पंचांग · शुक्रवार, 1 मार्च 2030उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वादशी13:05 तक
- कृष्ण त्रयोदशी12:23, 2 मार्च तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य12:14 तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र12:10, 2 मार्च तक
- वरीयान्18:08 तक
- परिघ16:27, 2 मार्च तक
- तैतिल13:05 तक
- गर00:42, 2 मार्च तक
- वणिज12:23, 2 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:49बिंब मध्य 06:52
- सूर्यास्त
- 18:30बिंब मध्य 18:26
- चंद्रोदय
- 04:28
- चंद्रास्त
- 15:53
- दिनमान
- 11h 41m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मकर00:15, 3 मार्च तक
- सूर्य राशि
- कुम्भ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- माघ
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:10 –05:59
- प्रातः संध्या05:35 –06:49
- अभिजित मुहूर्त12:16 –13:03
- विजय मुहूर्त14:36 –15:23
- गोधूलि मुहूर्त18:30 –18:55
- सायाह्न संध्या18:30 –19:44
- निशीथ मुहूर्त00:14 –01:04, 2 मार्च
- अमृत काल05:55 –07:30
- अमृत काल01:47 –03:23, 2 मार्च
- राहु काल11:12 –12:39
- यमगंड15:35 –17:02
- गुलिक काल08:16 –09:44
- दुर्मुहूर्त09:09 –09:56
- दुर्मुहूर्त13:03 –13:49
- वर्ज्य16:13 –17:49
चौघड़िया
- चरसम06:49 – 08:16
- लाभलाभ08:16 – 09:44
- अमृतश्रेष्ठ09:44 – 11:12
- कालहानि11:12 – 12:39
- शुभशुभ12:39 – 14:07
- रोगअनिष्ट14:07 – 15:35
- उद्वेगअशुभ15:35 – 17:02
- चरसम17:02 – 18:30
- रोगअनिष्ट18:30 – 20:02
- कालहानि20:02 – 21:34
- लाभलाभ21:34 – 23:07
- उद्वेगअशुभ23:07 – 00:39
- शुभशुभ00:39 – 02:11
- अमृतश्रेष्ठ02:11 – 03:43
- चरसम03:43 – 05:16
- रोगअनिष्ट05:16 – 06:48
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:49–07:47 |
| बुध | 07:47–08:46 |
| चन्द्र | 08:46–09:44 |
| शनि | 09:44–10:42 |
| गुरु | 10:42–11:41 |
| मंगल | 11:41–12:39 |
| सूर्य | 12:39–13:38 |
| शुक्र | 13:38–14:36 |
| बुध | 14:36–15:35 |
| चन्द्र | 15:35–16:33 |
| शनि | 16:33–17:32 |
| गुरु | 17:32–18:30 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:30–19:31 |
| सूर्य | 19:31–20:33 |
| शुक्र | 20:33–21:34 |
| बुध | 21:34–22:36 |
| चन्द्र | 22:36–23:37 |
| शनि | 23:37–00:39 |
| गुरु | 00:39–01:40 |
| मंगल | 01:40–02:42 |
| सूर्य | 02:42–03:43 |
| शुक्र | 03:43–04:45 |
| बुध | 04:45–05:46 |
| चन्द्र | 05:46–06:48 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 4 पद12:14 तक
- श्रवण 1 पद18:11 तक
- श्रवण 2 पद00:09, 2 मार्च तक
- श्रवण 3 पद06:09, 2 मार्च तक
- श्रवण 4 पद12:10, 2 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- शतभिषा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 41m
- रात्रिमान
- 12h 18m
- मध्याह्न
- 12:39
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 13:05 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 13:05 तकभोजन में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:49 –07:34
- शुभ मुहूर्त07:34 –09:04
- मृत्यु पंचक09:04 –10:44
- अग्नि पंचक10:44 –12:14
- शुभ मुहूर्त12:14 –12:42
- राज पंचक12:42 –13:05
- शुभ मुहूर्त13:05 –14:56
- चोर पंचक14:56 –17:12
- शुभ मुहूर्त17:12 –19:24
- रोग पंचक19:24 –21:35
- शुभ मुहूर्त21:35 –23:49
- मृत्यु पंचक23:49 –02:05, 2 मार्च
- अग्नि पंचक02:05 –04:10, 2 मार्च
- शुभ मुहूर्त04:10 –05:57, 2 मार्च
- राज पंचक05:57 –06:48, 2 मार्च
उदय लग्न
- कुम्भ06:01 –07:34
- मीन07:34 –09:04
- मेष09:04 –10:44
- वृषभ10:44 –12:42
- मिथुन12:42 –14:56
- कर्क14:56 –17:12
- सिंह17:12 –19:24
- कन्या19:24 –21:35
- तुला21:35 –23:49
- वृश्चिक23:49 –02:05, 2 मार्च
- धनु02:05 –04:10, 2 मार्च
- मकर04:10 –05:57, 2 मार्च
- कुम्भ05:57 –07:30, 2 मार्च
पंचांग · उज्जैन, 1 मार्च 2030
शुक्रवार, 1 मार्च 2030 को उज्जैन में सूर्योदय 06:49 और सूर्यास्त 18:30 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 13:05 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 12:14 तक, फिर श्रवण; योग वरीयान् 18:08 तक, फिर परिघ; करण तैतिल 13:05 तक, फिर गर। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 11:12–12:39, अभिजित मुहूर्त 12:16–13:03। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 1 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वादशी 13:05 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 06:49, उज्जैन)।
1 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 12:14 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा मकर राशि में 3 मार्च 00:15 तक।
उज्जैन में 1 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:12–12:39, यमगण्ड 15:35–17:02, गुलिक काल 08:16–09:44।
उज्जैन में 1 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:49, सूर्यास्त 18:30, चंद्रोदय 04:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:16–13:03, ब्रह्म मुहूर्त 05:10–05:59। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 मार्च 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
शुक्र प्रदोष।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2784° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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