पंचांग · गुरुवार, 16 अप्रैल 2026टोरंटो

चैत्र · कृष्ण चतुर्दशी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:33सूर्योदय20:02सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण · 10:41 तक
नक्षत्र
रेवती
02:32, 17 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3320:02
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:59 –16:40
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:33दिन20:02
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:0019:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
20:02रात06:31
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
गंड मूल
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्दशी
    10:41 तक
  2. अमावस्या
    07:51, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    02:32, 17 अप्रैल तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    00:12, 18 अप्रैल तक
योग
  1. वैधृति
    21:51 तक
  2. विष्कुम्भ
    18:15, 17 अप्रैल तक
करण
  1. शकुनि
    10:41 तक
  2. चतुष्पाद
    21:20 तक
  3. नाग
    07:51, 17 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:33
बिंब मध्य 06:37
सूर्यास्त
20:02
बिंब मध्य 19:57
चंद्रोदय
05:50
चंद्रास्त
19:27
दिनमान
13h 29m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मीन
02:32, 17 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:09 –05:51
  • प्रातः संध्या05:30 –06:33
  • अभिजित मुहूर्त12:51 –13:45
  • विजय मुहूर्त15:33 –16:27
  • गोधूलि मुहूर्त20:02 –20:23
  • सायाह्न संध्या20:02 –21:05
  • निशीथ मुहूर्त00:56 –01:38, 17 अप्रैल
  • अमृत काल00:19 –01:48, 17 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:59 –16:40
  • यमगंड06:33 –08:14
  • गुलिक काल09:55 –11:36
  • दुर्मुहूर्त11:03 –11:57
  • दुर्मुहूर्त16:27 –17:20
  • वर्ज्य15:30 –16:58
  • गंड मूल06:33 –02:32, 17 अप्रैल
  • गंड मूल02:32 –06:31, 17 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:33 – 08:14
  • रोगअनिष्ट08:14 – 09:55
  • उद्वेगअशुभ09:55 – 11:36
  • चरसम11:36 – 13:18
  • लाभलाभ13:18 – 14:59
  • अमृतश्रेष्ठ14:59 – 16:40
  • कालहानि16:40 – 18:21
  • शुभशुभ18:21 – 20:02
रात
  • अमृतश्रेष्ठ20:02 – 21:21
  • चरसम21:21 – 22:40
  • रोगअनिष्ट22:40 – 23:58
  • कालहानि23:58 – 01:17
  • लाभलाभ01:17 – 02:35
  • उद्वेगअशुभ02:35 – 03:54
  • शुभशुभ03:54 – 05:13
  • अमृतश्रेष्ठ05:13 – 06:31

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:33–07:40
मंगल07:40–08:48
सूर्य08:48–09:55
शुक्र09:55–11:03
बुध11:03–12:10
चन्द्र12:10–13:18
शनि13:18–14:25
गुरु14:25–15:33
मंगल15:33–16:40
सूर्य16:40–17:47
शुक्र17:47–18:55
बुध18:55–20:02
रात
ग्रहसमय
चन्द्र20:02–20:55
शनि20:55–21:47
गुरु21:47–22:40
मंगल22:40–23:32
सूर्य23:32–00:24
शुक्र00:24–01:17
बुध01:17–02:09
चन्द्र02:09–03:02
शनि03:02–03:54
गुरु03:54–04:46
मंगल04:46–05:39
सूर्य05:39–06:31

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 1 पद10:02 तक
  • रेवती 2 पद15:34 तक
  • रेवती 3 पद21:04 तक
  • रेवती 4 पद02:32, 17 अप्रैल तक
  • अश्विनी 1 पद07:59, 17 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 29m
रात्रिमान
10h 29m
मध्याह्न
13:18

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 02:32, 17 अप्रैल तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 02:32, 17 अप्रैल तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 02:32, 17 अप्रैल तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:41 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 10:41 तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:33 –07:50
  • शुभ मुहूर्त07:50 –09:36
  • मृत्यु पंचक09:36 –10:41
  • अग्नि पंचक10:41 –11:55
  • शुभ मुहूर्त11:55 –14:31
  • राज पंचक14:31 –17:07
  • शुभ मुहूर्त17:07 –19:43
  • चोर पंचक19:43 –22:19
  • शुभ मुहूर्त22:19 –00:48, 17 अप्रैल
  • रोग पंचक00:48 –02:32, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:32 –02:47, 17 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:47 –04:14, 17 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:14 –05:22, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:22 –06:28, 17 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक06:28 –06:31, 17 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष06:32 –07:50
  • वृषभ07:50 –09:36
  • मिथुन09:36 –11:55
  • कर्क11:55 –14:31
  • सिंह14:31 –17:07
  • कन्या17:07 –19:43
  • तुला19:43 –22:19
  • वृश्चिक22:19 –00:48, 17 अप्रैल
  • धनु00:48 –02:47, 17 अप्रैल
  • मकर02:47 –04:14, 17 अप्रैल
  • कुम्भ04:14 –05:22, 17 अप्रैल
  • मीन05:22 –06:28, 17 अप्रैल
  • मेष06:28 –07:46, 17 अप्रैल

पंचांग · टोरंटो, 16 अप्रैल 2026

गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को टोरंटो में सूर्योदय 06:33 और सूर्यास्त 20:02 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 10:41 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र रेवती 17 अप्रैल 02:32 तक, फिर अश्विनी; योग वैधृति 21:51 तक, फिर विष्कुम्भ; करण शकुनि 10:41 तक, फिर चतुष्पाद। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 14:59–16:40, अभिजित मुहूर्त 12:51–13:45। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

टोरंटो में 16 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्दशी 10:41 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 06:33, टोरंटो)।

16 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 17 अप्रैल 02:32 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 17 अप्रैल 02:32 तक।

टोरंटो में 16 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:59–16:40, यमगण्ड 06:33–08:14, गुलिक काल 09:55–11:36।

टोरंटो में 16 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 20:02, चंद्रोदय 05:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:51–13:45, ब्रह्म मुहूर्त 05:09–05:51। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

टोरंटो हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2243° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP