पंचांग · शनिवार, 16 मार्च 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी06:17 तक
- शुक्ल द्वादशी05:36, 17 मार्च तक
- शुक्ल त्रयोदशी04:09, 18 मार्च तक
- पुष्यस्वामी शनि12:35 तक
- अश्लेषास्वामी बुध12:21, 17 मार्च तक
- अतिगण्ड15:44 तक
- सुकर्मा13:48, 17 मार्च तक
- विष्टि06:17 तक
- बव18:03 तक
- बालव05:36, 17 मार्च तक
- कौलव16:58, 17 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:07बिंब मध्य 06:10
- सूर्यास्त
- 18:07बिंब मध्य 18:03
- चंद्रोदय
- 14:50
- चंद्रास्त
- 03:22
- दिनमान
- 12h 0m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कर्क12:21, 17 मार्च तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:31 –05:19
- प्रातः संध्या04:55 –06:07
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:31
- विजय मुहूर्त14:07 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:07 –18:31
- सायाह्न संध्या18:07 –19:19
- निशीथ मुहूर्त23:43 –00:30, 17 मार्च
- अमृत काल06:02 –07:40
- राहु काल09:07 –10:37
- यमगंड13:37 –15:07
- गुलिक काल06:07 –07:37
- दुर्मुहूर्त06:07 –06:55
- दुर्मुहूर्त06:55 –07:43
- वर्ज्य01:16 –02:51, 17 मार्च
- गंड मूल12:35 –06:06, 17 मार्च
- भद्रा06:07 –06:17
चौघड़िया
- कालहानि06:07 – 07:37
- शुभशुभ07:37 – 09:07
- रोगअनिष्ट09:07 – 10:37
- उद्वेगअशुभ10:37 – 12:07
- चरसम12:07 – 13:37
- लाभलाभ13:37 – 15:07
- अमृतश्रेष्ठ15:07 – 16:37
- कालहानि16:37 – 18:07
- लाभलाभ18:07 – 19:37
- उद्वेगअशुभ19:37 – 21:07
- शुभशुभ21:07 – 22:37
- अमृतश्रेष्ठ22:37 – 00:06
- चरसम00:06 – 01:36
- रोगअनिष्ट01:36 – 03:06
- कालहानि03:06 – 04:36
- लाभलाभ04:36 – 06:06
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:07–07:07 |
| गुरु | 07:07–08:07 |
| मंगल | 08:07–09:07 |
| सूर्य | 09:07–10:07 |
| शुक्र | 10:07–11:07 |
| बुध | 11:07–12:07 |
| चन्द्र | 12:07–13:07 |
| शनि | 13:07–14:07 |
| गुरु | 14:07–15:07 |
| मंगल | 15:07–16:07 |
| सूर्य | 16:07–17:07 |
| शुक्र | 17:07–18:07 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:07–19:07 |
| चन्द्र | 19:07–20:07 |
| शनि | 20:07–21:07 |
| गुरु | 21:07–22:07 |
| मंगल | 22:07–23:07 |
| सूर्य | 23:07–00:06 |
| शुक्र | 00:06–01:06 |
| बुध | 01:06–02:06 |
| चन्द्र | 02:06–03:06 |
| शनि | 03:06–04:06 |
| गुरु | 04:06–05:06 |
| मंगल | 05:06–06:06 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुष्य 3 पद06:31 तक
- पुष्य 4 पद12:35 तक
- अश्लेषा 1 पद18:36 तक
- अश्लेषा 2 पद00:34, 17 मार्च तक
- अश्लेषा 3 पद06:29, 17 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपद 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 0m
- रात्रिमान
- 11h 59m
- मध्याह्न
- 12:07
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:17 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:36, 17 मार्च तकआकाश
- शिववास
- क्रीड़ा में · 06:17 तककैलाश पर · 05:36, 17 मार्च तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:07 –06:17
- शुभ मुहूर्त06:17 –07:35
- मृत्यु पंचक07:35 –09:13
- अग्नि पंचक09:13 –11:10
- शुभ मुहूर्त11:10 –12:35
- राज पंचक12:35 –13:24
- शुभ मुहूर्त13:24 –15:42
- चोर पंचक15:42 –17:56
- शुभ मुहूर्त17:56 –20:09
- रोग पंचक20:09 –22:25
- शुभ मुहूर्त22:25 –00:42, 17 मार्च
- मृत्यु पंचक00:42 –02:47, 17 मार्च
- अग्नि पंचक02:47 –04:32, 17 मार्च
- शुभ मुहूर्त04:32 –05:36, 17 मार्च
- राज पंचक05:36 –06:02, 17 मार्च
- शुभ मुहूर्त06:02 –06:06, 17 मार्च
उदय लग्न
- मीन06:06 –07:35
- मेष07:35 –09:13
- वृषभ09:13 –11:10
- मिथुन11:10 –13:24
- कर्क13:24 –15:42
- सिंह15:42 –17:56
- कन्या17:56 –20:09
- तुला20:09 –22:25
- वृश्चिक22:25 –00:42, 17 मार्च
- धनु00:42 –02:47, 17 मार्च
- मकर02:47 –04:32, 17 मार्च
- कुम्भ04:32 –06:02, 17 मार्च
- मीन06:02 –07:31, 17 मार्च
पंचांग · वाराणसी, 16 मार्च 2030
शनिवार, 16 मार्च 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 06:07 और सूर्यास्त 18:07 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 06:17 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पुष्य 12:35 तक, फिर अश्लेषा; योग अतिगण्ड 15:44 तक, फिर सुकर्मा; करण विष्टि 06:17 तक, फिर बव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 09:07–10:37, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:31। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 16 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 06:17 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:07, वाराणसी)।
16 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पुष्य 12:35 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 17 मार्च 12:21 तक।
वाराणसी में 16 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:07–10:37, यमगण्ड 13:37–15:07, गुलिक काल 06:07–07:37।
वाराणसी में 16 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:07, चंद्रोदय 14:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
16 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:31, ब्रह्म मुहूर्त 04:31–05:19। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
16 मार्च 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
आमलकी एकादशी।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2790° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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