पंचांग · सोमवार, 20 मई 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया06:06 तक
- कृष्ण चतुर्थी03:16, 21 मई तक
- कृष्ण पंचमी01:01, 22 मई तक
- मूलस्वामी केतु10:15 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र08:19, 21 मई तक
- साध्य18:01 तक
- शुभ14:53, 21 मई तक
- विष्टि06:06 तक
- बव16:37 तक
- बालव03:16, 21 मई तक
- कौलव14:04, 21 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:45बिंब मध्य 05:48
- सूर्यास्त
- 18:33बिंब मध्य 18:29
- चंद्रोदय
- 21:41
- चंद्रास्त
- 08:26
- दिनमान
- 12h 48m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- धनु13:56, 21 मई तक
- सूर्य राशि
- वृषभ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:15 –05:00
- प्रातः संध्या04:38 –05:45
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:35
- विजय मुहूर्त14:17 –15:08
- गोधूलि मुहूर्त18:33 –18:55
- सायाह्न संध्या18:33 –19:40
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:31, 21 मई
- अमृत काल04:29 –05:56
- अमृत काल03:55 –05:23, 21 मई
- राहु काल07:21 –08:57
- यमगंड10:33 –12:09
- गुलिक काल13:45 –15:21
- दुर्मुहूर्त12:35 –13:26
- दुर्मुहूर्त15:08 –15:59
- वर्ज्य08:48 –10:15
- वर्ज्य19:05 –20:33
- गंड मूल05:45 –10:15
- भद्रा05:45 –06:06
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:45 – 07:21
- कालहानि07:21 – 08:57
- शुभशुभ08:57 – 10:33
- रोगअनिष्ट10:33 – 12:09
- उद्वेगअशुभ12:09 – 13:45
- चरसम13:45 – 15:21
- लाभलाभ15:21 – 16:57
- अमृतश्रेष्ठ16:57 – 18:33
- चरसम18:33 – 19:57
- रोगअनिष्ट19:57 – 21:21
- कालहानि21:21 – 22:45
- लाभलाभ22:45 – 00:09
- उद्वेगअशुभ00:09 – 01:33
- शुभशुभ01:33 – 02:57
- अमृतश्रेष्ठ02:57 – 04:21
- चरसम04:21 – 05:45
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:45–06:49 |
| शनि | 06:49–07:53 |
| गुरु | 07:53–08:57 |
| मंगल | 08:57–10:01 |
| सूर्य | 10:01–11:05 |
| शुक्र | 11:05–12:09 |
| बुध | 12:09–13:13 |
| चन्द्र | 13:13–14:17 |
| शनि | 14:17–15:21 |
| गुरु | 15:21–16:25 |
| मंगल | 16:25–17:29 |
| सूर्य | 17:29–18:33 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:33–19:29 |
| बुध | 19:29–20:25 |
| चन्द्र | 20:25–21:21 |
| शनि | 21:21–22:17 |
| गुरु | 22:17–23:13 |
| मंगल | 23:13–00:09 |
| सूर्य | 00:09–01:05 |
| शुक्र | 01:05–02:01 |
| बुध | 02:01–02:57 |
| चन्द्र | 02:57–03:53 |
| शनि | 03:53–04:49 |
| गुरु | 04:49–05:45 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 4 पद10:15 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद15:43 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद21:13 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद02:45, 21 मई तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद08:19, 21 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- कृत्तिका 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 48m
- रात्रिमान
- 11h 12m
- मध्याह्न
- 12:09
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 06:06 तकपाताल · 03:16, 21 मई तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 06:06 तककैलाश पर · 03:16, 21 मई तकनंदी पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:45 –06:06
- चोर पंचक06:06 –07:32
- शुभ मुहूर्त07:32 –09:43
- रोग पंचक09:43 –10:15
- शुभ मुहूर्त10:15 –11:53
- मृत्यु पंचक11:53 –13:56
- अग्नि पंचक13:56 –15:58
- शुभ मुहूर्त15:58 –18:06
- राज पंचक18:06 –20:18
- शुभ मुहूर्त20:18 –22:25
- चोर पंचक22:25 –00:18, 21 मई
- शुभ मुहूर्त00:18 –01:59, 21 मई
- रोग पंचक01:59 –03:16, 21 मई
- शुभ मुहूर्त03:16 –05:26, 21 मई
- रोग पंचक05:26 –05:45, 21 मई
उदय लग्न
- वृषभ05:30 –07:32
- मिथुन07:32 –09:43
- कर्क09:43 –11:53
- सिंह11:53 –13:56
- कन्या13:56 –15:58
- तुला15:58 –18:06
- वृश्चिक18:06 –20:18
- धनु20:18 –22:25
- मकर22:25 –00:18, 21 मई
- कुम्भ00:18 –01:59, 21 मई
- मीन01:59 –03:38, 21 मई
- मेष03:38 –05:26, 21 मई
- वृषभ05:26 –07:28, 21 मई
पंचांग · तिरुपति, 20 मई 2030
सोमवार, 20 मई 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 18:33 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 06:06 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र मूल 10:15 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग साध्य 18:01 तक, फिर शुभ; करण विष्टि 06:06 तक, फिर बव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य वृषभ राशि में। राहुकाल 07:21–08:57, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:35। मास ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 20 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 06:06 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:45, तिरुपति)।
20 मई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 10:15 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 21 मई 13:56 तक।
तिरुपति में 20 मई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:21–08:57, यमगण्ड 10:33–12:09, गुलिक काल 13:45–15:21।
तिरुपति में 20 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:33, चंद्रोदय 21:41 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
20 मई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:35, ब्रह्म मुहूर्त 04:15–05:00। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
20 मई 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर मई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2815° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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