पंचांग · रविवार, 17 सितंबर 2028श्रीनगर

भाद्रपद · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2085

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:15सूर्योदय18:34सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 07:30 तक
नक्षत्र
मघा
18:24 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1518:34
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:02 –18:34
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:15दिन18:34
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:34रात06:16
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    07:30 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    03:47, 18 सित॰ तक
  3. अमावस्या
    23:53, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
  1. मघास्वामी केतु
    18:24 तक
  2. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    15:22, 18 सित॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    12:06 तक
  2. साध्य
    07:52, 18 सित॰ तक
करण
  1. वणिज
    07:30 तक
  2. विष्टि
    17:40 तक
  3. शकुनि
    03:47, 18 सित॰ तक
  4. चतुष्पाद
    13:51, 18 सित॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:15
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
18:34
बिंब मध्य 18:30
चंद्रोदय
04:20
चंद्रास्त
17:26
दिनमान
12h 19m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
सिंह
20:36, 18 सित॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:42 –05:29
  • प्रातः संध्या05:06 –06:15
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:28 –15:17
  • गोधूलि मुहूर्त18:34 –18:58
  • सायाह्न संध्या18:34 –19:45
  • निशीथ मुहूर्त00:02 –00:49, 18 सित॰
  • अमृत काल16:17 –17:42
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:02 –18:34
  • यमगंड12:25 –13:57
  • गुलिक काल15:30 –17:02
  • दुर्मुहूर्त16:56 –17:45
  • वर्ज्य07:47 –09:12
  • वर्ज्य01:24 –02:47, 18 सित॰
  • गंड मूल06:15 –18:24
  • भद्रा07:30 –17:40

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:15 – 07:48
  • चरसम07:48 – 09:20
  • लाभलाभ09:20 – 10:53
  • अमृतश्रेष्ठ10:53 – 12:25
  • कालहानि12:25 – 13:57
  • शुभशुभ13:57 – 15:30
  • रोगअनिष्ट15:30 – 17:02
  • उद्वेगअशुभ17:02 – 18:34
रात
  • शुभशुभ18:34 – 20:02
  • अमृतश्रेष्ठ20:02 – 21:30
  • चरसम21:30 – 22:58
  • रोगअनिष्ट22:58 – 00:25
  • कालहानि00:25 – 01:53
  • लाभलाभ01:53 – 03:21
  • उद्वेगअशुभ03:21 – 04:48
  • शुभशुभ04:48 – 06:16

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:15–07:17
शुक्र07:17–08:19
बुध08:19–09:20
चन्द्र09:20–10:22
शनि10:22–11:23
गुरु11:23–12:25
मंगल12:25–13:26
सूर्य13:26–14:28
शुक्र14:28–15:30
बुध15:30–16:31
चन्द्र16:31–17:33
शनि17:33–18:34
रात
ग्रहसमय
गुरु18:34–19:33
मंगल19:33–20:31
सूर्य20:31–21:30
शुक्र21:30–22:28
बुध22:28–23:27
चन्द्र23:27–00:25
शनि00:25–01:24
गुरु01:24–02:22
मंगल02:22–03:21
सूर्य03:21–04:19
शुक्र04:19–05:18
बुध05:18–06:16

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मघा 2 पद07:50 तक
  • मघा 3 पद13:08 तक
  • मघा 4 पद18:24 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद23:40 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद04:55, 18 सित॰ तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद10:09, 18 सित॰ तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 19m
रात्रिमान
11h 42m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मघा · 18:24 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्व फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पाताल · 07:30 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:47, 18 सित॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 07:30 तकश्मशान में · 03:47, 18 सित॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:15 –06:17
  • शुभ मुहूर्त06:17 –07:30
  • मृत्यु पंचक07:30 –08:40
  • अग्नि पंचक08:40 –11:05
  • शुभ मुहूर्त11:05 –13:26
  • राज पंचक13:26 –15:29
  • शुभ मुहूर्त15:29 –17:06
  • चोर पंचक17:06 –18:24
  • शुभ मुहूर्त18:24 –18:27
  • रोग पंचक18:27 –19:46
  • चोर पंचक19:46 –21:16
  • शुभ मुहूर्त21:16 –23:09
  • रोग पंचक23:09 –01:25, 18 सित॰
  • शुभ मुहूर्त01:25 –03:47, 18 सित॰
  • मृत्यु पंचक03:47 –03:50, 18 सित॰
  • अग्नि पंचक03:50 –06:13, 18 सित॰
  • शुभ मुहूर्त06:13 –06:16, 18 सित॰

उदय लग्न

  • सिंह03:54 –06:17
  • कन्या06:17 –08:40
  • तुला08:40 –11:05
  • वृश्चिक11:05 –13:26
  • धनु13:26 –15:29
  • मकर15:29 –17:06
  • कुम्भ17:06 –18:27
  • मीन18:27 –19:46
  • मेष19:46 –21:16
  • वृषभ21:16 –23:09
  • मिथुन23:09 –01:25, 18 सित॰
  • कर्क01:25 –03:50, 18 सित॰
  • सिंह03:50 –06:13, 18 सित॰
  • कन्या06:13 –08:36, 18 सित॰

पंचांग · श्रीनगर, 17 सितंबर 2028

रविवार, 17 सितंबर 2028 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:34 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 07:30 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र मघा 18:24 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग सिद्ध 12:06 तक, फिर साध्य; करण वणिज 07:30 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 17:02–18:34, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 17 सितंबर 2028 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 07:30 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:15, श्रीनगर)।

17 सितंबर 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा 18:24 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 18 सितंबर 20:36 तक।

श्रीनगर में 17 सितंबर 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:02–18:34, यमगण्ड 12:25–13:57, गुलिक काल 15:30–17:02।

श्रीनगर में 17 सितंबर 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:34, चंद्रोदय 04:20 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 सितंबर 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:42–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2582° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP