पंचांग · शुक्रवार, 12 जून 2026तिरुपति

ज्येष्ठ (अधिक मास) · कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2083शुक्र प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:45सूर्योदय18:40सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वादशी
कृष्ण · 19:37 तक
नक्षत्र
अश्विनी
06:28 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4518:40
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:35 –12:12
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:45दिन18:40
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:40रात05:45
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वादशी
    19:37 तक
  2. कृष्ण त्रयोदशी
    16:08, 13 जून तक
नक्षत्र
  1. अश्विनीस्वामी केतु
    06:28 तक
  2. भरणीस्वामी शुक्र
    04:05, 13 जून तक
  3. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    01:16, 14 जून तक
योग
  1. अतिगण्ड
    21:25 तक
  2. सुकर्मा
    17:28, 13 जून तक
करण
  1. कौलव
    09:11 तक
  2. तैतिल
    19:37 तक
  3. गर
    05:55, 13 जून तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:45
बिंब मध्य 05:48
सूर्यास्त
18:40
बिंब मध्य 18:36
चंद्रोदय
02:39
चंद्रास्त
15:46
दिनमान
12h 55m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मेष
09:25, 13 जून तक
सूर्य राशि
वृषभ

चांद्र पंचांग

अमांत मास
ज्येष्ठ (अधिक मास)
पूर्णिमांत मास
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:16 –05:00
  • प्रातः संध्या04:38 –05:45
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:38
  • विजय मुहूर्त14:21 –15:13
  • गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:02
  • सायाह्न संध्या18:40 –19:46
  • निशीथ मुहूर्त23:50 –00:34, 13 जून
  • अमृत काल23:46 –01:12, 13 जून
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:35 –12:12
  • यमगंड15:26 –17:03
  • गुलिक काल07:21 –08:58
  • दुर्मुहूर्त08:20 –09:11
  • दुर्मुहूर्त12:38 –13:30
  • वर्ज्य15:07 –16:33
  • गंड मूल05:45 –06:28

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:45 – 07:21
  • लाभलाभ07:21 – 08:58
  • अमृतश्रेष्ठ08:58 – 10:35
  • कालहानि10:35 – 12:12
  • शुभशुभ12:12 – 13:49
  • रोगअनिष्ट13:49 – 15:26
  • उद्वेगअशुभ15:26 – 17:03
  • चरसम17:03 – 18:40
रात
  • रोगअनिष्ट18:40 – 20:03
  • कालहानि20:03 – 21:26
  • लाभलाभ21:26 – 22:49
  • उद्वेगअशुभ22:49 – 00:12
  • शुभशुभ00:12 – 01:35
  • अमृतश्रेष्ठ01:35 – 02:58
  • चरसम02:58 – 04:22
  • रोगअनिष्ट04:22 – 05:45

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:45–06:49
बुध06:49–07:54
चन्द्र07:54–08:58
शनि08:58–10:03
गुरु10:03–11:08
मंगल11:08–12:12
सूर्य12:12–13:17
शुक्र13:17–14:21
बुध14:21–15:26
चन्द्र15:26–16:31
शनि16:31–17:35
गुरु17:35–18:40
रात
ग्रहसमय
मंगल18:40–19:35
सूर्य19:35–20:31
शुक्र20:31–21:26
बुध21:26–22:21
चन्द्र22:21–23:17
शनि23:17–00:12
गुरु00:12–01:08
मंगल01:08–02:03
सूर्य02:03–02:58
शुक्र02:58–03:54
बुध03:54–04:49
चन्द्र04:49–05:45

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्विनी 4 पद06:28 तक
  • भरणी 1 पद11:55 तक
  • भरणी 2 पद17:20 तक
  • भरणी 3 पद22:44 तक
  • भरणी 4 पद04:05, 13 जून तक
  • कृत्तिका 1 पद09:25, 13 जून तक
सूर्य नक्षत्र
मृगशिरा 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 55m
रात्रिमान
11h 5m
मध्याह्न
12:12

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्विनी · 06:28 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · 04:05, 13 जून तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पाताल · 19:37 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 19:37 तकभोजन में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:45 –06:01
  • मृत्यु पंचक06:01 –06:28
  • अग्नि पंचक06:28 –08:13
  • शुभ मुहूर्त08:13 –10:23
  • राज पंचक10:23 –12:26
  • शुभ मुहूर्त12:26 –14:28
  • चोर पंचक14:28 –16:35
  • शुभ मुहूर्त16:35 –18:47
  • रोग पंचक18:47 –19:37
  • शुभ मुहूर्त19:37 –20:54
  • मृत्यु पंचक20:54 –22:47
  • अग्नि पंचक22:47 –00:28, 13 जून
  • शुभ मुहूर्त00:28 –02:08, 13 जून
  • मृत्यु पंचक02:08 –03:55, 13 जून
  • अग्नि पंचक03:55 –04:05, 13 जून
  • शुभ मुहूर्त04:05 –05:45, 13 जून

उदय लग्न

  • वृषभ03:59 –06:01
  • मिथुन06:01 –08:13
  • कर्क08:13 –10:23
  • सिंह10:23 –12:26
  • कन्या12:26 –14:28
  • तुला14:28 –16:35
  • वृश्चिक16:35 –18:47
  • धनु18:47 –20:54
  • मकर20:54 –22:47
  • कुम्भ22:47 –00:28, 13 जून
  • मीन00:28 –02:08, 13 जून
  • मेष02:08 –03:55, 13 जून
  • वृषभ03:55 –05:57, 13 जून

पंचांग · तिरुपति, 12 जून 2026

शुक्रवार, 12 जून 2026 को तिरुपति में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 19:37 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र अश्विनी 06:28 तक, फिर भरणी; योग अतिगण्ड 21:25 तक, फिर सुकर्मा; करण कौलव 09:11 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य वृषभ राशि में। राहुकाल 10:35–12:12, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:38। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

तिरुपति में 12 जून 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वादशी 19:37 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 05:45, तिरुपति)।

12 जून 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी 06:28 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 13 जून 09:25 तक।

तिरुपति में 12 जून 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:35–12:12, यमगण्ड 15:26–17:03, गुलिक काल 07:21–08:58।

तिरुपति में 12 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 02:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 जून 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:38, ब्रह्म मुहूर्त 04:16–05:00। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

12 जून 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शुक्र प्रदोष।

तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जून 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2265° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP