पंचांग · शुक्रवार, 12 जुलाई 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वादशी17:13 तक
- शुक्ल त्रयोदशी14:01, 13 जुल॰ तक
- अनुराधास्वामी शनि11:57 तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध09:35, 13 जुल॰ तक
- शुक्ल23:35 तक
- ब्रह्मा19:53, 13 जुल॰ तक
- बव06:47 तक
- बालव17:13 तक
- कौलव03:38, 13 जुल॰ तक
- तैतिल14:01, 13 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:52बिंब मध्य 05:55
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:40
- चंद्रोदय
- 16:02
- चंद्रास्त
- 02:42
- दिनमान
- 12h 52m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- वृश्चिक09:35, 13 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:07
- प्रातः संध्या04:45 –05:52
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:44
- विजय मुहूर्त14:27 –15:18
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:06
- सायाह्न संध्या18:44 –19:51
- निशीथ मुहूर्त23:56 –00:40, 13 जुल॰
- अमृत काल01:39 –03:05, 13 जुल॰
- राहु काल10:41 –12:18
- यमगंड15:31 –17:08
- गुलिक काल07:28 –09:05
- दुर्मुहूर्त08:26 –09:18
- दुर्मुहूर्त12:44 –13:35
- वर्ज्य17:00 –18:26
- गंड मूल11:57 –05:52, 13 जुल॰
चौघड़िया
- चरसम05:52 – 07:28
- लाभलाभ07:28 – 09:05
- अमृतश्रेष्ठ09:05 – 10:41
- कालहानि10:41 – 12:18
- शुभशुभ12:18 – 13:54
- रोगअनिष्ट13:54 – 15:31
- उद्वेगअशुभ15:31 – 17:08
- चरसम17:08 – 18:44
- रोगअनिष्ट18:44 – 20:08
- कालहानि20:08 – 21:31
- लाभलाभ21:31 – 22:55
- उद्वेगअशुभ22:55 – 00:18
- शुभशुभ00:18 – 01:42
- अमृतश्रेष्ठ01:42 – 03:05
- चरसम03:05 – 04:29
- रोगअनिष्ट04:29 – 05:52
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:52–06:56 |
| बुध | 06:56–08:01 |
| चन्द्र | 08:01–09:05 |
| शनि | 09:05–10:09 |
| गुरु | 10:09–11:14 |
| मंगल | 11:14–12:18 |
| सूर्य | 12:18–13:22 |
| शुक्र | 13:22–14:27 |
| बुध | 14:27–15:31 |
| चन्द्र | 15:31–16:35 |
| शनि | 16:35–17:40 |
| गुरु | 17:40–18:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:44–19:40 |
| सूर्य | 19:40–20:35 |
| शुक्र | 20:35–21:31 |
| बुध | 21:31–22:27 |
| चन्द्र | 22:27–23:22 |
| शनि | 23:22–00:18 |
| गुरु | 00:18–01:14 |
| मंगल | 01:14–02:09 |
| सूर्य | 02:09–03:05 |
| शुक्र | 03:05–04:01 |
| बुध | 04:01–04:56 |
| चन्द्र | 04:56–05:52 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 3 पद06:31 तक
- अनुराधा 4 पद11:57 तक
- ज्येष्ठा 1 पद17:22 तक
- ज्येष्ठा 2 पद22:47 तक
- ज्येष्ठा 3 पद04:11, 13 जुल॰ तक
- ज्येष्ठा 4 पद09:35, 13 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुनर्वसु 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 52m
- रात्रिमान
- 11h 8m
- मध्याह्न
- 12:18
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:13 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 17:13 तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:52 –06:15
- शुभ मुहूर्त06:15 –08:25
- राज पंचक08:25 –10:28
- शुभ मुहूर्त10:28 –11:57
- चोर पंचक11:57 –12:30
- शुभ मुहूर्त12:30 –14:37
- रोग पंचक14:37 –16:49
- शुभ मुहूर्त16:49 –17:13
- मृत्यु पंचक17:13 –18:56
- अग्नि पंचक18:56 –20:49
- शुभ मुहूर्त20:49 –22:31
- राज पंचक22:31 –00:10, 13 जुल॰
- अग्नि पंचक00:10 –01:57, 13 जुल॰
- शुभ मुहूर्त01:57 –04:00, 13 जुल॰
- राज पंचक04:00 –05:52, 13 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:03 –06:15
- कर्क06:15 –08:25
- सिंह08:25 –10:28
- कन्या10:28 –12:30
- तुला12:30 –14:37
- वृश्चिक14:37 –16:49
- धनु16:49 –18:56
- मकर18:56 –20:49
- कुम्भ20:49 –22:31
- मीन22:31 –00:10, 13 जुल॰
- मेष00:10 –01:57, 13 जुल॰
- वृषभ01:57 –04:00, 13 जुल॰
- मिथुन04:00 –06:11, 13 जुल॰
पंचांग · तिरुपति, 12 जुलाई 2030
शुक्रवार, 12 जुलाई 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 05:52 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 17:13 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र अनुराधा 11:57 तक, फिर ज्येष्ठा; योग शुक्ल 23:35 तक, फिर ब्रह्मा; करण बव 06:47 तक, फिर बालव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 10:41–12:18, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:44। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 12 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वादशी 17:13 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 05:52, तिरुपति)।
12 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 11:57 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 13 जुलाई 09:35 तक।
तिरुपति में 12 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:41–12:18, यमगण्ड 15:31–17:08, गुलिक काल 07:28–09:05।
तिरुपति में 12 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 16:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
12 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:07। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
12 जुलाई 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
शुक्र प्रदोष।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2835° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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