पंचांग · गुरुवार, 18 अप्रैल 2030उज्जैन

चैत्र · पूर्णिमा · विक्रम संवत 2087हनुमान जयंतीपूर्णिमा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:04सूर्योदय18:49सूर्यास्त
तिथि
पूर्णिमा
शुक्ल · 08:50 तक
नक्षत्र
चित्रा
13:16 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0418:49
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:02 –15:38
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:04दिन18:49
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:49रात06:03
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. पूर्णिमा
    08:50 तक
  2. कृष्ण प्रतिपदा
    05:12, 19 अप्रैल तक
  3. कृष्ण द्वितीया
    01:36, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. चित्रास्वामी मंगल
    13:16 तक
  2. स्वातीस्वामी राहु
    10:26, 19 अप्रैल तक
योग
  1. हर्षण
    07:13 तक
  2. वज्र
    03:07, 19 अप्रैल तक
  3. सिद्धि
    23:00, 19 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    08:50 तक
  2. बालव
    19:01 तक
  3. कौलव
    05:12, 19 अप्रैल तक
  4. तैतिल
    15:23, 19 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:04
बिंब मध्य 06:07
सूर्यास्त
18:49
बिंब मध्य 18:45
चंद्रोदय
19:14
चंद्रास्त
05:48
दिनमान
12h 45m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
तुला
02:21, 20 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:34 –05:19
  • प्रातः संध्या04:56 –06:04
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:52
  • विजय मुहूर्त14:34 –15:25
  • गोधूलि मुहूर्त18:49 –19:11
  • सायाह्न संध्या18:49 –19:56
  • निशीथ मुहूर्त00:03 –00:48, 19 अप्रैल
  • अमृत काल07:36 –09:01
  • अमृत काल02:41 –04:05, 19 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:02 –15:38
  • यमगंड06:04 –07:40
  • गुलिक काल09:15 –10:51
  • दुर्मुहूर्त10:19 –11:10
  • दुर्मुहूर्त15:25 –16:16
  • वर्ज्य18:13 –19:37

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:04 – 07:40
  • रोगअनिष्ट07:40 – 09:15
  • उद्वेगअशुभ09:15 – 10:51
  • चरसम10:51 – 12:26
  • लाभलाभ12:26 – 14:02
  • अमृतश्रेष्ठ14:02 – 15:38
  • कालहानि15:38 – 17:13
  • शुभशुभ17:13 – 18:49
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:49 – 20:13
  • चरसम20:13 – 21:37
  • रोगअनिष्ट21:37 – 23:02
  • कालहानि23:02 – 00:26
  • लाभलाभ00:26 – 01:50
  • उद्वेगअशुभ01:50 – 03:14
  • शुभशुभ03:14 – 04:39
  • अमृतश्रेष्ठ04:39 – 06:03

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:04–07:08
मंगल07:08–08:11
सूर्य08:11–09:15
शुक्र09:15–10:19
बुध10:19–11:23
चन्द्र11:23–12:26
शनि12:26–13:30
गुरु13:30–14:34
मंगल14:34–15:38
सूर्य15:38–16:41
शुक्र16:41–17:45
बुध17:45–18:49
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:49–19:45
शनि19:45–20:41
गुरु20:41–21:37
मंगल21:37–22:34
सूर्य22:34–23:30
शुक्र23:30–00:26
बुध00:26–01:22
चन्द्र01:22–02:18
शनि02:18–03:14
गुरु03:14–04:11
मंगल04:11–05:07
सूर्य05:07–06:03

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • चित्रा 3 पद07:58 तक
  • चित्रा 4 पद13:16 तक
  • स्वाती 1 पद18:34 तक
  • स्वाती 2 पद23:51 तक
  • स्वाती 3 पद05:09, 19 अप्रैल तक
  • स्वाती 4 पद10:26, 19 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 45m
रात्रिमान
11h 14m
मध्याह्न
12:26

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
चित्रा · 13:16 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
स्वाती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
आकाश · 08:50 तकपाताल · 05:12, 19 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 08:50 तकगौरी के साथ · 05:12, 19 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:04 –07:35
  • शुभ मुहूर्त07:35 –08:50
  • मृत्यु पंचक08:50 –09:34
  • अग्नि पंचक09:34 –11:47
  • शुभ मुहूर्त11:47 –13:16
  • राज पंचक13:16 –14:03
  • शुभ मुहूर्त14:03 –16:15
  • चोर पंचक16:15 –18:26
  • शुभ मुहूर्त18:26 –20:40
  • रोग पंचक20:40 –22:56
  • शुभ मुहूर्त22:56 –01:02, 19 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:02 –02:48, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक02:48 –04:21, 19 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:21 –05:12, 19 अप्रैल
  • राज पंचक05:12 –05:51, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:51 –06:03, 19 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:55 –07:35
  • वृषभ07:35 –09:34
  • मिथुन09:34 –11:47
  • कर्क11:47 –14:03
  • सिंह14:03 –16:15
  • कन्या16:15 –18:26
  • तुला18:26 –20:40
  • वृश्चिक20:40 –22:56
  • धनु22:56 –01:02, 19 अप्रैल
  • मकर01:02 –02:48, 19 अप्रैल
  • कुम्भ02:48 –04:21, 19 अप्रैल
  • मीन04:21 –05:51, 19 अप्रैल
  • मेष05:51 –07:32, 19 अप्रैल

पंचांग · उज्जैन, 18 अप्रैल 2030

गुरुवार, 18 अप्रैल 2030 को उज्जैन में सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 18:49 पर है। तिथि पूर्णिमा 08:50 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र चित्रा 13:16 तक, फिर स्वाती; योग हर्षण 07:13 तक, फिर वज्र; करण बव 08:50 तक, फिर बालव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 14:02–15:38, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

उज्जैन में 18 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

पूर्णिमा 08:50 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 06:04, उज्जैन)।

18 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

चित्रा 13:16 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा तुला राशि में 20 अप्रैल 02:21 तक।

उज्जैन में 18 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:02–15:38, यमगण्ड 06:04–07:40, गुलिक काल 09:15–10:51।

उज्जैन में 18 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 18:49, चंद्रोदय 19:14 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52, ब्रह्म मुहूर्त 04:34–05:19। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

18 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

हनुमान जयंती, पूर्णिमा।

उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2803° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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