:50 – 08:32
- शुभशुभ08:32 – 10:14
- रोगअनिष्ट10:14 – 11:56
- उद्वेगअशुभ11:56 – 13:39
- चरसम13:39 – 15:21
- लाभलाभ15:21 – 17:03
- अमृतश्रेष्ठ17:03 – 18:45
- चरसम18:45 – 20:03
- रोगअनिष्ट20:03 – 21:21
- कालहानि21:21 – 22:39
- लाभलाभ22:39 – 23:56
- उद्वेगअशुभ23:56 – 01:14
- शुभशुभ01:14 – 02:32
- अमृतश्रेष्ठ02:32 – 03:50
- चरसम03:50 – 05:07
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:07–06:16 |
| शनि | 06:16–07:24 |
| गुरु | 07:24–08:32 |
| मंगल | 08:32–09:40 |
| सूर्य | 09:40–10:48 |
| शुक्र | 10:48–11:56 |
| बुध | 11:56–13:05 |
| चन्द्र | 13:05–14:13 |
| शनि | 14:13–15:21 |
| गुरु | 15:21–16:29 |
| मंगल | 16:29–17:37 |
| सूर्य | 17:37–18:45 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:45–19:37 |
| बुध | 19:37–20:29 |
| चन्द्र | 20:29–21:21 |
| शनि | 21:21–22:13 |
| गुरु | 22:13–23:04 |
| मंगल | 23:04–23:56 |
| सूर्य | 23:56–00:48 |
| शुक्र | 00:48–01:40 |
| बुध | 01:40–02:32 |
| चन्द्र | 02:32–03:24 |
| शनि | 03:24–04:15 |
| गुरु | 04:15–05:07 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- आर्द्रा 1 पद11:18 तक
- आर्द्रा 2 पद17:59 तक
- आर्द्रा 3 पद00:39, 4 जून तक
- आर्द्रा 4 पद07:18, 4 जून तक
- सूर्य नक्षत्र
- रोहिणी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 38m
- रात्रिमान
- 10h 22m
- मध्याह्न
- 11:56
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 16:38 तकपाताल
- शिववास
- गौरी के साथ · 16:38 तकसभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:07 –06:00
- राज पंचक06:00 –08:14
- शुभ मुहूर्त08:14 –10:31
- चोर पंचक10:31 –12:45
- शुभ मुहूर्त12:45 –14:58
- रोग पंचक14:58 –16:38
- शुभ मुहूर्त16:38 –17:15
- मृत्यु पंचक17:15 –19:31
- अग्नि पंचक19:31 –21:36
- शुभ मुहूर्त21:36 –23:21
- राज पंचक23:21 –00:52, 4 जून
- शुभ मुहूर्त00:52 –03:58, 4 जून
- राज पंचक03:58 –05:07, 4 जून
उदय लग्न
- वृषभ04:02 –06:00
- मिथुन06:00 –08:14
- कर्क08:14 –10:31
- सिंह10:31 –12:45
- कन्या12:45 –14:58
- तुला14:58 –17:15
- वृश्चिक17:15 –19:31
- धनु19:31 –21:36
- मकर21:36 –23:21
- कुम्भ23:21 –00:52, 4 जून
- मीन00:52 –02:20, 4 जून
- मेष02:20 –03:58, 4 जून
- वृषभ03:58 –05:56, 4 जून
पंचांग · वाराणसी, 3 जून 2030
सोमवार, 3 जून 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:07 और सूर्यास्त 18:45 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 16:38 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र आर्द्रा 4 जून 07:18 तक; योग शूल 14:11 तक, फिर गण्ड; करण कौलव 16:38 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य वृषभ राशि में। राहुकाल 06:50–08:32, अभिजित मुहूर्त 11:29–12:24। मास ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 3 जून 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 16:38 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:07, वाराणसी)।
3 जून 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
आर्द्रा 4 जून 07:18 तक। चंद्रमा मिथुन राशि में 5 जून 03:06 तक।
वाराणसी में 3 जून 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 06:50–08:32, यमगण्ड 10:14–11:56, गुलिक काल 13:39–15:21।
वाराणसी में 3 जून 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:07, सूर्यास्त 18:45, चंद्रोदय 06:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 जून 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:29–12:24, ब्रह्म मुहूर्त 03:44–04:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर जून 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2820° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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