पंचांग · सोमवार, 1 जुलाई 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल प्रतिपदा04:46, 2 जुल॰ तक
- शुक्ल द्वितीया06:03, 3 जुल॰ तक
- आर्द्रास्वामी राहु13:15 तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु15:25, 2 जुल॰ तक
- ध्रुव21:55 तक
- व्याघात22:04, 2 जुल॰ तक
- किंस्तुघ्न15:58 तक
- बव04:46, 2 जुल॰ तक
- बालव17:28, 2 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:49बिंब मध्य 05:52
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:39
- चंद्रोदय
- 06:00
- चंद्रास्त
- 19:06
- दिनमान
- 12h 55m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- मिथुन08:55, 2 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:20 –05:04
- प्रातः संध्या04:42 –05:49
- अभिजित मुहूर्त11:50 –12:42
- विजय मुहूर्त14:25 –15:17
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:06
- सायाह्न संध्या18:44 –19:50
- निशीथ मुहूर्त23:54 –00:38, 2 जुल॰
- राहु काल07:26 –09:02
- यमगंड10:39 –12:16
- गुलिक काल13:53 –15:30
- दुर्मुहूर्त12:42 –13:34
- दुर्मुहूर्त15:17 –16:09
- वर्ज्य02:20 –04:05, 2 जुल॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:49 – 07:26
- कालहानि07:26 – 09:02
- शुभशुभ09:02 – 10:39
- रोगअनिष्ट10:39 – 12:16
- उद्वेगअशुभ12:16 – 13:53
- चरसम13:53 – 15:30
- लाभलाभ15:30 – 17:07
- अमृतश्रेष्ठ17:07 – 18:44
- चरसम18:44 – 20:07
- रोगअनिष्ट20:07 – 21:30
- कालहानि21:30 – 22:53
- लाभलाभ22:53 – 00:16
- उद्वेगअशुभ00:16 – 01:39
- शुभशुभ01:39 – 03:03
- अमृतश्रेष्ठ03:03 – 04:26
- चरसम04:26 – 05:49
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:49–06:53 |
| शनि | 06:53–07:58 |
| गुरु | 07:58–09:02 |
| मंगल | 09:02–10:07 |
| सूर्य | 10:07–11:12 |
| शुक्र | 11:12–12:16 |
| बुध | 12:16–13:21 |
| चन्द्र | 13:21–14:25 |
| शनि | 14:25–15:30 |
| गुरु | 15:30–16:35 |
| मंगल | 16:35–17:39 |
| सूर्य | 17:39–18:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:44–19:39 |
| बुध | 19:39–20:35 |
| चन्द्र | 20:35–21:30 |
| शनि | 21:30–22:25 |
| गुरु | 22:25–23:21 |
| मंगल | 23:21–00:16 |
| सूर्य | 00:16–01:12 |
| शुक्र | 01:12–02:07 |
| बुध | 02:07–03:03 |
| चन्द्र | 03:03–03:58 |
| शनि | 03:58–04:53 |
| गुरु | 04:53–05:49 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- आर्द्रा 3 पद06:39 तक
- आर्द्रा 4 पद13:15 तक
- पुनर्वसु 1 पद19:50 तक
- पुनर्वसु 2 पद02:23, 2 जुल॰ तक
- पुनर्वसु 3 पद08:55, 2 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 55m
- रात्रिमान
- 11h 5m
- मध्याह्न
- 12:16
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:46, 2 जुल॰ तकआकाश
- शिववास
- श्मशान में · 04:46, 2 जुल॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:49 –06:58
- राज पंचक06:58 –09:08
- शुभ मुहूर्त09:08 –11:11
- चोर पंचक11:11 –13:13
- शुभ मुहूर्त13:13 –13:15
- रोग पंचक13:15 –15:20
- शुभ मुहूर्त15:20 –17:33
- मृत्यु पंचक17:33 –19:40
- अग्नि पंचक19:40 –21:32
- शुभ मुहूर्त21:32 –23:14
- राज पंचक23:14 –00:53, 2 जुल॰
- अग्नि पंचक00:53 –02:41, 2 जुल॰
- शुभ मुहूर्त02:41 –04:43, 2 जुल॰
- राज पंचक04:43 –04:46, 2 जुल॰
- शुभ मुहूर्त04:46 –05:49, 2 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:47 –06:58
- कर्क06:58 –09:08
- सिंह09:08 –11:11
- कन्या11:11 –13:13
- तुला13:13 –15:20
- वृश्चिक15:20 –17:33
- धनु17:33 –19:40
- मकर19:40 –21:32
- कुम्भ21:32 –23:14
- मीन23:14 –00:53, 2 जुल॰
- मेष00:53 –02:41, 2 जुल॰
- वृषभ02:41 –04:43, 2 जुल॰
- मिथुन04:43 –06:54, 2 जुल॰
पंचांग · तिरुपति, 1 जुलाई 2030
सोमवार, 1 जुलाई 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 05:49 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 2 जुलाई 04:46 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र आर्द्रा 13:15 तक, फिर पुनर्वसु; योग ध्रुव 21:55 तक, फिर व्याघात; करण किंस्तुघ्न 15:58 तक, फिर बव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 07:26–09:02, अभिजित मुहूर्त 11:50–12:42। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 1 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल प्रतिपदा 2 जुलाई 04:46 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 05:49, तिरुपति)।
1 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
आर्द्रा 13:15 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 2 जुलाई 08:55 तक।
तिरुपति में 1 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:26–09:02, यमगण्ड 10:39–12:16, गुलिक काल 13:53–15:30।
तिरुपति में 1 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 06:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:50–12:42, ब्रह्म मुहूर्त 04:20–05:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2831° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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