पंचांग · मंगलवार, 21 मई 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी01:01, 22 मई तक
- कृष्ण षष्ठी23:26, 22 मई तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र08:19 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य07:01, 22 मई तक
- शुभ14:53 तक
- शुक्ल12:16, 22 मई तक
- कौलव14:04 तक
- तैतिल01:01, 22 मई तक
- गर12:08, 22 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:11बिंब मध्य 05:14
- सूर्यास्त
- 18:39बिंब मध्य 18:34
- चंद्रोदय
- 22:36
- चंद्रास्त
- 08:55
- दिनमान
- 13h 28m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- धनु13:56 तक
- सूर्य राशि
- वृषभ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:46 –04:29
- प्रातः संध्या04:07 –05:11
- अभिजित मुहूर्त11:28 –12:22
- विजय मुहूर्त14:10 –15:03
- गोधूलि मुहूर्त18:39 –19:00
- सायाह्न संध्या18:39 –19:42
- निशीथ मुहूर्त23:34 –00:16, 22 मई
- अमृत काल03:55 –05:23
- अमृत काल00:58 –02:29, 22 मई
- राहु काल15:17 –16:58
- यमगंड08:33 –10:14
- गुलिक काल11:55 –13:36
- दुर्मुहूर्त07:52 –08:46
- दुर्मुहूर्त22:52 –23:34
- वर्ज्य15:53 –17:24
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:11 – 06:52
- उद्वेगअशुभ06:52 – 08:33
- चरसम08:33 – 10:14
- लाभलाभ10:14 – 11:55
- अमृतश्रेष्ठ11:55 – 13:36
- कालहानि13:36 – 15:17
- शुभशुभ15:17 – 16:58
- रोगअनिष्ट16:58 – 18:39
- कालहानि18:39 – 19:58
- लाभलाभ19:58 – 21:17
- उद्वेगअशुभ21:17 – 22:36
- शुभशुभ22:36 – 23:55
- अमृतश्रेष्ठ23:55 – 01:14
- चरसम01:14 – 02:32
- रोगअनिष्ट02:32 – 03:51
- कालहानि03:51 – 05:10
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:11–06:18 |
| सूर्य | 06:18–07:25 |
| शुक्र | 07:25–08:33 |
| बुध | 08:33–09:40 |
| चन्द्र | 09:40–10:47 |
| शनि | 10:47–11:55 |
| गुरु | 11:55–13:02 |
| मंगल | 13:02–14:10 |
| सूर्य | 14:10–15:17 |
| शुक्र | 15:17–16:24 |
| बुध | 16:24–17:32 |
| चन्द्र | 17:32–18:39 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:39–19:32 |
| गुरु | 19:32–20:24 |
| मंगल | 20:24–21:17 |
| सूर्य | 21:17–22:09 |
| शुक्र | 22:09–23:02 |
| बुध | 23:02–23:55 |
| चन्द्र | 23:55–00:47 |
| शनि | 00:47–01:40 |
| गुरु | 01:40–02:32 |
| मंगल | 02:32–03:25 |
| सूर्य | 03:25–04:18 |
| शुक्र | 04:18–05:10 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद08:19 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद13:56 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद19:35 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद01:17, 22 मई तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद07:01, 22 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- कृत्तिका 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 28m
- रात्रिमान
- 10h 31m
- मध्याह्न
- 11:55
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पूर्व · 13:56 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 01:01, 22 मई तकआकाश
- शिववास
- नंदी पर · 01:01, 22 मई तकभोजन में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:11 –06:51
- मृत्यु पंचक06:51 –08:19
- अग्नि पंचक08:19 –09:05
- शुभ मुहूर्त09:05 –11:22
- राज पंचक11:22 –13:36
- शुभ मुहूर्त13:36 –15:49
- चोर पंचक15:49 –18:06
- शुभ मुहूर्त18:06 –20:23
- रोग पंचक20:23 –22:27
- शुभ मुहूर्त22:27 –00:12, 22 मई
- मृत्यु पंचक00:12 –01:01, 22 मई
- अग्नि पंचक01:01 –01:43, 22 मई
- शुभ मुहूर्त01:43 –03:11, 22 मई
- मृत्यु पंचक03:11 –04:50, 22 मई
- अग्नि पंचक04:50 –05:10, 22 मई
उदय लग्न
- वृषभ04:53 –06:51
- मिथुन06:51 –09:05
- कर्क09:05 –11:22
- सिंह11:22 –13:36
- कन्या13:36 –15:49
- तुला15:49 –18:06
- वृश्चिक18:06 –20:23
- धनु20:23 –22:27
- मकर22:27 –00:12, 22 मई
- कुम्भ00:12 –01:43, 22 मई
- मीन01:43 –03:11, 22 मई
- मेष03:11 –04:50, 22 मई
- वृषभ04:50 –06:47, 22 मई
पंचांग · वाराणसी, 21 मई 2030
मंगलवार, 21 मई 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:11 और सूर्यास्त 18:39 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 22 मई 01:01 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 08:19 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शुभ 14:53 तक, फिर शुक्ल; करण कौलव 14:04 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य वृषभ राशि में। राहुकाल 15:17–16:58, अभिजित मुहूर्त 11:28–12:22। मास ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 21 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 22 मई 01:01 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:11, वाराणसी)।
21 मई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 08:19 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 13:56 तक।
वाराणसी में 21 मई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:17–16:58, यमगण्ड 08:33–10:14, गुलिक काल 11:55–13:36।
वाराणसी में 21 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:11, सूर्यास्त 18:39, चंद्रोदय 22:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 मई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:28–12:22, ब्रह्म मुहूर्त 03:46–04:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर मई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2815° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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