पंचांग · मंगलवार, 30 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण त्रयोदशी15:22 तक
- कृष्ण चतुर्दशी17:23, 1 मई तक
- रेवतीस्वामी बुध07:37, 1 मई तक
- विष्कुम्भ01:48, 1 मई तक
- प्रीति02:29, 2 मई तक
- वणिज15:22 तक
- विष्टि04:20, 1 मई तक
- शकुनि17:23, 1 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:23बिंब मध्य 05:26
- सूर्यास्त
- 18:28बिंब मध्य 18:24
- चंद्रोदय
- 03:40
- चंद्रास्त
- 16:39
- दिनमान
- 13h 5m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मीन07:37, 1 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:56 –04:39
- प्रातः संध्या04:17 –05:23
- अभिजित मुहूर्त11:29 –12:22
- विजय मुहूर्त14:06 –14:59
- गोधूलि मुहूर्त18:28 –18:50
- सायाह्न संध्या18:28 –19:33
- निशीथ मुहूर्त23:33 –00:17, 1 मई
- अमृत काल04:58 –06:44, 1 मई
- राहु काल15:12 –16:50
- यमगंड08:39 –10:17
- गुलिक काल11:56 –13:34
- दुर्मुहूर्त08:00 –08:52
- दुर्मुहूर्त22:50 –23:33
- वर्ज्य18:23 –20:09
- गंड मूल05:23 –05:22, 1 मई
- भद्रा15:22 –04:20, 1 मई
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:23 – 07:01
- उद्वेगअशुभ07:01 – 08:39
- चरसम08:39 – 10:17
- लाभलाभ10:17 – 11:56
- अमृतश्रेष्ठ11:56 – 13:34
- कालहानि13:34 – 15:12
- शुभशुभ15:12 – 16:50
- रोगअनिष्ट16:50 – 18:28
- कालहानि18:28 – 19:50
- लाभलाभ19:50 – 21:12
- उद्वेगअशुभ21:12 – 22:33
- शुभशुभ22:33 – 23:55
- अमृतश्रेष्ठ23:55 – 01:17
- चरसम01:17 – 02:39
- रोगअनिष्ट02:39 – 04:00
- कालहानि04:00 – 05:22
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:23–06:28 |
| सूर्य | 06:28–07:34 |
| शुक्र | 07:34–08:39 |
| बुध | 08:39–09:45 |
| चन्द्र | 09:45–10:50 |
| शनि | 10:50–11:56 |
| गुरु | 11:56–13:01 |
| मंगल | 13:01–14:06 |
| सूर्य | 14:06–15:12 |
| शुक्र | 15:12–16:17 |
| बुध | 16:17–17:23 |
| चन्द्र | 17:23–18:28 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:28–19:23 |
| गुरु | 19:23–20:17 |
| मंगल | 20:17–21:12 |
| सूर्य | 21:12–22:06 |
| शुक्र | 22:06–23:01 |
| बुध | 23:01–23:55 |
| चन्द्र | 23:55–00:50 |
| शनि | 00:50–01:44 |
| गुरु | 01:44–02:39 |
| मंगल | 02:39–03:33 |
| सूर्य | 03:33–04:28 |
| शुक्र | 04:28–05:22 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 1 पद11:45 तक
- रेवती 2 पद18:21 तक
- रेवती 3 पद00:58, 1 मई तक
- रेवती 4 पद07:37, 1 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 5m
- रात्रिमान
- 10h 54m
- मध्याह्न
- 11:56
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 15:22 तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 15:22 तकश्मशान में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:23 –06:16
- चोर पंचक06:16 –08:13
- शुभ मुहूर्त08:13 –10:27
- रोग पंचक10:27 –12:45
- शुभ मुहूर्त12:45 –14:59
- मृत्यु पंचक14:59 –15:22
- अग्नि पंचक15:22 –17:12
- शुभ मुहूर्त17:12 –19:28
- राज पंचक19:28 –21:45
- शुभ मुहूर्त21:45 –23:50
- चोर पंचक23:50 –01:35, 1 मई
- शुभ मुहूर्त01:35 –03:05, 1 मई
- रोग पंचक03:05 –04:34, 1 मई
- चोर पंचक04:34 –05:22, 1 मई
उदय लग्न
- मेष04:38 –06:16
- वृषभ06:16 –08:13
- मिथुन08:13 –10:27
- कर्क10:27 –12:45
- सिंह12:45 –14:59
- कन्या14:59 –17:12
- तुला17:12 –19:28
- वृश्चिक19:28 –21:45
- धनु21:45 –23:50
- मकर23:50 –01:35, 1 मई
- कुम्भ01:35 –03:05, 1 मई
- मीन03:05 –04:34, 1 मई
- मेष04:34 –06:12, 1 मई
पंचांग · वाराणसी, 30 अप्रैल 2030
मंगलवार, 30 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:23 और सूर्यास्त 18:28 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 15:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र रेवती 1 मई 07:37 तक; योग विष्कुम्भ 1 मई 01:48 तक, फिर प्रीति; करण वणिज 15:22 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:12–16:50, अभिजित मुहूर्त 11:29–12:22। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 30 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण त्रयोदशी 15:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:23, वाराणसी)।
30 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 1 मई 07:37 तक। चंद्रमा मीन राशि में 1 मई 07:37 तक।
वाराणसी में 30 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:12–16:50, यमगण्ड 08:39–10:17, गुलिक काल 11:56–13:34।
वाराणसी में 30 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 18:28, चंद्रोदय 03:40 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:29–12:22, ब्रह्म मुहूर्त 03:56–04:39। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2807° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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