पंचांग · शुक्रवार, 22 मार्च 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया14:15 तक
- कृष्ण चतुर्थी11:16, 23 मार्च तक
- स्वातीस्वामी राहु00:51, 23 मार्च तक
- विशाखास्वामी गुरु22:45, 23 मार्च तक
- व्याघात17:50 तक
- हर्षण14:15, 23 मार्च तक
- विष्टि14:15 तक
- बव00:44, 23 मार्च तक
- बालव11:16, 23 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:18
- सूर्यास्त
- 18:23बिंब मध्य 18:19
- चंद्रोदय
- 21:04
- चंद्रास्त
- 07:58
- दिनमान
- 12h 8m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- तुला17:15, 23 मार्च तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:28
- प्रातः संध्या05:04 –06:15
- अभिजित मुहूर्त11:55 –12:44
- विजय मुहूर्त14:21 –15:09
- गोधूलि मुहूर्त18:23 –18:47
- सायाह्न संध्या18:23 –19:34
- निशीथ मुहूर्त23:55 –00:43, 23 मार्च
- अमृत काल16:54 –18:21
- राहु काल10:48 –12:19
- यमगंड15:21 –16:52
- गुलिक काल07:46 –09:17
- दुर्मुहूर्त08:41 –09:29
- दुर्मुहूर्त12:44 –13:32
- वर्ज्य08:13 –09:40
- वर्ज्य05:58 –07:25, 23 मार्च
- भद्रा06:15 –14:15
चौघड़िया
- चरसम06:15 – 07:46
- लाभलाभ07:46 – 09:17
- अमृतश्रेष्ठ09:17 – 10:48
- कालहानि10:48 – 12:19
- शुभशुभ12:19 – 13:50
- रोगअनिष्ट13:50 – 15:21
- उद्वेगअशुभ15:21 – 16:52
- चरसम16:52 – 18:23
- रोगअनिष्ट18:23 – 19:52
- कालहानि19:52 – 21:21
- लाभलाभ21:21 – 22:50
- उद्वेगअशुभ22:50 – 00:19
- शुभशुभ00:19 – 01:48
- अमृतश्रेष्ठ01:48 – 03:17
- चरसम03:17 – 04:46
- रोगअनिष्ट04:46 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:15–07:16 |
| बुध | 07:16–08:17 |
| चन्द्र | 08:17–09:17 |
| शनि | 09:17–10:18 |
| गुरु | 10:18–11:19 |
| मंगल | 11:19–12:19 |
| सूर्य | 12:19–13:20 |
| शुक्र | 13:20–14:21 |
| बुध | 14:21–15:21 |
| चन्द्र | 15:21–16:22 |
| शनि | 16:22–17:23 |
| गुरु | 17:23–18:23 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:23–19:23 |
| सूर्य | 19:23–20:22 |
| शुक्र | 20:22–21:21 |
| बुध | 21:21–22:20 |
| चन्द्र | 22:20–23:20 |
| शनि | 23:20–00:19 |
| गुरु | 00:19–01:18 |
| मंगल | 01:18–02:18 |
| सूर्य | 02:18–03:17 |
| शुक्र | 03:17–04:16 |
| बुध | 04:16–05:15 |
| चन्द्र | 05:15–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- स्वाती 1 पद08:34 तक
- स्वाती 2 पद13:59 तक
- स्वाती 3 पद19:25 तक
- स्वाती 4 पद00:51, 23 मार्च तक
- विशाखा 1 पद06:18, 23 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपद 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 8m
- रात्रिमान
- 11h 52m
- मध्याह्न
- 12:19
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 14:15 तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 14:15 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:15 –07:34
- राज पंचक07:34 –09:22
- शुभ मुहूर्त09:22 –11:24
- चोर पंचक11:24 –13:35
- शुभ मुहूर्त13:35 –14:15
- रोग पंचक14:15 –15:45
- शुभ मुहूर्त15:45 –17:48
- मृत्यु पंचक17:48 –19:50
- अग्नि पंचक19:50 –21:58
- शुभ मुहूर्त21:58 –00:10, 23 मार्च
- राज पंचक00:10 –00:51, 23 मार्च
- शुभ मुहूर्त00:51 –02:17, 23 मार्च
- चोर पंचक02:17 –04:10, 23 मार्च
- शुभ मुहूर्त04:10 –05:51, 23 मार्च
- रोग पंचक05:51 –06:15, 23 मार्च
उदय लग्न
- मीन05:55 –07:34
- मेष07:34 –09:22
- वृषभ09:22 –11:24
- मिथुन11:24 –13:35
- कर्क13:35 –15:45
- सिंह15:45 –17:48
- कन्या17:48 –19:50
- तुला19:50 –21:58
- वृश्चिक21:58 –00:10, 23 मार्च
- धनु00:10 –02:17, 23 मार्च
- मकर02:17 –04:10, 23 मार्च
- कुम्भ04:10 –05:51, 23 मार्च
- मीन05:51 –07:30, 23 मार्च
पंचांग · तिरुपति, 22 मार्च 2030
शुक्रवार, 22 मार्च 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:23 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 14:15 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र स्वाती 23 मार्च 00:51 तक, फिर विशाखा; योग व्याघात 17:50 तक, फिर हर्षण; करण विष्टि 14:15 तक, फिर बव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:48–12:19, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:44। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 22 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 14:15 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:15, तिरुपति)।
22 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
स्वाती 23 मार्च 00:51 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 23 मार्च 17:15 तक।
तिरुपति में 22 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:48–12:19, यमगण्ड 15:21–16:52, गुलिक काल 07:46–09:17।
तिरुपति में 22 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:23, चंद्रोदय 21:04 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
22 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:55–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:28। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
22 मार्च 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2792° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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