पंचांग · गुरुवार, 28 फ़रवरी 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण एकादशी14:05 तक
- कृष्ण द्वादशी13:05, 1 मार्च तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र12:35 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य12:14, 1 मार्च तक
- व्यतीपात20:03 तक
- वरीयान्18:08, 1 मार्च तक
- बालव14:05 तक
- कौलव01:33, 1 मार्च तक
- तैतिल13:05, 1 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:22बिंब मध्य 06:25
- सूर्यास्त
- 17:59बिंब मध्य 17:55
- चंद्रोदय
- 03:15
- चंद्रास्त
- 14:19
- दिनमान
- 11h 37m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- धनु18:28 तक
- सूर्य राशि
- कुम्भ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- माघ
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:33
- प्रातः संध्या05:08 –06:22
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:34
- विजय मुहूर्त14:07 –14:53
- गोधूलि मुहूर्त17:59 –18:24
- सायाह्न संध्या17:59 –19:14
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:35, 1 मार्च
- अमृत काल07:54 –09:27
- अमृत काल05:55 –07:30, 1 मार्च
- राहु काल13:38 –15:05
- यमगंड06:22 –07:49
- गुलिक काल09:16 –10:44
- दुर्मुहूर्त10:15 –11:01
- दुर्मुहूर्त14:53 –15:40
- वर्ज्य20:28 –22:02
चौघड़िया
- शुभशुभ06:22 – 07:49
- रोगअनिष्ट07:49 – 09:16
- उद्वेगअशुभ09:16 – 10:44
- चरसम10:44 – 12:11
- लाभलाभ12:11 – 13:38
- अमृतश्रेष्ठ13:38 – 15:05
- कालहानि15:05 – 16:32
- शुभशुभ16:32 – 17:59
- अमृतश्रेष्ठ17:59 – 19:32
- चरसम19:32 – 21:05
- रोगअनिष्ट21:05 – 22:38
- कालहानि22:38 – 00:10
- लाभलाभ00:10 – 01:43
- उद्वेगअशुभ01:43 – 03:16
- शुभशुभ03:16 – 04:49
- अमृतश्रेष्ठ04:49 – 06:21
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:22–07:20 |
| मंगल | 07:20–08:18 |
| सूर्य | 08:18–09:16 |
| शुक्र | 09:16–10:15 |
| बुध | 10:15–11:13 |
| चन्द्र | 11:13–12:11 |
| शनि | 12:11–13:09 |
| गुरु | 13:09–14:07 |
| मंगल | 14:07–15:05 |
| सूर्य | 15:05–16:03 |
| शुक्र | 16:03–17:01 |
| बुध | 17:01–17:59 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:59–19:01 |
| शनि | 19:01–20:03 |
| गुरु | 20:03–21:05 |
| मंगल | 21:05–22:07 |
| सूर्य | 22:07–23:09 |
| शुक्र | 23:09–00:10 |
| बुध | 00:10–01:12 |
| चन्द्र | 01:12–02:14 |
| शनि | 02:14–03:16 |
| गुरु | 03:16–04:18 |
| मंगल | 04:18–05:19 |
| सूर्य | 05:19–06:21 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद06:42 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद12:35 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद18:28 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद00:22, 1 मार्च तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद06:17, 1 मार्च तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद12:14, 1 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- शतभिषा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 37m
- रात्रिमान
- 12h 22m
- मध्याह्न
- 12:11
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पूर्व · 18:28 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 14:05 तकआकाश
- शिववास
- कैलाश पर · 14:05 तकनंदी पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:22 –07:09
- शुभ मुहूर्त07:09 –10:16
- रोग पंचक10:16 –12:13
- शुभ मुहूर्त12:13 –12:35
- मृत्यु पंचक12:35 –14:05
- अग्नि पंचक14:05 –14:27
- शुभ मुहूर्त14:27 –16:45
- राज पंचक16:45 –18:59
- शुभ मुहूर्त18:59 –21:12
- चोर पंचक21:12 –23:28
- शुभ मुहूर्त23:28 –01:45, 1 मार्च
- रोग पंचक01:45 –03:50, 1 मार्च
- शुभ मुहूर्त03:50 –05:34, 1 मार्च
- मृत्यु पंचक05:34 –06:21, 1 मार्च
उदय लग्न
- कुम्भ05:38 –07:09
- मीन07:09 –08:38
- मेष08:38 –10:16
- वृषभ10:16 –12:13
- मिथुन12:13 –14:27
- कर्क14:27 –16:45
- सिंह16:45 –18:59
- कन्या18:59 –21:12
- तुला21:12 –23:28
- वृश्चिक23:28 –01:45, 1 मार्च
- धनु01:45 –03:50, 1 मार्च
- मकर03:50 –05:34, 1 मार्च
- कुम्भ05:34 –07:05, 1 मार्च
पंचांग · वाराणसी, 28 फ़रवरी 2030
गुरुवार, 28 फ़रवरी 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 06:22 और सूर्यास्त 17:59 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 14:05 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 12:35 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग व्यतीपात 20:03 तक, फिर वरीयान्; करण बालव 14:05 तक, फिर कौलव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 13:38–15:05, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:34। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 28 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण एकादशी 14:05 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 06:22, वाराणसी)।
28 फ़रवरी 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 12:35 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 18:28 तक।
वाराणसी में 28 फ़रवरी 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:38–15:05, यमगण्ड 06:22–07:49, गुलिक काल 09:16–10:44।
वाराणसी में 28 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 17:59, चंद्रोदय 03:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
28 फ़रवरी 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:33। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
28 फ़रवरी 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
विजया एकादशी।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर फ़रवरी 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2784° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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