पंचांग · रविवार, 1 सितंबर 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्थी22:38 तक
- शुक्ल पंचमी20:37, 2 सित॰ तक
- हस्तस्वामी चन्द्र06:01 तक
- चित्रास्वामी मंगल04:51, 2 सित॰ तक
- स्वातीस्वामी राहु03:34, 3 सित॰ तक
- शुक्ल01:44, 2 सित॰ तक
- ब्रह्मा23:00, 2 सित॰ तक
- वणिज11:36 तक
- विष्टि22:38 तक
- बव09:38, 2 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:01बिंब मध्य 06:04
- सूर्यास्त
- 18:24बिंब मध्य 18:20
- चंद्रोदय
- 08:47
- चंद्रास्त
- 20:47
- दिनमान
- 12h 23m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- कन्या17:27 तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:28 –05:14
- प्रातः संध्या04:51 –06:01
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:37
- विजय मुहूर्त14:16 –15:06
- गोधूलि मुहूर्त18:24 –18:47
- सायाह्न संध्या18:24 –19:33
- निशीथ मुहूर्त23:49 –00:36, 2 सित॰
- अमृत काल22:45 –00:17, 2 सित॰
- राहु काल16:51 –18:24
- यमगंड12:12 –13:45
- गुलिक काल15:18 –16:51
- दुर्मुहूर्त16:45 –17:34
- वर्ज्य13:37 –15:09
- भद्रा11:36 –22:38
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:01 – 07:34
- चरसम07:34 – 09:07
- लाभलाभ09:07 – 10:39
- अमृतश्रेष्ठ10:39 – 12:12
- कालहानि12:12 – 13:45
- शुभशुभ13:45 – 15:18
- रोगअनिष्ट15:18 – 16:51
- उद्वेगअशुभ16:51 – 18:24
- शुभशुभ18:24 – 19:51
- अमृतश्रेष्ठ19:51 – 21:18
- चरसम21:18 – 22:45
- रोगअनिष्ट22:45 – 00:12
- कालहानि00:12 – 01:39
- लाभलाभ01:39 – 03:07
- उद्वेगअशुभ03:07 – 04:34
- शुभशुभ04:34 – 06:01
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:01–07:03 |
| शुक्र | 07:03–08:05 |
| बुध | 08:05–09:07 |
| चन्द्र | 09:07–10:08 |
| शनि | 10:08–11:10 |
| गुरु | 11:10–12:12 |
| मंगल | 12:12–13:14 |
| सूर्य | 13:14–14:16 |
| शुक्र | 14:16–15:18 |
| बुध | 15:18–16:20 |
| चन्द्र | 16:20–17:22 |
| शनि | 17:22–18:24 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:24–19:22 |
| मंगल | 19:22–20:20 |
| सूर्य | 20:20–21:18 |
| शुक्र | 21:18–22:16 |
| बुध | 22:16–23:14 |
| चन्द्र | 23:14–00:12 |
| शनि | 00:12–01:10 |
| गुरु | 01:10–02:09 |
| मंगल | 02:09–03:07 |
| सूर्य | 03:07–04:05 |
| शुक्र | 04:05–05:03 |
| बुध | 05:03–06:01 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- हस्त 4 पद06:01 तक
- चित्रा 1 पद11:44 तक
- चित्रा 2 पद17:27 तक
- चित्रा 3 पद23:09 तक
- चित्रा 4 पद04:51, 2 सित॰ तक
- स्वाती 1 पद10:32, 2 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 23m
- रात्रिमान
- 11h 37m
- मध्याह्न
- 12:12
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- दक्षिण · 17:27 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पाताल · 22:38 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 22:38 तककैलाश पर
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:01 –06:01
- चोर पंचक06:01 –07:08
- शुभ मुहूर्त07:08 –09:10
- रोग पंचक09:10 –11:17
- शुभ मुहूर्त11:17 –13:29
- मृत्यु पंचक13:29 –15:36
- अग्नि पंचक15:36 –17:29
- शुभ मुहूर्त17:29 –19:10
- राज पंचक19:10 –20:49
- अग्नि पंचक20:49 –22:37
- शुभ मुहूर्त22:37 –22:38
- राज पंचक22:38 –00:39, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त00:39 –02:51, 2 सित॰
- चोर पंचक02:51 –04:51, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:51 –05:00, 2 सित॰
- रोग पंचक05:00 –06:01, 2 सित॰
उदय लग्न
- सिंह05:04 –07:08
- कन्या07:08 –09:10
- तुला09:10 –11:17
- वृश्चिक11:17 –13:29
- धनु13:29 –15:36
- मकर15:36 –17:29
- कुम्भ17:29 –19:10
- मीन19:10 –20:49
- मेष20:49 –22:37
- वृषभ22:37 –00:39, 2 सित॰
- मिथुन00:39 –02:51, 2 सित॰
- कर्क02:51 –05:00, 2 सित॰
- सिंह05:00 –07:04, 2 सित॰
पंचांग · तिरुपति, 1 सितंबर 2030
रविवार, 1 सितंबर 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 18:24 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 22:38 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र हस्त 06:01 तक, फिर चित्रा; योग शुक्ल 2 सितंबर 01:44 तक, फिर ब्रह्मा; करण वणिज 11:36 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 16:51–18:24, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:37। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 1 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्थी 22:38 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 06:01, तिरुपति)।
1 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
हस्त 06:01 तक, फिर चित्रा। चंद्रमा कन्या राशि में 17:27 तक।
तिरुपति में 1 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:51–18:24, यमगण्ड 12:12–13:45, गुलिक काल 15:18–16:51।
तिरुपति में 1 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:24, चंद्रोदय 08:47 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:37, ब्रह्म मुहूर्त 04:28–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 सितंबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
गणेश चतुर्थी।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2855° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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