पंचांग · सोमवार, 22 अप्रैल 2030टोरंटो

चैत्र · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:23सूर्योदय20:10सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 06:53 तक
नक्षत्र
मूल
15:43 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2320:10
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:07 –09:50
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:23दिन20:10
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:0019:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
20:10रात06:22
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    06:53 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    04:44, 23 अप्रैल तक
  3. कृष्ण सप्तमी
    03:11, 24 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. मूलस्वामी केतु
    15:43 तक
  2. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    14:34, 23 अप्रैल तक
योग
  1. शिव
    23:30 तक
  2. सिद्ध
    21:01, 23 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    06:53 तक
  2. गर
    17:44 तक
  3. वणिज
    04:44, 23 अप्रैल तक
  4. विष्टि
    15:53, 23 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:23
बिंब मध्य 06:28
सूर्यास्त
20:10
बिंब मध्य 20:04
चंद्रोदय
00:43
चंद्रास्त
10:02
दिनमान
13h 47m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
धनु
20:23, 23 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:01 –05:42
  • प्रातः संध्या05:22 –06:23
  • अभिजित मुहूर्त12:49 –13:44
  • विजय मुहूर्त15:34 –16:29
  • गोधूलि मुहूर्त20:10 –20:30
  • सायाह्न संध्या20:10 –21:11
  • निशीथ मुहूर्त00:55 –01:36, 23 अप्रैल
  • अमृत काल09:47 –11:16
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:07 –09:50
  • यमगंड11:33 –13:16
  • गुलिक काल15:00 –16:43
  • दुर्मुहूर्त13:44 –14:39
  • दुर्मुहूर्त16:29 –17:24
  • वर्ज्य14:14 –15:43
  • वर्ज्य00:52 –02:23, 23 अप्रैल
  • गंड मूल06:23 –15:43
  • भद्रा04:44 –06:22, 23 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:23 – 08:07
  • कालहानि08:07 – 09:50
  • शुभशुभ09:50 – 11:33
  • रोगअनिष्ट11:33 – 13:16
  • उद्वेगअशुभ13:16 – 15:00
  • चरसम15:00 – 16:43
  • लाभलाभ16:43 – 18:26
  • अमृतश्रेष्ठ18:26 – 20:10
रात
  • चरसम20:10 – 21:26
  • रोगअनिष्ट21:26 – 22:43
  • कालहानि22:43 – 23:59
  • लाभलाभ23:59 – 01:16
  • उद्वेगअशुभ01:16 – 02:32
  • शुभशुभ02:32 – 03:49
  • अमृतश्रेष्ठ03:49 – 05:05
  • चरसम05:05 – 06:22

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:23–07:32
शनि07:32–08:41
गुरु08:41–09:50
मंगल09:50–10:59
सूर्य10:59–12:08
शुक्र12:08–13:16
बुध13:16–14:25
चन्द्र14:25–15:34
शनि15:34–16:43
गुरु16:43–17:52
मंगल17:52–19:01
सूर्य19:01–20:10
रात
ग्रहसमय
शुक्र20:10–21:01
बुध21:01–21:52
चन्द्र21:52–22:43
शनि22:43–23:34
गुरु23:34–00:25
मंगल00:25–01:16
सूर्य01:16–02:07
शुक्र02:07–02:58
बुध02:58–03:49
चन्द्र03:49–04:40
शनि04:40–05:31
गुरु05:31–06:22

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मूल 3 पद10:06 तक
  • मूल 4 पद15:43 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद21:23 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद03:04, 23 अप्रैल तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद08:48, 23 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 3 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 47m
रात्रिमान
10h 12m
मध्याह्न
13:16

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मूल · 15:43 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्वाषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:53 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:44, 23 अप्रैल तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 06:53 तकभोजन में · 04:44, 23 अप्रैल तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:23 –06:53
  • शुभ मुहूर्त06:53 –07:26
  • रोग पंचक07:26 –09:12
  • शुभ मुहूर्त09:12 –11:32
  • मृत्यु पंचक11:32 –14:07
  • अग्नि पंचक14:07 –15:43
  • शुभ मुहूर्त15:43 –16:44
  • राज पंचक16:44 –19:19
  • शुभ मुहूर्त19:19 –21:56
  • चोर पंचक21:56 –00:24, 23 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:24 –02:24, 23 अप्रैल
  • रोग पंचक02:24 –03:50, 23 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:50 –04:44, 23 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:44 –04:59, 23 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:59 –06:05, 23 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त06:05 –06:22, 23 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष06:09 –07:26
  • वृषभ07:26 –09:12
  • मिथुन09:12 –11:32
  • कर्क11:32 –14:07
  • सिंह14:07 –16:44
  • कन्या16:44 –19:19
  • तुला19:19 –21:56
  • वृश्चिक21:56 –00:24, 23 अप्रैल
  • धनु00:24 –02:24, 23 अप्रैल
  • मकर02:24 –03:50, 23 अप्रैल
  • कुम्भ03:50 –04:59, 23 अप्रैल
  • मीन04:59 –06:05, 23 अप्रैल
  • मेष06:05 –07:23, 23 अप्रैल

पंचांग · टोरंटो, 22 अप्रैल 2030

सोमवार, 22 अप्रैल 2030 को टोरंटो में सूर्योदय 06:23 और सूर्यास्त 20:10 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 06:53 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र मूल 15:43 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग शिव 23:30 तक, फिर सिद्ध; करण तैतिल 06:53 तक, फिर गर। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 08:07–09:50, अभिजित मुहूर्त 12:49–13:44। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

टोरंटो में 22 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 06:53 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:23, टोरंटो)।

22 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल 15:43 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 23 अप्रैल 20:23 तक।

टोरंटो में 22 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:07–09:50, यमगण्ड 11:33–13:16, गुलिक काल 15:00–16:43।

टोरंटो में 22 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 20:10, चंद्रोदय 00:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

22 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:49–13:44, ब्रह्म मुहूर्त 05:01–05:42। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

टोरंटो हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP