पंचांग · मंगलवार, 24 सितंबर 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वादशी19:15 तक
- कृष्ण त्रयोदशी18:35, 25 सित॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध16:55 तक
- मघास्वामी केतु16:59, 25 सित॰ तक
- सिद्ध21:42 तक
- साध्य20:02, 25 सित॰ तक
- कौलव07:18 तक
- तैतिल19:15 तक
- गर07:00, 25 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:01बिंब मध्य 06:04
- सूर्यास्त
- 18:07बिंब मध्य 18:03
- चंद्रोदय
- 03:01
- चंद्रास्त
- 15:45
- दिनमान
- 12h 6m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- कर्क16:55 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
- प्रातः संध्या04:50 –06:01
- अभिजित मुहूर्त11:40 –12:28
- विजय मुहूर्त14:05 –14:54
- गोधूलि मुहूर्त18:07 –18:31
- सायाह्न संध्या18:07 –19:19
- निशीथ मुहूर्त23:41 –00:28, 25 सित॰
- अमृत काल15:15 –16:55
- राहु काल15:06 –16:36
- यमगंड09:03 –10:34
- गुलिक काल12:04 –13:35
- दुर्मुहूर्त08:27 –09:15
- दुर्मुहूर्त22:53 –23:41
- वर्ज्य05:20 –06:59
- वर्ज्य04:57 –06:33, 25 सित॰
- गंड मूल06:01 –16:55
- गंड मूल16:55 –06:01, 25 सित॰
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:01 – 07:32
- उद्वेगअशुभ07:32 – 09:03
- चरसम09:03 – 10:34
- लाभलाभ10:34 – 12:04
- अमृतश्रेष्ठ12:04 – 13:35
- कालहानि13:35 – 15:06
- शुभशुभ15:06 – 16:36
- रोगअनिष्ट16:36 – 18:07
- कालहानि18:07 – 19:36
- लाभलाभ19:36 – 21:06
- उद्वेगअशुभ21:06 – 22:35
- शुभशुभ22:35 – 00:04
- अमृतश्रेष्ठ00:04 – 01:34
- चरसम01:34 – 03:03
- रोगअनिष्ट03:03 – 04:32
- कालहानि04:32 – 06:01
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:01–07:02 |
| सूर्य | 07:02–08:02 |
| शुक्र | 08:02–09:03 |
| बुध | 09:03–10:03 |
| चन्द्र | 10:03–11:04 |
| शनि | 11:04–12:04 |
| गुरु | 12:04–13:05 |
| मंगल | 13:05–14:05 |
| सूर्य | 14:05–15:06 |
| शुक्र | 15:06–16:06 |
| बुध | 16:06–17:07 |
| चन्द्र | 17:07–18:07 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:07–19:07 |
| गुरु | 19:07–20:06 |
| मंगल | 20:06–21:06 |
| सूर्य | 21:06–22:05 |
| शुक्र | 22:05–23:05 |
| बुध | 23:05–00:04 |
| चन्द्र | 00:04–01:04 |
| शनि | 01:04–02:03 |
| गुरु | 02:03–03:03 |
| मंगल | 03:03–04:02 |
| सूर्य | 04:02–05:02 |
| शुक्र | 05:02–06:01 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 3 पद10:47 तक
- अश्लेषा 4 पद16:55 तक
- मघा 1 पद23:00 तक
- मघा 2 पद05:02, 25 सित॰ तक
- मघा 3 पद11:02, 25 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 6m
- रात्रिमान
- 11h 54m
- मध्याह्न
- 12:04
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- उत्तर · 16:55 तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:15 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 19:15 तकभोजन में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:01 –07:39
- मृत्यु पंचक07:39 –09:46
- अग्नि पंचक09:46 –11:58
- शुभ मुहूर्त11:58 –14:05
- राज पंचक14:05 –15:58
- शुभ मुहूर्त15:58 –16:55
- चोर पंचक16:55 –17:40
- शुभ मुहूर्त17:40 –19:15
- रोग पंचक19:15 –19:19
- चोर पंचक19:19 –21:06
- शुभ मुहूर्त21:06 –23:09
- रोग पंचक23:09 –01:20, 25 सित॰
- शुभ मुहूर्त01:20 –03:30, 25 सित॰
- मृत्यु पंचक03:30 –05:33, 25 सित॰
- अग्नि पंचक05:33 –06:01, 25 सित॰
उदय लग्न
- कन्या05:37 –07:39
- तुला07:39 –09:46
- वृश्चिक09:46 –11:58
- धनु11:58 –14:05
- मकर14:05 –15:58
- कुम्भ15:58 –17:40
- मीन17:40 –19:19
- मेष19:19 –21:06
- वृषभ21:06 –23:09
- मिथुन23:09 –01:20, 25 सित॰
- कर्क01:20 –03:30, 25 सित॰
- सिंह03:30 –05:33, 25 सित॰
- कन्या05:33 –07:35, 25 सित॰
पंचांग · तिरुपति, 24 सितंबर 2030
मंगलवार, 24 सितंबर 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 18:07 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 19:15 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र अश्लेषा 16:55 तक, फिर मघा; योग सिद्ध 21:42 तक, फिर साध्य; करण कौलव 07:18 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 15:06–16:36, अभिजित मुहूर्त 11:40–12:28। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 24 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वादशी 19:15 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 06:01, तिरुपति)।
24 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 16:55 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 16:55 तक।
तिरुपति में 24 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:06–16:36, यमगण्ड 09:03–10:34, गुलिक काल 12:04–13:35।
तिरुपति में 24 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:07, चंद्रोदय 03:01 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
24 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:40–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
24 सितंबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
भौम प्रदोष।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2864° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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