पंचांग · शनिवार, 13 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी21:14 तक
- शुक्ल एकादशी20:02, 14 अप्रैल तक
- अश्लेषास्वामी बुध22:09 तक
- मघास्वामी केतु21:38, 14 अप्रैल तक
- शूल22:57 तक
- गण्ड20:51, 14 अप्रैल तक
- तैतिल09:30 तक
- गर21:14 तक
- वणिज08:44, 14 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:38बिंब मध्य 05:41
- सूर्यास्त
- 18:20बिंब मध्य 18:16
- चंद्रोदय
- 13:33
- चंद्रास्त
- 01:55
- दिनमान
- 12h 42m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कर्क22:09 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:53
- प्रातः संध्या04:30 –05:38
- अभिजित मुहूर्त11:33 –12:24
- विजय मुहूर्त14:06 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:20 –18:42
- सायाह्न संध्या18:20 –19:28
- निशीथ मुहूर्त23:36 –00:21, 14 अप्रैल
- अमृत काल20:32 –22:09
- राहु काल08:48 –10:24
- यमगंड13:34 –15:09
- गुलिक काल05:38 –07:13
- दुर्मुहूर्त05:38 –06:29
- दुर्मुहूर्त06:29 –07:19
- वर्ज्य10:48 –12:25
- गंड मूल05:38 –22:09
- गंड मूल22:09 –05:37, 14 अप्रैल
चौघड़िया
- कालहानि05:38 – 07:13
- शुभशुभ07:13 – 08:48
- रोगअनिष्ट08:48 – 10:24
- उद्वेगअशुभ10:24 – 11:59
- चरसम11:59 – 13:34
- लाभलाभ13:34 – 15:09
- अमृतश्रेष्ठ15:09 – 16:45
- कालहानि16:45 – 18:20
- लाभलाभ18:20 – 19:45
- उद्वेगअशुभ19:45 – 21:09
- शुभशुभ21:09 – 22:34
- अमृतश्रेष्ठ22:34 – 23:58
- चरसम23:58 – 01:23
- रोगअनिष्ट01:23 – 02:48
- कालहानि02:48 – 04:12
- लाभलाभ04:12 – 05:37
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 05:38–06:41 |
| गुरु | 06:41–07:45 |
| मंगल | 07:45–08:48 |
| सूर्य | 08:48–09:52 |
| शुक्र | 09:52–10:55 |
| बुध | 10:55–11:59 |
| चन्द्र | 11:59–13:02 |
| शनि | 13:02–14:06 |
| गुरु | 14:06–15:09 |
| मंगल | 15:09–16:13 |
| सूर्य | 16:13–17:16 |
| शुक्र | 17:16–18:20 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:20–19:16 |
| चन्द्र | 19:16–20:13 |
| शनि | 20:13–21:09 |
| गुरु | 21:09–22:06 |
| मंगल | 22:06–23:02 |
| सूर्य | 23:02–23:58 |
| शुक्र | 23:58–00:55 |
| बुध | 00:55–01:51 |
| चन्द्र | 01:51–02:48 |
| शनि | 02:48–03:44 |
| गुरु | 03:44–04:40 |
| मंगल | 04:40–05:37 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 2 पद10:06 तक
- अश्लेषा 3 पद16:09 तक
- अश्लेषा 4 पद22:09 तक
- मघा 1 पद04:06, 14 अप्रैल तक
- मघा 2 पद09:59, 14 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 42m
- रात्रिमान
- 11h 17m
- मध्याह्न
- 11:59
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर · 22:09 तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 21:14 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 21:14 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:38 –05:45
- शुभ मुहूर्त05:45 –07:23
- मृत्यु पंचक07:23 –09:20
- अग्नि पंचक09:20 –11:34
- शुभ मुहूर्त11:34 –13:52
- राज पंचक13:52 –16:06
- शुभ मुहूर्त16:06 –18:19
- चोर पंचक18:19 –20:35
- शुभ मुहूर्त20:35 –21:14
- रोग पंचक21:14 –22:09
- शुभ मुहूर्त22:09 –22:52
- मृत्यु पंचक22:52 –00:57, 14 अप्रैल
- अग्नि पंचक00:57 –02:41, 14 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:41 –04:12, 14 अप्रैल
- राज पंचक04:12 –05:37, 14 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:16 –05:45
- मेष05:45 –07:23
- वृषभ07:23 –09:20
- मिथुन09:20 –11:34
- कर्क11:34 –13:52
- सिंह13:52 –16:06
- कन्या16:06 –18:19
- तुला18:19 –20:35
- वृश्चिक20:35 –22:52
- धनु22:52 –00:57, 14 अप्रैल
- मकर00:57 –02:41, 14 अप्रैल
- कुम्भ02:41 –04:12, 14 अप्रैल
- मीन04:12 –05:41, 14 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 13 अप्रैल 2030
शनिवार, 13 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 18:20 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 21:14 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र अश्लेषा 22:09 तक, फिर मघा; योग शूल 22:57 तक, फिर गण्ड; करण तैतिल 09:30 तक, फिर गर। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 08:48–10:24, अभिजित मुहूर्त 11:33–12:24। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 13 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 21:14 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 05:38, वाराणसी)।
13 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 22:09 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 22:09 तक।
वाराणसी में 13 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 08:48–10:24, यमगण्ड 13:34–15:09, गुलिक काल 05:38–07:13।
वाराणसी में 13 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 18:20, चंद्रोदय 13:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
13 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:33–12:24, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:53। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2801° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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