पंचांग · सोमवार, 1 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्दशी02:11, 2 अप्रैल तक
- अमावस्या03:32, 3 अप्रैल तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु21:16 तक
- उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि23:07, 2 अप्रैल तक
- शुक्ल19:27 तक
- ब्रह्मा19:21, 2 अप्रैल तक
- विष्टि13:40 तक
- शकुनि02:11, 2 अप्रैल तक
- चतुष्पाद14:48, 2 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:50बिंब मध्य 05:53
- सूर्यास्त
- 18:15बिंब मध्य 18:10
- चंद्रोदय
- 04:31
- चंद्रास्त
- 16:58
- दिनमान
- 12h 25m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- कुम्भ14:52 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:17 –05:03
- प्रातः संध्या04:40 –05:50
- अभिजित मुहूर्त11:37 –12:27
- विजय मुहूर्त14:06 –14:56
- गोधूलि मुहूर्त18:15 –18:38
- सायाह्न संध्या18:15 –19:24
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:25, 2 अप्रैल
- अमृत काल12:47 –14:29
- राहु काल07:23 –08:56
- यमगंड10:29 –12:02
- गुलिक काल13:35 –15:08
- दुर्मुहूर्त12:27 –13:17
- दुर्मुहूर्त14:56 –15:46
- भद्रा05:50 –13:40
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:50 – 07:23
- कालहानि07:23 – 08:56
- शुभशुभ08:56 – 10:29
- रोगअनिष्ट10:29 – 12:02
- उद्वेगअशुभ12:02 – 13:35
- चरसम13:35 – 15:08
- लाभलाभ15:08 – 16:41
- अमृतश्रेष्ठ16:41 – 18:15
- चरसम18:15 – 19:41
- रोगअनिष्ट19:41 – 21:08
- कालहानि21:08 – 22:35
- लाभलाभ22:35 – 00:02
- उद्वेगअशुभ00:02 – 01:28
- शुभशुभ01:28 – 02:55
- अमृतश्रेष्ठ02:55 – 04:22
- चरसम04:22 – 05:49
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:50–06:52 |
| शनि | 06:52–07:54 |
| गुरु | 07:54–08:56 |
| मंगल | 08:56–09:58 |
| सूर्य | 09:58–11:00 |
| शुक्र | 11:00–12:02 |
| बुध | 12:02–13:04 |
| चन्द्र | 13:04–14:06 |
| शनि | 14:06–15:08 |
| गुरु | 15:08–16:10 |
| मंगल | 16:10–17:12 |
| सूर्य | 17:12–18:15 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:15–19:12 |
| बुध | 19:12–20:10 |
| चन्द्र | 20:10–21:08 |
| शनि | 21:08–22:06 |
| गुरु | 22:06–23:04 |
| मंगल | 23:04–00:02 |
| सूर्य | 00:02–01:00 |
| शुक्र | 01:00–01:57 |
| बुध | 01:57–02:55 |
| चन्द्र | 02:55–03:53 |
| शनि | 03:53–04:51 |
| गुरु | 04:51–05:49 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वभाद्रपद 2 पद08:29 तक
- पूर्वभाद्रपद 3 पद14:52 तक
- पूर्वभाद्रपद 4 पद21:16 तक
- उत्तरभाद्रपद 1 पद03:41, 2 अप्रैल तक
- उत्तरभाद्रपद 2 पद10:08, 2 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 25m
- रात्रिमान
- 11h 34m
- मध्याह्न
- 12:02
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 14:52 तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:11, 2 अप्रैल तकआकाश
- शिववास
- श्मशान में · 02:11, 2 अप्रैल तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:50 –08:10
- राज पंचक08:10 –10:07
- शुभ मुहूर्त10:07 –12:21
- चोर पंचक12:21 –14:39
- शुभ मुहूर्त14:39 –16:53
- रोग पंचक16:53 –19:06
- शुभ मुहूर्त19:06 –21:16
- मृत्यु पंचक21:16 –21:22
- अग्नि पंचक21:22 –23:39
- शुभ मुहूर्त23:39 –01:44, 2 अप्रैल
- राज पंचक01:44 –02:11, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:11 –03:29, 2 अप्रैल
- चोर पंचक03:29 –04:59, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:59 –05:49, 2 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:03 –06:32
- मेष06:32 –08:10
- वृषभ08:10 –10:07
- मिथुन10:07 –12:21
- कर्क12:21 –14:39
- सिंह14:39 –16:53
- कन्या16:53 –19:06
- तुला19:06 –21:22
- वृश्चिक21:22 –23:39
- धनु23:39 –01:44, 2 अप्रैल
- मकर01:44 –03:29, 2 अप्रैल
- कुम्भ03:29 –04:59, 2 अप्रैल
- मीन04:59 –06:28, 2 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 1 अप्रैल 2030
सोमवार, 1 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 18:15 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 2 अप्रैल 02:11 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 21:16 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग शुक्ल 19:27 तक, फिर ब्रह्मा; करण विष्टि 13:40 तक, फिर शकुनि। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 07:23–08:56, अभिजित मुहूर्त 11:37–12:27। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 1 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्दशी 2 अप्रैल 02:11 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 05:50, वाराणसी)।
1 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वभाद्रपद 21:16 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 14:52 तक।
वाराणसी में 1 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:23–08:56, यमगण्ड 10:29–12:02, गुलिक काल 13:35–15:08।
वाराणसी में 1 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:15, चंद्रोदय 04:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:37–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:17–05:03। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2796° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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