पंचांग · बुधवार, 2 अक्टूबर 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल षष्ठी00:33, 3 अक्टू॰ तक
- शुक्ल सप्तमी22:24, 3 अक्टू॰ तक
- अनुराधास्वामी शनि06:36 तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध05:02, 3 अक्टू॰ तक
- मूलस्वामी केतु03:41, 4 अक्टू॰ तक
- आयुष्मान्20:18 तक
- सौभाग्य17:23, 3 अक्टू॰ तक
- कौलव13:42 तक
- तैतिल00:33, 3 अक्टू॰ तक
- गर11:27, 3 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:02बिंब मध्य 06:05
- सूर्यास्त
- 18:01बिंब मध्य 17:58
- चंद्रोदय
- 10:39
- चंद्रास्त
- 22:21
- दिनमान
- 11h 59m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक05:02, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
- प्रातः संध्या04:50 –06:02
- अभिजित मुहूर्त11:38 –12:26
- विजय मुहूर्त14:02 –14:50
- गोधूलि मुहूर्त18:01 –18:26
- सायाह्न संध्या18:01 –19:14
- निशीथ मुहूर्त23:38 –00:26, 3 अक्टू॰
- अमृत काल20:48 –22:18
- राहु काल12:02 –13:32
- यमगंड07:32 –09:02
- गुलिक काल10:32 –12:02
- दुर्मुहूर्त11:38 –12:26
- वर्ज्य11:50 –13:20
- गंड मूल06:36 –05:02, 3 अक्टू॰
- गंड मूल05:02 –06:02, 3 अक्टू॰
चौघड़िया
- लाभलाभ06:02 – 07:32
- अमृतश्रेष्ठ07:32 – 09:02
- कालहानि09:02 – 10:32
- शुभशुभ10:32 – 12:02
- रोगअनिष्ट12:02 – 13:32
- उद्वेगअशुभ13:32 – 15:02
- चरसम15:02 – 16:32
- लाभलाभ16:32 – 18:01
- उद्वेगअशुभ18:01 – 19:32
- शुभशुभ19:32 – 21:02
- अमृतश्रेष्ठ21:02 – 22:32
- चरसम22:32 – 00:02
- रोगअनिष्ट00:02 – 01:32
- कालहानि01:32 – 03:02
- लाभलाभ03:02 – 04:32
- उद्वेगअशुभ04:32 – 06:02
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:02–07:02 |
| चन्द्र | 07:02–08:02 |
| शनि | 08:02–09:02 |
| गुरु | 09:02–10:02 |
| मंगल | 10:02–11:02 |
| सूर्य | 11:02–12:02 |
| शुक्र | 12:02–13:02 |
| बुध | 13:02–14:02 |
| चन्द्र | 14:02–15:02 |
| शनि | 15:02–16:02 |
| गुरु | 16:02–17:02 |
| मंगल | 17:02–18:01 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:01–19:02 |
| शुक्र | 19:02–20:02 |
| बुध | 20:02–21:02 |
| चन्द्र | 21:02–22:02 |
| शनि | 22:02–23:02 |
| गुरु | 23:02–00:02 |
| मंगल | 00:02–01:02 |
| सूर्य | 01:02–02:02 |
| शुक्र | 02:02–03:02 |
| बुध | 03:02–04:02 |
| चन्द्र | 04:02–05:02 |
| शनि | 05:02–06:02 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 4 पद06:36 तक
- ज्येष्ठा 1 पद12:11 तक
- ज्येष्ठा 2 पद17:47 तक
- ज्येष्ठा 3 पद23:24 तक
- ज्येष्ठा 4 पद05:02, 3 अक्टू॰ तक
- मूल 1 पद10:40, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 59m
- रात्रिमान
- 12h 1m
- मध्याह्न
- 12:02
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 05:02, 3 अक्टू॰ तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:33, 3 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 00:33, 3 अक्टू॰ तकभोजन में
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:02 –06:36
- शुभ मुहूर्त06:36 –07:08
- रोग पंचक07:08 –09:15
- शुभ मुहूर्त09:15 –11:27
- मृत्यु पंचक11:27 –13:34
- अग्नि पंचक13:34 –15:27
- शुभ मुहूर्त15:27 –17:08
- राज पंचक17:08 –18:47
- अग्नि पंचक18:47 –20:35
- शुभ मुहूर्त20:35 –22:37
- राज पंचक22:37 –00:33, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:33 –00:49, 3 अक्टू॰
- चोर पंचक00:49 –02:58, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:58 –05:02, 3 अक्टू॰
- रोग पंचक05:02 –05:02, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:02 –06:02, 3 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:06 –07:08
- तुला07:08 –09:15
- वृश्चिक09:15 –11:27
- धनु11:27 –13:34
- मकर13:34 –15:27
- कुम्भ15:27 –17:08
- मीन17:08 –18:47
- मेष18:47 –20:35
- वृषभ20:35 –22:37
- मिथुन22:37 –00:49, 3 अक्टू॰
- कर्क00:49 –02:58, 3 अक्टू॰
- सिंह02:58 –05:02, 3 अक्टू॰
- कन्या05:02 –07:04, 3 अक्टू॰
पंचांग · तिरुपति, 2 अक्टूबर 2030
बुधवार, 2 अक्टूबर 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 06:02 और सूर्यास्त 18:01 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 3 अक्टूबर 00:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र अनुराधा 06:36 तक, फिर ज्येष्ठा; योग आयुष्मान् 20:18 तक, फिर सौभाग्य; करण कौलव 13:42 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 12:02–13:32, अभिजित मुहूर्त 11:38–12:26। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 2 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल षष्ठी 3 अक्टूबर 00:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 06:02, तिरुपति)।
2 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 06:36 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 3 अक्टूबर 05:02 तक।
तिरुपति में 2 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:02–13:32, यमगण्ड 07:32–09:02, गुलिक काल 10:32–12:02।
तिरुपति में 2 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:01, चंद्रोदय 10:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:38–12:26, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2867° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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