पंचांग · शनिवार, 21 सितंबर 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण नवमी16:47 तक
- कृष्ण दशमी18:20, 22 सित॰ तक
- आर्द्रास्वामी राहु12:20 तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु14:34, 22 सित॰ तक
- वरीयान्23:14 तक
- परिघ23:18, 22 सित॰ तक
- गर16:47 तक
- वणिज05:39, 22 सित॰ तक
- विष्टि18:20, 22 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:01बिंब मध्य 06:04
- सूर्यास्त
- 18:09बिंब मध्य 18:05
- चंद्रोदय
- 00:28
- चंद्रास्त
- 13:34
- दिनमान
- 12h 8m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मिथुन08:04, 22 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:27 –05:14
- प्रातः संध्या04:50 –06:01
- अभिजित मुहूर्त11:41 –12:30
- विजय मुहूर्त14:07 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:09 –18:33
- सायाह्न संध्या18:09 –19:21
- निशीथ मुहूर्त23:42 –00:29, 22 सित॰
- राहु काल09:03 –10:34
- यमगंड13:36 –15:07
- गुलिक काल06:01 –07:32
- दुर्मुहूर्त06:01 –06:50
- दुर्मुहूर्त06:50 –07:38
- वर्ज्य01:27 –03:12, 22 सित॰
- भद्रा05:39 –06:01, 22 सित॰
चौघड़िया
- कालहानि06:01 – 07:32
- शुभशुभ07:32 – 09:03
- रोगअनिष्ट09:03 – 10:34
- उद्वेगअशुभ10:34 – 12:05
- चरसम12:05 – 13:36
- लाभलाभ13:36 – 15:07
- अमृतश्रेष्ठ15:07 – 16:38
- कालहानि16:38 – 18:09
- लाभलाभ18:09 – 19:38
- उद्वेगअशुभ19:38 – 21:07
- शुभशुभ21:07 – 22:36
- अमृतश्रेष्ठ22:36 – 00:05
- चरसम00:05 – 01:34
- रोगअनिष्ट01:34 – 03:03
- कालहानि03:03 – 04:32
- लाभलाभ04:32 – 06:01
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:01–07:02 |
| गुरु | 07:02–08:03 |
| मंगल | 08:03–09:03 |
| सूर्य | 09:03–10:04 |
| शुक्र | 10:04–11:05 |
| बुध | 11:05–12:05 |
| चन्द्र | 12:05–13:06 |
| शनि | 13:06–14:07 |
| गुरु | 14:07–15:07 |
| मंगल | 15:07–16:08 |
| सूर्य | 16:08–17:09 |
| शुक्र | 17:09–18:09 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:09–19:09 |
| चन्द्र | 19:09–20:08 |
| शनि | 20:08–21:07 |
| गुरु | 21:07–22:07 |
| मंगल | 22:07–23:06 |
| सूर्य | 23:06–00:05 |
| शुक्र | 00:05–01:05 |
| बुध | 01:05–02:04 |
| चन्द्र | 02:04–03:03 |
| शनि | 03:03–04:03 |
| गुरु | 04:03–05:02 |
| मंगल | 05:02–06:01 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- आर्द्रा 4 पद12:20 तक
- पुनर्वसु 1 पद18:57 तक
- पुनर्वसु 2 पद01:32, 22 सित॰ तक
- पुनर्वसु 3 पद08:04, 22 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 8m
- रात्रिमान
- 11h 52m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:47 तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 16:47 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:01 –07:51
- रोग पंचक07:51 –09:58
- शुभ मुहूर्त09:58 –12:10
- मृत्यु पंचक12:10 –12:20
- अग्नि पंचक12:20 –14:17
- शुभ मुहूर्त14:17 –16:10
- राज पंचक16:10 –16:47
- शुभ मुहूर्त16:47 –17:51
- चोर पंचक17:51 –19:31
- राज पंचक19:31 –21:18
- शुभ मुहूर्त21:18 –23:20
- चोर पंचक23:20 –01:32, 22 सित॰
- शुभ मुहूर्त01:32 –03:42, 22 सित॰
- रोग पंचक03:42 –05:45, 22 सित॰
- शुभ मुहूर्त05:45 –06:01, 22 सित॰
उदय लग्न
- कन्या05:49 –07:51
- तुला07:51 –09:58
- वृश्चिक09:58 –12:10
- धनु12:10 –14:17
- मकर14:17 –16:10
- कुम्भ16:10 –17:51
- मीन17:51 –19:31
- मेष19:31 –21:18
- वृषभ21:18 –23:20
- मिथुन23:20 –01:32, 22 सित॰
- कर्क01:32 –03:42, 22 सित॰
- सिंह03:42 –05:45, 22 सित॰
- कन्या05:45 –07:47, 22 सित॰
पंचांग · तिरुपति, 21 सितंबर 2030
शनिवार, 21 सितंबर 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 18:09 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 16:47 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र आर्द्रा 12:20 तक, फिर पुनर्वसु; योग वरीयान् 23:14 तक, फिर परिघ; करण गर 16:47 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:03–10:34, अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 21 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 16:47 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:01, तिरुपति)।
21 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
आर्द्रा 12:20 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 22 सितंबर 08:04 तक।
तिरुपति में 21 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:03–10:34, यमगण्ड 13:36–15:07, गुलिक काल 06:01–07:32।
तिरुपति में 21 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:09, चंद्रोदय 00:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:27–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2862° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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