पंचांग · शनिवार, 20 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया22:10 तक
- कृष्ण चतुर्थी19:03, 21 अप्रैल तक
- विशाखास्वामी गुरु07:40 तक
- अनुराधास्वामी शनि05:07, 21 अप्रैल तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध02:56, 22 अप्रैल तक
- व्यतीपात19:02 तक
- वरीयान्15:19, 21 अप्रैल तक
- वणिज11:51 तक
- विष्टि22:10 तक
- बव08:34, 21 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:31बिंब मध्य 05:35
- सूर्यास्त
- 18:23बिंब मध्य 18:19
- चंद्रोदय
- 21:03
- चंद्रास्त
- 07:00
- दिनमान
- 12h 52m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- वृश्चिक02:56, 22 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:02 –04:47
- प्रातः संध्या04:24 –05:31
- अभिजित मुहूर्त11:32 –12:23
- विजय मुहूर्त14:06 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:23 –18:45
- सायाह्न संध्या18:23 –19:30
- निशीथ मुहूर्त23:35 –00:19, 21 अप्रैल
- अमृत काल19:49 –21:15
- राहु काल08:44 –10:21
- यमगंड13:34 –15:10
- गुलिक काल05:31 –07:08
- दुर्मुहूर्त05:31 –06:23
- दुर्मुहूर्त06:23 –07:14
- वर्ज्य11:14 –12:40
- गंड मूल05:07 –05:30, 21 अप्रैल
- भद्रा11:51 –22:10
चौघड़िया
- कालहानि05:31 – 07:08
- शुभशुभ07:08 – 08:44
- रोगअनिष्ट08:44 – 10:21
- उद्वेगअशुभ10:21 – 11:57
- चरसम11:57 – 13:34
- लाभलाभ13:34 – 15:10
- अमृतश्रेष्ठ15:10 – 16:47
- कालहानि16:47 – 18:23
- लाभलाभ18:23 – 19:47
- उद्वेगअशुभ19:47 – 21:10
- शुभशुभ21:10 – 22:33
- अमृतश्रेष्ठ22:33 – 23:57
- चरसम23:57 – 01:20
- रोगअनिष्ट01:20 – 02:44
- कालहानि02:44 – 04:07
- लाभलाभ04:07 – 05:30
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 05:31–06:36 |
| गुरु | 06:36–07:40 |
| मंगल | 07:40–08:44 |
| सूर्य | 08:44–09:49 |
| शुक्र | 09:49–10:53 |
| बुध | 10:53–11:57 |
| चन्द्र | 11:57–13:02 |
| शनि | 13:02–14:06 |
| गुरु | 14:06–15:10 |
| मंगल | 15:10–16:15 |
| सूर्य | 16:15–17:19 |
| शुक्र | 17:19–18:23 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:23–19:19 |
| चन्द्र | 19:19–20:14 |
| शनि | 20:14–21:10 |
| गुरु | 21:10–22:06 |
| मंगल | 22:06–23:01 |
| सूर्य | 23:01–23:57 |
| शुक्र | 23:57–00:52 |
| बुध | 00:52–01:48 |
| चन्द्र | 01:48–02:44 |
| शनि | 02:44–03:39 |
| गुरु | 03:39–04:35 |
| मंगल | 04:35–05:30 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- विशाखा 4 पद07:40 तक
- अनुराधा 1 पद13:00 तक
- अनुराधा 2 पद18:21 तक
- अनुराधा 3 पद23:43 तक
- अनुराधा 4 पद05:07, 21 अप्रैल तक
- ज्येष्ठा 1 पद10:32, 21 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 52m
- रात्रिमान
- 11h 7m
- मध्याह्न
- 11:57
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 22:10 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 22:10 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:31 –06:55
- शुभ मुहूर्त06:55 –07:40
- रोग पंचक07:40 –08:53
- शुभ मुहूर्त08:53 –11:06
- मृत्यु पंचक11:06 –13:24
- अग्नि पंचक13:24 –15:38
- शुभ मुहूर्त15:38 –17:51
- राज पंचक17:51 –20:08
- शुभ मुहूर्त20:08 –22:10
- चोर पंचक22:10 –22:24
- शुभ मुहूर्त22:24 –00:29, 21 अप्रैल
- रोग पंचक00:29 –02:14, 21 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:14 –03:45, 21 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:45 –05:07, 21 अप्रैल
- अग्नि पंचक05:07 –05:13, 21 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:13 –05:30, 21 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:17 –06:55
- वृषभ06:55 –08:53
- मिथुन08:53 –11:06
- कर्क11:06 –13:24
- सिंह13:24 –15:38
- कन्या15:38 –17:51
- तुला17:51 –20:08
- वृश्चिक20:08 –22:24
- धनु22:24 –00:29, 21 अप्रैल
- मकर00:29 –02:14, 21 अप्रैल
- कुम्भ02:14 –03:45, 21 अप्रैल
- मीन03:45 –05:13, 21 अप्रैल
- मेष05:13 –06:51, 21 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 20 अप्रैल 2030
शनिवार, 20 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 18:23 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 19:02 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 11:51 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 08:44–10:21, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:23। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 20 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:31, वाराणसी)।
20 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 02:56 तक।
वाराणसी में 20 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 08:44–10:21, यमगण्ड 13:34–15:10, गुलिक काल 05:31–07:08।
वाराणसी में 20 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:23, चंद्रोदय 21:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
20 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:32–12:23, ब्रह्म मुहूर्त 04:02–04:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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