पंचांग · मंगलवार, 26 मार्च 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण अष्टमी02:38, 27 मार्च तक
- कृष्ण नवमी01:31, 28 मार्च तक
- मूलस्वामी केतु18:32 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र17:58, 27 मार्च तक
- वरीयान्02:43, 27 मार्च तक
- परिघ00:42, 28 मार्च तक
- बालव15:21 तक
- कौलव02:38, 27 मार्च तक
- तैतिल14:01, 27 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:56बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 18:12बिंब मध्य 18:08
- चंद्रोदय
- 00:18
- चंद्रास्त
- 11:12
- दिनमान
- 12h 16m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- धनु23:53, 27 मार्च तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:22 –05:09
- प्रातः संध्या04:46 –05:56
- अभिजित मुहूर्त11:39 –12:29
- विजय मुहूर्त14:07 –14:56
- गोधूलि मुहूर्त18:12 –18:35
- सायाह्न संध्या18:12 –19:22
- निशीथ मुहूर्त23:40 –00:27, 27 मार्च
- अमृत काल12:24 –13:56
- राहु काल15:08 –16:40
- यमगंड09:00 –10:32
- गुलिक काल12:04 –13:36
- दुर्मुहूर्त08:23 –09:12
- दुर्मुहूर्त22:53 –23:40
- वर्ज्य17:00 –18:32
- वर्ज्य03:54 –05:28, 27 मार्च
- गंड मूल05:56 –18:32
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:56 – 07:28
- उद्वेगअशुभ07:28 – 09:00
- चरसम09:00 – 10:32
- लाभलाभ10:32 – 12:04
- अमृतश्रेष्ठ12:04 – 13:36
- कालहानि13:36 – 15:08
- शुभशुभ15:08 – 16:40
- रोगअनिष्ट16:40 – 18:12
- कालहानि18:12 – 19:40
- लाभलाभ19:40 – 21:08
- उद्वेगअशुभ21:08 – 22:36
- शुभशुभ22:36 – 00:03
- अमृतश्रेष्ठ00:03 – 01:31
- चरसम01:31 – 02:59
- रोगअनिष्ट02:59 – 04:27
- कालहानि04:27 – 05:55
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:56–06:57 |
| सूर्य | 06:57–07:59 |
| शुक्र | 07:59–09:00 |
| बुध | 09:00–10:01 |
| चन्द्र | 10:01–11:03 |
| शनि | 11:03–12:04 |
| गुरु | 12:04–13:05 |
| मंगल | 13:05–14:07 |
| सूर्य | 14:07–15:08 |
| शुक्र | 15:08–16:09 |
| बुध | 16:09–17:11 |
| चन्द्र | 17:11–18:12 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:12–19:10 |
| गुरु | 19:10–20:09 |
| मंगल | 20:09–21:08 |
| सूर्य | 21:08–22:06 |
| शुक्र | 22:06–23:05 |
| बुध | 23:05–00:03 |
| चन्द्र | 00:03–01:02 |
| शनि | 01:02–02:01 |
| गुरु | 02:01–02:59 |
| मंगल | 02:59–03:58 |
| सूर्य | 03:58–04:56 |
| शुक्र | 04:56–05:55 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 2 पद06:58 तक
- मूल 3 पद12:44 तक
- मूल 4 पद18:32 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद00:21, 27 मार्च तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद06:11, 27 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपद 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 16m
- रात्रिमान
- 11h 43m
- मध्याह्न
- 12:04
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:38, 27 मार्च तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 02:38, 27 मार्च तकसभा में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:56 –06:55
- मृत्यु पंचक06:55 –08:34
- अग्नि पंचक08:34 –10:31
- शुभ मुहूर्त10:31 –12:45
- राज पंचक12:45 –15:02
- शुभ मुहूर्त15:02 –17:16
- चोर पंचक17:16 –18:32
- शुभ मुहूर्त18:32 –19:29
- रोग पंचक19:29 –21:46
- शुभ मुहूर्त21:46 –00:03, 27 मार्च
- मृत्यु पंचक00:03 –02:07, 27 मार्च
- अग्नि पंचक02:07 –02:38, 27 मार्च
- शुभ मुहूर्त02:38 –03:52, 27 मार्च
- राज पंचक03:52 –05:23, 27 मार्च
- शुभ मुहूर्त05:23 –05:55, 27 मार्च
उदय लग्न
- मीन05:27 –06:55
- मेष06:55 –08:34
- वृषभ08:34 –10:31
- मिथुन10:31 –12:45
- कर्क12:45 –15:02
- सिंह15:02 –17:16
- कन्या17:16 –19:29
- तुला19:29 –21:46
- वृश्चिक21:46 –00:03, 27 मार्च
- धनु00:03 –02:07, 27 मार्च
- मकर02:07 –03:52, 27 मार्च
- कुम्भ03:52 –05:23, 27 मार्च
- मीन05:23 –06:51, 27 मार्च
पंचांग · वाराणसी, 26 मार्च 2030
मंगलवार, 26 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:56 और सूर्यास्त 18:12 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 27 मार्च 02:38 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र मूल 18:32 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग वरीयान् 27 मार्च 02:43 तक, फिर परिघ; करण बालव 15:21 तक, फिर कौलव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 15:08–16:40, अभिजित मुहूर्त 11:39–12:29। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 26 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण अष्टमी 27 मार्च 02:38 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 05:56, वाराणसी)।
26 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 18:32 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 27 मार्च 23:53 तक।
वाराणसी में 26 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:08–16:40, यमगण्ड 09:00–10:32, गुलिक काल 12:04–13:36।
वाराणसी में 26 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:12, चंद्रोदय 00:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
26 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:39–12:29, ब्रह्म मुहूर्त 04:22–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
26 मार्च 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
शीतला अष्टमी (बसोड़ा)।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2794° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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