पंचांग · गुरुवार, 1 अगस्त 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया17:01 तक
- शुक्ल तृतीया16:31, 2 अग॰ तक
- मघास्वामी केतु00:56, 2 अग॰ तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र01:01, 3 अग॰ तक
- वरीयान्03:13, 2 अग॰ तक
- परिघ01:40, 3 अग॰ तक
- कौलव17:01 तक
- तैतिल04:49, 2 अग॰ तक
- गर16:31, 2 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:57बिंब मध्य 06:00
- सूर्यास्त
- 18:40बिंब मध्य 18:36
- चंद्रोदय
- 07:20
- चंद्रास्त
- 19:55
- दिनमान
- 12h 43m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- सिंह06:59, 3 अग॰ तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:27 –05:12
- प्रातः संध्या04:49 –05:57
- अभिजित मुहूर्त11:53 –12:44
- विजय मुहूर्त14:26 –15:17
- गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:03
- सायाह्न संध्या18:40 –19:48
- निशीथ मुहूर्त23:56 –00:41, 2 अग॰
- अमृत काल22:29 –00:07, 2 अग॰
- राहु काल13:54 –15:29
- यमगंड05:57 –07:32
- गुलिक काल09:08 –10:43
- दुर्मुहूर्त10:11 –11:02
- दुर्मुहूर्त15:17 –16:08
- वर्ज्य12:41 –14:19
- गंड मूल05:57 –00:56, 2 अग॰
चौघड़िया
- शुभशुभ05:57 – 07:32
- रोगअनिष्ट07:32 – 09:08
- उद्वेगअशुभ09:08 – 10:43
- चरसम10:43 – 12:19
- लाभलाभ12:19 – 13:54
- अमृतश्रेष्ठ13:54 – 15:29
- कालहानि15:29 – 17:05
- शुभशुभ17:05 – 18:40
- अमृतश्रेष्ठ18:40 – 20:05
- चरसम20:05 – 21:30
- रोगअनिष्ट21:30 – 22:54
- कालहानि22:54 – 00:19
- लाभलाभ00:19 – 01:43
- उद्वेगअशुभ01:43 – 03:08
- शुभशुभ03:08 – 04:33
- अमृतश्रेष्ठ04:33 – 05:57
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:57–07:01 |
| मंगल | 07:01–08:04 |
| सूर्य | 08:04–09:08 |
| शुक्र | 09:08–10:11 |
| बुध | 10:11–11:15 |
| चन्द्र | 11:15–12:19 |
| शनि | 12:19–13:22 |
| गुरु | 13:22–14:26 |
| मंगल | 14:26–15:29 |
| सूर्य | 15:29–16:33 |
| शुक्र | 16:33–17:37 |
| बुध | 17:37–18:40 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:40–19:37 |
| शनि | 19:37–20:33 |
| गुरु | 20:33–21:30 |
| मंगल | 21:30–22:26 |
| सूर्य | 22:26–23:22 |
| शुक्र | 23:22–00:19 |
| बुध | 00:19–01:15 |
| चन्द्र | 01:15–02:12 |
| शनि | 02:12–03:08 |
| गुरु | 03:08–04:04 |
| मंगल | 04:04–05:01 |
| सूर्य | 05:01–05:57 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मघा 1 पद06:36 तक
- मघा 2 पद12:44 तक
- मघा 3 पद18:51 तक
- मघा 4 पद00:56, 2 अग॰ तक
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद06:59, 2 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुष्य 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 43m
- रात्रिमान
- 11h 17m
- मध्याह्न
- 12:19
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:01 तकआकाश
- शिववास
- गौरी के साथ · 17:01 तकसभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:57 –07:06
- राज पंचक07:06 –09:09
- शुभ मुहूर्त09:09 –11:11
- चोर पंचक11:11 –13:19
- शुभ मुहूर्त13:19 –15:31
- रोग पंचक15:31 –17:01
- शुभ मुहूर्त17:01 –17:38
- मृत्यु पंचक17:38 –19:31
- अग्नि पंचक19:31 –21:12
- शुभ मुहूर्त21:12 –22:51
- मृत्यु पंचक22:51 –00:39, 2 अग॰
- अग्नि पंचक00:39 –00:56, 2 अग॰
- शुभ मुहूर्त00:56 –02:41, 2 अग॰
- राज पंचक02:41 –04:52, 2 अग॰
- शुभ मुहूर्त04:52 –05:57, 2 अग॰
उदय लग्न
- कर्क04:56 –07:06
- सिंह07:06 –09:09
- कन्या09:09 –11:11
- तुला11:11 –13:19
- वृश्चिक13:19 –15:31
- धनु15:31 –17:38
- मकर17:38 –19:31
- कुम्भ19:31 –21:12
- मीन21:12 –22:51
- मेष22:51 –00:39, 2 अग॰
- वृषभ00:39 –02:41, 2 अग॰
- मिथुन02:41 –04:52, 2 अग॰
- कर्क04:52 –07:02, 2 अग॰
पंचांग · तिरुपति, 1 अगस्त 2030
गुरुवार, 1 अगस्त 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 05:57 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 17:01 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र मघा 2 अगस्त 00:56 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग वरीयान् 2 अगस्त 03:13 तक, फिर परिघ; करण कौलव 17:01 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 13:54–15:29, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 1 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 17:01 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:57, तिरुपति)।
1 अगस्त 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
मघा 2 अगस्त 00:56 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 3 अगस्त 06:59 तक।
तिरुपति में 1 अगस्त 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:54–15:29, यमगण्ड 05:57–07:32, गुलिक काल 09:08–10:43।
तिरुपति में 1 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 07:20 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अगस्त 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:27–05:12। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2843° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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