पंचांग · शनिवार, 4 अप्रैल 2026तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया10:09 तक
- कृष्ण तृतीया12:00, 5 अप्रैल तक
- स्वातीस्वामी राहु21:35 तक
- विशाखास्वामी गुरु00:07, 6 अप्रैल तक
- हर्षण14:16 तक
- वज्र14:43, 5 अप्रैल तक
- गर10:09 तक
- वणिज23:02 तक
- विष्टि12:00, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:06बिंब मध्य 06:09
- सूर्यास्त
- 18:24बिंब मध्य 18:20
- चंद्रोदय
- 20:20
- चंद्रास्त
- 07:16
- दिनमान
- 12h 18m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- तुला17:27, 5 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:20
- प्रातः संध्या04:56 –06:06
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:40
- विजय मुहूर्त14:18 –15:08
- गोधूलि मुहूर्त18:24 –18:48
- सायाह्न संध्या18:24 –19:35
- निशीथ मुहूर्त23:52 –00:38, 5 अप्रैल
- अमृत काल11:59 –13:44
- राहु काल09:11 –10:43
- यमगंड13:48 –15:20
- गुलिक काल06:06 –07:39
- दुर्मुहूर्त06:06 –06:56
- दुर्मुहूर्त06:56 –07:45
- वर्ज्य03:47 –05:33, 5 अप्रैल
- भद्रा23:02 –06:06, 5 अप्रैल
चौघड़िया
- कालहानि06:06 – 07:39
- शुभशुभ07:39 – 09:11
- रोगअनिष्ट09:11 – 10:43
- उद्वेगअशुभ10:43 – 12:15
- चरसम12:15 – 13:48
- लाभलाभ13:48 – 15:20
- अमृतश्रेष्ठ15:20 – 16:52
- कालहानि16:52 – 18:24
- लाभलाभ18:24 – 19:52
- उद्वेगअशुभ19:52 – 21:20
- शुभशुभ21:20 – 22:47
- अमृतश्रेष्ठ22:47 – 00:15
- चरसम00:15 – 01:43
- रोगअनिष्ट01:43 – 03:10
- कालहानि03:10 – 04:38
- लाभलाभ04:38 – 06:06
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:06–07:08 |
| गुरु | 07:08–08:09 |
| मंगल | 08:09–09:11 |
| सूर्य | 09:11–10:12 |
| शुक्र | 10:12–11:14 |
| बुध | 11:14–12:15 |
| चन्द्र | 12:15–13:17 |
| शनि | 13:17–14:18 |
| गुरु | 14:18–15:20 |
| मंगल | 15:20–16:21 |
| सूर्य | 16:21–17:23 |
| शुक्र | 17:23–18:24 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:24–19:23 |
| चन्द्र | 19:23–20:21 |
| शनि | 20:21–21:20 |
| गुरु | 21:20–22:18 |
| मंगल | 22:18–23:17 |
| सूर्य | 23:17–00:15 |
| शुक्र | 00:15–01:14 |
| बुध | 01:14–02:12 |
| चन्द्र | 02:12–03:10 |
| शनि | 03:10–04:09 |
| गुरु | 04:09–05:07 |
| मंगल | 05:07–06:06 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- स्वाती 2 पद08:27 तक
- स्वाती 3 पद15:00 तक
- स्वाती 4 पद21:35 तक
- विशाखा 1 पद04:11, 5 अप्रैल तक
- विशाखा 2 पद10:49, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 18m
- रात्रिमान
- 11h 42m
- मध्याह्न
- 12:15
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 10:09 तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 10:09 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:06 –06:43
- राज पंचक06:43 –08:30
- शुभ मुहूर्त08:30 –10:09
- चोर पंचक10:09 –10:33
- शुभ मुहूर्त10:33 –12:44
- रोग पंचक12:44 –14:54
- शुभ मुहूर्त14:54 –16:57
- मृत्यु पंचक16:57 –18:59
- अग्नि पंचक18:59 –21:06
- शुभ मुहूर्त21:06 –21:35
- राज पंचक21:35 –23:18
- शुभ मुहूर्त23:18 –01:25, 5 अप्रैल
- चोर पंचक01:25 –03:18, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:18 –05:00, 5 अप्रैल
- रोग पंचक05:00 –06:06, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:04 –06:43
- मेष06:43 –08:30
- वृषभ08:30 –10:33
- मिथुन10:33 –12:44
- कर्क12:44 –14:54
- सिंह14:54 –16:57
- कन्या16:57 –18:59
- तुला18:59 –21:06
- वृश्चिक21:06 –23:18
- धनु23:18 –01:25, 5 अप्रैल
- मकर01:25 –03:18, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:18 –05:00, 5 अप्रैल
- मीन05:00 –06:39, 5 अप्रैल
पंचांग · तिरुपति, 4 अप्रैल 2026
शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को तिरुपति में सूर्योदय 06:06 और सूर्यास्त 18:24 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 10:09 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र स्वाती 21:35 तक, फिर विशाखा; योग हर्षण 14:16 तक, फिर वज्र; करण गर 10:09 तक, फिर वणिज। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 09:11–10:43, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:40। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 4 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 10:09 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:06, तिरुपति)।
4 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
स्वाती 21:35 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 5 अप्रैल 17:27 तक।
तिरुपति में 4 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:11–10:43, यमगण्ड 13:48–15:20, गुलिक काल 06:06–07:39।
तिरुपति में 4 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:24, चंद्रोदय 20:20 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:20। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2239° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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